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पाली पुलिस के ऑपरेशन जागृति ने हाईवे पर भटकती महिला को दी नई जिंदगी

पाली पुलिस की एंटी रोमियो टीम ने हाईवे पर असहाय मिली मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को रेस्क्यू कर पुनर्वास गृह पहुंचाया।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
पाली पुलिस के ऑपरेशन जागृति ने हाईवे पर भटकती महिला को दी नई जिंदगी

पाली। पाली जिले में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन जागृति के तहत पुलिस ने एक अत्यंत संवेदनशील और मानवीय कार्य को अंजाम दिया है। पुलिस अधीक्षक मोनिका सेन के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के दौरान एंटी रोमियो टीम ने हाईवे पर भटक रही एक असहाय महिला को सुरक्षित रेस्क्यू कर उसे आश्रय प्रदान किया है। यह कार्रवाई पुलिस की तत्परता और सामाजिक सरोकार का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

घटना की जानकारी तब मिली जब समाजसेवी रिजवान ने एंटी रोमियो टीम-1090 की प्रभारी हेड कांस्टेबल पार्वती चारण को सूचित किया कि पणिहारी चौराहे के पास जयपुर हाईवे पर एक महिला संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रही है। अंधेरा होने और वाहनों की तेज आवाजाही के कारण महिला की जान को खतरा हो सकता था। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर महिला को अपनी सुरक्षा में लिया।

महिला मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण अपना नाम और पता बताने की स्थिति में नहीं थी। पुलिस ने उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुए उसे तत्काल मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह में भर्ती कराया। दिव्यांग सेवा संस्थान द्वारा संचालित इस केंद्र में महिला को आवश्यक चिकित्सा और देखभाल उपलब्ध कराई गई। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि महिला को किसी प्रकार की शारीरिक चोट नहीं आई है, जो कि एक राहत की बात रही।

बाद में की गई पड़ताल में महिला की पहचान जाडन निवासी इंदिरा मेघवाल के रूप में हुई। पुलिस ने उनके परिजनों से संपर्क साधने का प्रयास किया है, लेकिन फिलहाल महिला पुनर्वास गृह में ही सुरक्षित है। इस पूरी कार्रवाई में हेड कांस्टेबल पार्वती चारण के साथ विमल कंवर, पूनम, भावना और वाहन चालक श्याम सिंह की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। समाजसेवी रिजवान का सहयोग भी इस रेस्क्यू को सफल बनाने में महत्वपूर्ण रहा।

मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह प्रबंधन ने पाली पुलिस की इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है। ऑपरेशन जागृति के माध्यम से पुलिस न केवल अपराधों पर नियंत्रण रख रही है, बल्कि असहाय लोगों की मदद के लिए भी आगे आ रही है। यह घटना साबित करती है कि पुलिस और समाज का समन्वय किसी भी जरूरतमंद की जिंदगी को सुरक्षित बनाने में कितना प्रभावी हो सकता है।

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