श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर में चौ. चरण सिंह जयंती पर किसान दिवस का आयोजन

Dec 24, 2025 - 14:39
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श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर में चौ. चरण सिंह जयंती पर किसान दिवस का आयोजन

श्री कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, जोबनेर द्वारा माननीय पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के जन्मदिवस को “किसान दिवस” के रूप में भव्य आयोजन के साथ मनाया गया। इस अवसर पर किसानों के साथ संवाद कार्यक्रम का आयोजन फार्मर्स फॉर्म, प्रसार शिक्षा निदेशालय, जोबनेर एवं इफैको के संयुक्त सौजन्य से कृषि महाविद्यालय, जोबनेर के सरस्वती सभागार में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय कुलगुरु प्रो. डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान का फार्मर्स फॉर्म के आयोजकों द्वारा शॉल एवं साफा पहनाकर तथा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।

कार्यक्रम से पूर्व आयोजक समिति द्वारा आयोजित कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन माननीय मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा किया गया। इसके पश्चात सरस्वती वंदना एवं विश्वविद्यालय कुलगीत के साथ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।

इस अवसर पर माननीय कुलगुरु प्रो. डॉ. पुष्पेंद्र सिंह चौहान ने चौधरी चरण सिंह जी के राष्ट्र एवं कृषि क्षेत्र में दिए गए योगदान पर प्रकाश डालते हुए किसानों से रसायन मुक्त खेती को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक खेती अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने जैविक उत्पादों के बेहतर मूल्य प्राप्त करने हेतु अनाजों के प्रसंस्करण एवं लघु स्तर की प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना पर बल देते हुए आय दोगुनी करने की संभावनाओं को रेखांकित किया। साथ ही कृषि शिक्षा में छात्राओं की बढ़ती भागीदारी को महिला सशक्तिकरण एवं राष्ट्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने किसानों की सफलता की कहानियों के प्रकाशन तथा नवाचारों को अधिक से अधिक किसानों तक पहुँचाने की आवश्यकता पर भी विशेष जोर दिया।

विशिष्ट अतिथि फार्मर्स फॉर्म के अध्यक्ष एवं पूर्व संयुक्त शासन सचिव श्री मेवाराम जाट ने चौधरी चरण सिंह जी के जन्मदिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसान देश के अन्नदाता हैं तथा चौधरी साहब का संदेश किसानों को शिक्षित, संगठित एवं आत्मनिर्भर बनाने की प्रेरणा देता है।

विशिष्ट अतिथि डॉ. सुवा लाल जाट, डायरेक्टर आत्मा ने इस एरिया में बढ़ती हाइटेक बागवानी की चर्चा करते हुए किसानों को सरकार की विभिन्न कृषि योजनाओं पर प्रकाश डाला।
इफको के हैड डॉ. ए. पी. सिंह ने किसानों को संतुलित पोषक तत्वों के समुचित उपयोग की सलाह दी।
फार्मर्स फॉर्म के प्रमुख सचिव बी. एल. मंडीवाल ने फार्मर्स फॉर्म की गतिविधियों की जानकारी देते हुए चौधरी चरण सिंह की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डाला।

प्रसार शिक्षा निदेशालय के निदेशक डॉ. आर. एन. शर्मा ने अपने उद्बोधन में किसानों को अपने उत्पाद बिचौलियों के माध्यम से न बेचकर सीधे उपभोक्ताओं तक पहुँचाने का सुझाव दिया, जिससे किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सके। साथ ही उन्होंने बढ़ती जनसंख्या के अनुरूप प्रति इकाई क्षेत्र से अधिक उत्पादन बढ़ाने का आह्वान किया।

निदेशक कृषि अनुसंधान डॉ. उम्मेद सिंह ने नरेगा के संशोधित बिल “विकसित भारत जी राम जी” की जानकारी देते हुए इसे किसानों के लिए लाभकारी बताया।

रुद्र शिवम डेयरी के संचालक सुरेंद्र अवाना ने किसानों के नवाचारों को देश की कृषि नीति में शामिल करने  हेतु इस मंच के माध्यम से पहल करने का आह्वान किया, जिससे किसानों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य प्राप्त हो सके। उन्होंने फल, सब्जी एवं दुग्ध उत्पादों के लिए लघु स्तर की प्रसंस्करण इकाइयाँ स्थापित करने पर बल देते हुए चौधरी साहब की सोच को नमन किया।

इस अवसर पर फार्मर्स फॉर्म द्वारा 11 नवाचारी एवं प्रगतिशील कृषकों को “डॉ. आर. एस. परोधा किसान रत्न सम्मान” से सम्मानित किया गया। सम्मानित कृषकों में नवहिंद सिंह चौधरी (टोंक), तेजाराम जी तेतरवाल, मुकेश कुमार यादव, हरिराम जी चौधरी (टोंक), जवान सिंह (डांसरोली), देवी लाल मीणा (नागौर), उर्मिला चौधरी (झुंझुनू), राधेश्याम जी कुमावत (सुंडा की ढाणी), युवा कृषक दुलीचंद वर्मा (जोबनेर), राहुल चौधरी (आभूषण, झुंझुनू) एवं शंकर लाल हरितवाल शामिल रहे।

कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के निदेशकगण डॉ. एन. एल. सेपट, डॉ. बी. एल. ककरालिया, अधिष्ठाता एवं संकाय अध्यक्ष डॉ. डी. के. गोठवाल, अधिष्ठाता डेयरी साइंस कॉलेज डॉ. बी. एल. जाट, डॉ. बी. एल. आसीवाल, कृषि विभाग के अधिकारीगण, विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष तथा लगभग 450 किसान उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन हरि राम कीवाडा तथा डॉ. पारुल द्वारा किया गया तथा अंत में डॉ. नेमा राम सुंडा एवं डॉ केसर चौधरी ने सभी अतिथियों एवं सहभागियों का आभार व्यक्त किया।

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