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जयपुर टाइम्स
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पहाड़ों पर मानसून का पहरा: उत्तराखंड के पांच जिलों में स्कूल बंद, नौ जिलों में ऑरेंज अलर्ट

भारी से बहुत भारी बारिश के बीच भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा, चारधाम यात्रियों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी के बाद पांच जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और यात्रियों को सतर्क रहने को कहा गया है।
उत्तराखंड में भारी बारिश की चेतावनी के बाद पांच जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं और यात्रियों को सतर्क रहने को कहा गया है।

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की गतिविधियां तेज होने के बाद प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग ने प्रदेश के नौ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए पांच जिलों में कक्षा 12 तक के स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों में स्कूल बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। संबंधित जिला प्रशासन ने अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधनों से आदेश का पालन करने तथा बच्चों को बारिश के दौरान नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रखने की अपील की है।

उत्तरकाशी, देहरादून, टिहरी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधमसिंह नगर, बागेश्वर, पिथौरागढ़ और नैनीताल जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश, मेघगर्जन, आकाशीय बिजली और कुछ स्थानों पर कम समय में अत्यधिक तेज बौछारें पड़ने की संभावना है।

हरिद्वार, पौड़ी, अल्मोड़ा और चम्पावत सहित प्रदेश के शेष जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश, बिजली चमकने और तीव्र बौछारों की संभावना बनी हुई है।

लगातार बारिश से संवेदनशील पहाड़ी ढलानों पर भूस्खलन और चट्टान गिरने का खतरा बढ़ गया है। राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर मलबा आने से यातायात बाधित हो सकता है। प्रशासन ने सड़क निर्माण एजेंसियों को संवेदनशील स्थानों पर मशीनें और कर्मचारियों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।

आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को सतर्क रहने, नियंत्रण कक्ष सक्रिय रखने और नदी-नालों के जलस्तर पर लगातार नजर रखने को कहा है। पुलिस, एसडीआरएफ और स्थानीय बचाव टीमों को भी जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।

चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं से मौसम की स्थिति देखकर ही आगे बढ़ने की अपील की गई है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्गों पर भूस्खलन या मलबा आने की स्थिति में वाहनों को सुरक्षित स्थानों पर रोका जा सकता है।

यात्रियों को स्थानीय पुलिस और जिला प्रशासन की अनुमति के बिना बंद मार्गों पर आगे नहीं बढ़ने की सलाह दी गई है। नदी किनारे वाहन खड़ा करने, पहाड़ी से गिरते पानी के नीचे रुकने और तेज बहाव वाली सड़क को पार करने से बचने को कहा गया है।

भारी बारिश के कारण छोटी नदियों और बरसाती नालों में अचानक पानी बढ़ सकता है। पर्वतीय क्षेत्रों में ऊपरी हिस्से में हुई बारिश का पानी बहुत कम समय में निचले क्षेत्रों तक पहुंच सकता है, इसलिए स्थानीय लोगों को मौसम साफ दिखाई देने पर भी नदी के बहाव से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

देहरादून और अन्य मैदानी क्षेत्रों में तेज बारिश से सड़कों पर जलभराव तथा यातायात प्रभावित होने की संभावना है। वहीं पर्वतीय जिलों में बिजली और संचार सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल मौसम विभाग, राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, जिला प्रशासन तथा पुलिस की आधिकारिक सूचनाओं का पालन करने की अपील की है।

आने वाले तीन दिनों के दौरान प्रदेश के अधिकांश जिलों में बारिश जारी रहने की संभावना है। परिस्थितियों को देखते हुए स्कूलों की छुट्टी और यात्रा से संबंधित फैसले जिला प्रशासन द्वारा मौसम के अनुसार आगे भी लिए जा सकते हैं।

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