भोपाल में पिछड़ा वर्ग महापंचायत की चिंतन बैठक: अधिकारों और भविष्य की दिशा पर मंथन
भोपाल के बाग मुगालिया में आयोजित चिंतन बैठक में 35 समाजों के प्रतिनिधियों ने पिछड़ा वर्ग के उत्थान और भावी पीढ़ी के भविष्य पर चर्चा की।

भोपाल। मध्य प्रदेश के पिछड़ा वर्ग महापंचायत की एक महत्वपूर्ण चिंतन बैठक 30 जुलाई को भोपाल के बाग मुगालिया स्थित कुबेर डेयरी के बैंक्केट हॉल में संपन्न हुई। इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य पिछड़ा वर्ग के विकास, उनके अधिकारों की रक्षा और आने वाली पीढ़ी के उज्जवल भविष्य के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करना था।
बैठक में राष्ट्रीय क्रांतिकारी संत तरुण मुरारी बापू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता पिछड़ा वर्ग महापंचायत मध्य प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राजेश विश्वकर्मा ने की। वक्ताओं ने समाज के पिछड़ेपन को दूर करने और उन्हें मुख्यधारा में लाने के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों में वीर तेजाजी कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मी नारायण गोरा, स्वर्ण कला बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष दुर्गेश सोनी और शुजालपुर नगर पालिका अध्यक्ष व पिछड़ा वर्ग महिला विंग की प्रदेश अध्यक्ष बबीता परमार उपस्थित रहीं। इन नेताओं ने समाज के विभिन्न वर्गों के बीच समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया।
इस चिंतन सत्र में 35 अलग-अलग समाजों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें कई राष्ट्रीय और प्रदेश स्तरीय अध्यक्ष शामिल थे। विभिन्न समाजों के पदाधिकारियों की उपस्थिति ने इस बैठक को एक व्यापक स्वरूप प्रदान किया, जिससे पिछड़ा वर्ग के मुद्दों को मजबूती से उठाने का मार्ग प्रशस्त हुआ।
जाट समाज के प्रतिनिधियों ने भी इस चर्चा में सक्रिय भूमिका निभाई। इनमें कुबेर सिंह जाट, हरनारायण जाट माली, वीरेंद्र सिंह जाट, हरनारायण सिंह जाट, भीम सिंह जाट, चंदन सिंह जाट, देवेंद्र सिंह जाट और रामेश्वर जाट सहित कई प्रमुख हस्तियां शामिल थीं। इन सभी ने अपने अनुभवों के आधार पर समाज के उत्थान के लिए सुझाव दिए।
बैठक के समापन पर सभी प्रतिनिधियों ने एकमत होकर समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया। यह चिंतन बैठक आने वाले समय में पिछड़ा वर्ग के अधिकारों की लड़ाई और उनके सशक्तिकरण के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।
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