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जयपुर में ओबीसी आरक्षण और सामाजिक न्याय पर मंथन, एलआईसी के राष्ट्रीय अधिवेशन में उठी आवाज

जयपुर में आयोजित ऑल इंडिया एलआईसी ओबीसी वेलफेयर एसोसिएशन के दसवें राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर के 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने आरक्षण और संवैधानिक अधिकारों पर चर्चा की।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
जयपुर में ओबीसी आरक्षण और सामाजिक न्याय पर मंथन, एलआईसी के राष्ट्रीय अधिवेशन में उठी आवाज

जयपुर। जयपुर में ऑल इंडिया एलआईसी ओबीसी वेलफेयर एसोसिएशन के दसवें राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से आए 300 से अधिक प्रतिनिधियों ने ओबीसी आरक्षण, संवैधानिक अधिकारों और सामाजिक न्याय के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक उपक्रमों में प्रतिनिधित्व और कर्मचारी कल्याण के मुद्दों को प्रमुखता से उठाना था।

राजस्थान राज्य ओबीसी आयोग के अध्यक्ष मदन लाल भाटी ने अधिवेशन को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को शिक्षित और जागरूक बनाना समय की मांग है। उन्होंने लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया और ज्ञान व योग्यता पर आधारित समाज के निर्माण पर जोर दिया।

सेवानिवृत्त आरएएस अधिकारी जस्सा राम चौधरी ने आरक्षण की व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आरक्षित वर्गों को अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित रहना होगा। उन्होंने 7 अगस्त 1990 को मंडल आयोग की सिफारिशों के कार्यान्वयन के बाद केंद्र सरकार की नौकरियों में मिले 27 प्रतिशत आरक्षण के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने रोस्टर व्यवस्था और रिक्त पदों पर भर्ती में पारदर्शिता की आवश्यकता पर भी बल दिया।

चौधरी ने वर्तमान में लेटरल एंट्री और संविदा भर्ती जैसी प्रक्रियाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि ये तरीके आरक्षण को निष्प्रभावी बनाने का प्रयास हो सकते हैं। उन्होंने आगामी जनगणना में ओबीसी वर्ग की सही गणना के लिए अलग कॉलम की मांग की और कहा कि समावेशी विकास के लिए जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण मिलना अनिवार्य है।

अखिल भारतीय अध्यक्ष योगेंद्र सिंह और उत्तर क्षेत्रीय समिति के अध्यक्ष राजेश कसोदनिया ने संगठन की मजबूती और इतिहास के प्रति जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया। जयपुर मंडल अध्यक्ष बी.एल. मंडीवाल ने कहा कि कर्मचारी कल्याण से संस्था की कार्यक्षमता में वृद्धि होती है। अधिवेशन में प्रबंधन और कर्मचारियों के बीच संवाद बढ़ाने और सामाजिक सुरक्षा के मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा की गई, जिससे संगठन की भावी कार्ययोजना को दिशा मिल सके।

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