भरतपुर निकाय चुनाव: भाजपा का दबदबा, निर्दलीयों के साथ से भुसावर-वैर में बनी सरकार
भरतपुर जिले के नगरीय निकाय चुनावों में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भुसावर और वैर में निर्दलीयों के समर्थन से सत्ता हासिल की, जबकि बयाना, उच्चैन और नदबई में निर्विरोध जीत दर्ज की।

भरतपुर। भरतपुर जिले के नगरीय निकाय चुनाव परिणामों ने स्थानीय राजनीति में भाजपा की मजबूत पकड़ को फिर से साबित कर दिया है। पार्टी ने न केवल उन निकायों में अपनी सत्ता स्थापित की है जहाँ उसे बहुमत की आवश्यकता थी, बल्कि तीन महत्वपूर्ण नगरपालिकाओं में निर्विरोध जीत हासिल कर एक नया कीर्तिमान भी बनाया है। निर्दलीय पार्षदों को साथ लेकर भाजपा ने वैर और भुसावर में अपना बोर्ड गठित करने में बड़ी सफलता प्राप्त की है।
भुसावर नगरपालिका में भाजपा ने वार्ड 8 से जीते निर्दलीय मुकेश तिवारी को अपना समर्थन देकर बड़ा दांव खेला। 25 वार्डों वाले सदन में मुकेश तिवारी ने 22 मत प्राप्त कर अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी प्रीति पांडे को 19 मतों के भारी अंतर से हराया। वर्ष 1995 से लगातार पार्षद चुने जा रहे मुकेश तिवारी का यह दूसरा कार्यकाल अध्यक्ष के रूप में होगा। इस चुनाव में उनकी पत्नी अनीता का भी पार्षद चुना जाना चर्चा का विषय रहा है।
वैर नगरपालिका में भी भाजपा ने अपनी रणनीति का लोहा मनवाया। यहाँ भाजपा की ललतेश धाकड़ ने 23 मत हासिल कर कांग्रेस की इंद्रा मीणा को 21 मतों के बड़े अंतर से पराजित किया। ललतेश धाकड़ के पति पूरन धाकड़ का पूर्व अनुभव इस जीत में सहायक रहा। वहीं, बयाना में तीन दशक बाद उषा अग्रवाल ने फिर से कमान संभाली है। एसडीएम अल्का श्रीवास्तव द्वारा शपथ दिलाए जाने के बाद उन्होंने जलभराव की समस्या के समाधान और आधुनिक डंपिंग यार्ड के निर्माण को अपनी प्राथमिकता बताया है।
उच्चैन और नदबई में भाजपा प्रत्याशियों का निर्विरोध चुना जाना पार्टी के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उच्चैन में पूर्व पुलिस उपमहानिरीक्षक दलीप सिंह अंबेश ने जनसेवा की नई पारी शुरू की है। उनके सामने किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया था। इसी तरह नदबई में कमलेश कटारा ने निर्विरोध अध्यक्ष पद की शपथ ली। रिटर्निंग अधिकारी सचिन यादव ने उन्हें निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंपा। इस प्रकार, जिले के इन निकायों में भाजपा ने एकतरफा और रणनीतिक जीत के साथ अपनी स्थिति को काफी सुदृढ़ कर लिया है।
प्रतिक्रियाएं
टिप्पणियां
अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं है।
