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डीग पुलिस का बड़ा प्रहार: साइबर ठगी के लिए फर्जी खातों और सिम की सप्लाई करने वाला गिरोह गिरफ्तार

डीग पुलिस ने 'ऑपरेशन काउंटडाउन' के तहत एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो साइबर ठगों को फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड मुहैया कराता था।

संवाददाता: हिमांशु चौधरी
डीग पुलिस का बड़ा प्रहार: साइबर ठगी के लिए फर्जी खातों और सिम की सप्लाई करने वाला गिरोह गिरफ्तार

डीग। डीग पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन काउंटडाउन' के तहत एक बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना समेत 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो संगठित तरीके से साइबर ठगों को फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने का काम करते थे। इस कार्रवाई से साइबर अपराध की दुनिया में सक्रिय एक बड़ी सप्लाई चेन की परतें खुल गई हैं।

पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. ने बताया कि यह गिरोह अब तक राजस्थान और हरियाणा के साइबर ठगों को करीब 500 फर्जी बैंक खाते और 1500 सिम कार्ड सप्लाई कर चुका था। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज 287 शिकायतों के आधार पर जांच में करीब 28 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के तार इस गिरोह से जुड़े पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार, यह आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है क्योंकि बरामद डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण जारी है।

जांच में सामने आया कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से काम कर रहे थे। फर्जी सिम कार्ड 2000 रुपये तक और बैंक खाते 10,000 रुपये तक में बेचे जाते थे। इसके अलावा, ठगी की रकम के लेन-देन पर 20 प्रतिशत तक कमीशन वसूला जाता था। इस नेटवर्क में एक बैंक कर्मचारी और सिम कार्ड संचालक की गिरफ्तारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि गिरोह ने बैंकिंग और दूरसंचार सेवाओं में सेंधमारी कर रखी थी।

पुलिस ने आरोपियों के पास से 24 मोबाइल फोन, 81 सिम कार्ड, लैपटॉप, एटीएम कार्ड और अन्य बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। इसके साथ ही, ठगी की रकम से खरीदी गई स्कॉर्पियो, थार, क्रेटा और एक बुलेट मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। मौके से 85,600 रुपये की नकदी भी बरामद हुई है।

कैथवाड़ा थाना पुलिस और जिला डीएसटी टीम की संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता मिली है। पुलिस अब 200 से अधिक म्यूल खातों की जांच कर रही है ताकि ठगी की रकम के अंतिम लाभार्थियों तक पहुंचा जा सके। पुलिस का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस पूरे नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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