सुमेरपुर में मंत्री का सख्त रुख: मंच पर ठेकेदार का सम्मान रुकवाया, गुणवत्ता से समझौता करने वालों को दी चेतावनी
कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने सुमेरपुर में विकास कार्यों के शिलान्यास के दौरान ठेकेदारों को स्पष्ट संदेश दिया कि जनता के पैसे से काम करने वाले ठेकेदारों का सम्मान नहीं, बल्कि गुणवत्ता देखी जाएगी।

सुमेरपुर। सुमेरपुर में शुक्रवार को 49.60 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा परियोजनाओं के शिलान्यास समारोह के दौरान उस समय माहौल पूरी तरह बदल गया जब कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने मंच से एक ठेकेदार के सम्मान को बीच में ही रुकवा दिया। पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे किसी भी ठेकेदार का सम्मान नहीं करेंगे, क्योंकि ठेकेदारों की पहचान उनके काम की गुणवत्ता और जवाबदेही से होनी चाहिए, न कि मंच पर मिलने वाले सम्मान से।
मंत्री ने सार्वजनिक मंच से अधिकारियों को हिदायत दी कि भविष्य में किसी भी ठेकेदार की पैरवी या विशेष व्यवहार का प्रयास न किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे से बनने वाले कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री के इस कड़े रुख से कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच हड़कंप मच गया और यह पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों की अनदेखी या घटिया सामग्री का उपयोग पाया गया, तो संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उसका भुगतान भी रोक दिया जाएगा। उन्होंने डेंडा–गुंदोज सड़क और मनिहारी क्षेत्र की पेयजल योजना का उदाहरण देते हुए बताया कि पूर्व में भी अनियमितताएं पाए जाने पर ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है और नए सिरे से टेंडर जारी किए गए हैं।
मंत्री ने अधिकारियों को भी अपनी जिम्मेदारी समझने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों की निगरानी केवल कागजों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि प्रशासन को निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करनी होगी। समारोह में 35 करोड़ रुपये के उप जिला चिकित्सालय, 7.10 करोड़ रुपये के खैरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और अन्य पशु चिकित्सा परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, जिनसे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
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