Jaipur Times — जयपुर टाइम्स
देश और दुनियाहर खबर, आपकी भाषा में

UP के निजी निवेशकों की हो गई मौज, योगी सरकार इलेक्ट्रिक एसी बसों की खरीदारी पर देगी 40 लाख तक सब्सिडी

योगी सरकार ने यूपी में बस यात्रियों के सफर को आसान बनाने के लिए निजी निवेशकों को वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीदारी पर 40 लाख रुपए तक की सब्सिडी देने की घोषणा की है।

UP NEWS
UP NEWS

UP News: उत्तर प्रदेश राज्य में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई आज कैबिनेट मीटिंग में निजी निवेशकों के लिए बड़ी सौगात की घोषणा की गई है। योगी सरकार ने यूपी में बस यात्रियों के सफर को आसान बनाने के लिए निजी निवेशकों को वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीदारी पर 40 लाख रुपए तक की सब्सिडी देने की घोषणा की है। यूपी सरकार में नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा 9 से 12 मीटर लंबी इलेक्ट्रिक बसों की खरीद पर निजी निवेशकों को 30 लाख से लेकर 40 लख रुपए तक सब्सिडी देने की योजना की घोषणा की गई है। उन्होंने कहा कि योगी सरकार की तरफ से 12 मीटर लंबी वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बस पर निजी निवेशकों को 40 लख रुपए की सब्सिडी और 9 मीटर लंबी वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बस पर 35 लख रुपए की सब्सिडी दी जाएगी। इसके अलावा सरकार ने बसों के संचालन हेतु डिपो बनाने के लिए निशुल्क जमीन देने की भी घोषणा की है।

उत्तर प्रदेश राज्य में चलेगी 1725 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें

योगी आदित्य नाथ सरकार ने आज कैबिनेट मीटिंग के दौरान प्रदेश में यात्रियों का सफर आसान बनाने के लिए 18 जिलों में 1725 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना को हरी झंडी दे दी है। इस योजना के तहत प्रदेश की राजधानी लखनऊ और कानपुर शहर में 300-300 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें, मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद और आगरा शहर में 100-100 बसें, मुरादाबाद, सहारनपुर, अलीगढ़, फिरोजाबाद, शाहजहांपुर और झांसी जिले में 25-25 वातानुकुलित इलेक्ट्रिक बसें और अयोध्या, प्रयागराज, मथुरा और वृंदावन शहर में 50-50 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाने की योजना को स्वीकृति दी गई है।

यूपी के 18 जिलों में यात्रियों का सफर होगा आसान

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा द्वारा प्रदेश में 1725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बस चलाई जाने की योजना को हरी झंडी देने के बाद 18 जिलों के यात्रियों का सफर आसान हो जाएगा। प्रदेश सरकार इन बसों के संचालन राज्य में प्रदूषण कम करने और नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए कर रही है है। इसके अलावा सरकार के इस फैसले के पीछे मुख्य उद्देश्य प्रदेश में निजी निवेश को भी बढ़ावा देना भी है।