साहित्य और संस्कृति के लिए उदयवीर सिंह यादव को मिला मुंशी प्रेमचंद भाषा सारथी सम्मान
भारतीय स्टेट बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक और पूर्व सैनिक उदयवीर सिंह यादव को हिंदी साहित्य में उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया है।

जयपुर। जयपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य प्रबंधक और पूर्व सैनिक उदयवीर सिंह यादव को संगम अकादमी पब्लिकेशंस द्वारा मुंशी प्रेमचंद भाषा सारथी सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान उन्हें हिंदी साहित्य के संवर्धन और सांस्कृतिक चेतना को जगाने की दिशा में किए गए उनके निरंतर प्रयासों के लिए दिया गया है। अपनी जीवटता और समाज सेवा के लिए पहचाने जाने वाले यादव ने एक बार फिर अपनी उपलब्धियों से शहर का नाम गौरवान्वित किया है।
उदयवीर सिंह यादव का जीवन संघर्ष और सफलता की एक अनूठी मिसाल है। भारतीय सेना की सिग्नल कोर में सेवा देने के दौरान वर्ष 1997 में एक दुर्घटना में उन्होंने अपने दोनों पैर खो दिए थे। इस कठिन परिस्थिति के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और शिक्षा को अपना संबल बनाया। उन्होंने तीन स्नातकोत्तर उपाधियां हासिल कर यह साबित किया कि दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे कोई भी बाधा टिक नहीं सकती।
उनकी सकारात्मक सोच और समाज के प्रति समर्पण का ही परिणाम है कि उन्हें अब तक 150 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिल चुके हैं। इनमें जनरल विपिन रावत लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड और राजस्थान सरकार का सर्वश्रेष्ठ विशेष योग्यजन सम्मान प्रमुख हैं। उनके जीवन पर बनी लघु फिल्म उदयवीर रियल हीरो इंडियन आर्मी को जयपुर अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में भी सराहा गया है।
यादव वर्तमान में युवाओं को प्रेरित करने और उन्हें अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं। वे रक्तदान शिविरों के आयोजन और प्रेरणादायक व्याख्यानों के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सक्रिय हैं। साहित्यिक मंचों पर उनकी उपस्थिति युवाओं को भाषा और संस्कृति के प्रति जागरूक करने का काम करती है।
सम्मान प्राप्त करने के बाद उदयवीर सिंह यादव ने कहा कि भाषा ही हमारी वास्तविक पहचान है। उन्होंने मुंशी प्रेमचंद के आदर्शों को अपना मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि वे भविष्य में भी हिंदी और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान देते रहेंगे। उनका यह सम्मान न केवल उनके लिए गौरव का विषय है, बल्कि यह अन्य युवाओं के लिए भी राष्ट्र निर्माण की दिशा में कार्य करने की प्रेरणा है।
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