राजस्थान में मानसून की धमाकेदार वापसी, जयपुर समेत कई जिलों में झमाझम बारिश का दौर
30 जुलाई से 2 अगस्त तक बारिश की गतिविधियां तेज रहने के आसार, पूर्वी राजस्थान में कहीं-कहीं अतिभारी बारिश की चेतावनी

जयपुर। राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव, मानसून ट्रफ लाइन और दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के आसपास सक्रिय परिसंचरण तंत्र के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है।
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर और कोटा संभाग में बारिश का नया दौर शुरू हो गया है। कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश हो सकती है। मेघगर्जन के दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका है।
जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, बारां, झालावाड़, भीलवाड़ा, राजसमंद, उदयपुर, सलूंबर, सिरोही और जालोर सहित कई जिलों के लिए मेघगर्जन और बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
जयपुर शहर में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में अचानक तेज बौछारें पड़ सकती हैं, जिससे निचली सड़कों और अंडरपास में अस्थायी जलभराव की स्थिति बन सकती है। वाहन चालकों को तेज बारिश के दौरान गति कम रखने और जलमग्न सड़क में वाहन नहीं उतारने की सलाह दी गई है।
29 जुलाई से बारिश का दायरा और बढ़ने की संभावना है। कोटा, भरतपुर, जयपुर, अजमेर, उदयपुर और बीकानेर संभाग के कई हिस्सों में मानसून सक्रिय रह सकता है। दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी राजस्थान में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है।
30 और 31 जुलाई को पूर्वी राजस्थान के चुनिंदा क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी राजस्थान के कुछ जिलों में भी बारिश और मेघगर्जन की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। इसके बाद एक और दो अगस्त को प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
बारिश के कारण प्रदेश में दिन के तापमान में गिरावट हो सकती है, लेकिन वातावरण में नमी बढ़ने से उमस बनी रहने की संभावना है। जयपुर में अगले कुछ दिनों के दौरान अधिकतम तापमान लगभग 30 से 34 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
लगातार या तेज बारिश होने पर जयपुर की निचली कॉलोनियों, रेलवे अंडरपास, अजमेर रोड, सीकर रोड, टोंक रोड और शहर के अन्य जलभराव वाले क्षेत्रों में यातायात प्रभावित हो सकता है। नगर निकाय और आपदा प्रबंधन से जुड़े विभागों को नालों तथा जल निकासी वाले स्थानों पर निगरानी रखने की आवश्यकता होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में तेज बारिश से खेतों में पानी भर सकता है। किसानों को फसलों और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने, बिजली चमकने के दौरान खुले खेतों में नहीं रुकने और मौसम साफ होने तक पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने की सलाह दी गई है।
बांधों, तालाबों और नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में बारिश होने से जलस्तर बढ़ने की संभावना है। लोगों से बहते पानी को पैदल या वाहन से पार नहीं करने और बच्चों को जलाशयों तथा उफनते नालों से दूर रखने की अपील की गई है।
प्रदेश में बारिश का यह दौर किसानों और जलाशयों के लिए राहत लेकर आ सकता है, लेकिन कम समय में अधिक पानी बरसने से शहरी जलभराव और स्थानीय बाढ़ की समस्या भी पैदा हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से जिला स्तर पर जारी होने वाले तात्कालिक पूर्वानुमान और चेतावनियों का पालन करने को कहा है।
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