दिल्ली आंदोलन के बाद जयपुर लौटे सीजेपी प्रवक्ता आशुतोष रांका, शिक्षा सुधार के लिए जारी रहेगा संघर्ष
दिल्ली में दो महीने तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और दीपक बालियान जयपुर लौट रहे हैं। वे राजस्थान यूनिवर्सिटी में छात्रों से संवाद करेंगे।

जयपुर। दिल्ली में पिछले दो महीनों से जारी विरोध प्रदर्शनों के बाद, कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका और दीपक बालियान मंगलवार को जयपुर वापस आ रहे हैं। अपनी वापसी के साथ ही, दोनों नेताओं ने राजस्थान यूनिवर्सिटी परिसर में शाम 5 बजे छात्र-छात्राओं के साथ एक विशेष संवाद कार्यक्रम निर्धारित किया है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आंदोलन की आगामी रूपरेखा पर चर्चा करना और युवाओं के साथ मिलकर भविष्य की रणनीति तैयार करना है।
आशुतोष रांका ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली में चले लंबे संघर्ष के बाद भी उनकी मुहिम थमी नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की शैक्षणिक व्यवस्था में गुणात्मक बदलाव लाने के लिए उनका संगठन तब तक चैन से नहीं बैठेगा जब तक कि पूरी प्रणाली को दुरुस्त नहीं कर दिया जाता। रांका के अनुसार, यह आंदोलन अब एक नए चरण में प्रवेश कर रहा है, जहाँ वे जमीनी स्तर पर छात्रों की समस्याओं को और अधिक प्रभावी ढंग से उठाने की योजना बना रहे हैं।
हाल ही में वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल की उपस्थिति में हुई एक प्रेस वार्ता के दौरान, सीजेपी प्रवक्ताओं ने केंद्र सरकार को मंगलवार तक का कड़ा अल्टीमेटम दिया था। उन्होंने मांग की है कि सभी दर्ज एफआईआर को तुरंत वापस लिया जाए और गिरफ्तार किए गए छात्रों को बिना शर्त रिहा किया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं, तो वे दिल्ली में फिर से अपना आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।
भविष्य की योजनाओं पर बात करते हुए आशुतोष रांका ने कहा कि वे इस अभियान को अब पूरे देश में विस्तारित करने की तैयारी कर रहे हैं। उनका लक्ष्य संगठन को मजबूत करना और शिक्षा से जुड़े उन मुद्दों को उठाना है जो युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। रांका ने संकेत दिए हैं कि यदि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने की आवश्यकता पड़ी, तो वे उस विकल्प पर भी गंभीरता से विचार करेंगे। उनका मानना है कि युवाओं की आवाज को नीति-निर्धारकों तक पहुँचाना ही उनकी प्राथमिकता है।
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