Jaipur Times
ई-पेपरYT
HI/EN
जयपुर टाइम्स
चुरू

चूरू के किसानों ने जानी कम लागत में बंपर पैदावार की नई तकनीक

चूरू के एक कृषि फार्म में आयोजित जागरूकता अभियान में किसानों को बाजरा और सरसों की उन्नत किस्मों के साथ खेती के आधुनिक प्रबंधन की जानकारी दी गई।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
चूरू के किसानों ने जानी कम लागत में बंपर पैदावार की नई तकनीक

चूरू। चूरू के एक स्थानीय कृषि फार्म में सयाजी सीड प्राइवेट लिमिटेड द्वारा आयोजित किसान जागरूकता अभियान में क्षेत्र के किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त करने के लिए आधुनिक खेती की तकनीकों और फसल प्रबंधन के बारे में शिक्षित करना था। विशेषज्ञों ने किसानों को बाजरा 1211 किस्म की विशेषताओं से अवगत कराया और बताया कि कैसे सही बीजों का चयन करके वे अपनी आय बढ़ा सकते हैं।

कंपनी के प्रतिनिधियों ने राकेश त्यागी के मार्गदर्शन में महावीर और राजपाल के माध्यम से किसानों को फसल की बुवाई से लेकर कटाई तक की महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों के अनुसार गुणवत्तापूर्ण बीजों का उपयोग करना ही सफलता की कुंजी है। किसानों को प्रेरित किया गया कि वे पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाएं ताकि खेती में होने वाले अनावश्यक खर्चों को कम किया जा सके।

कार्यक्रम में आगामी रबी सीजन की तैयारियों पर भी विशेष चर्चा हुई। सयाजी हाइब्रिड सरसों 1310 किस्म को लेकर किसानों के मन में उठ रहे सवालों का कंपनी के विशेषज्ञों ने विस्तार से जवाब दिया। सरसों की इस किस्म की बुवाई और उससे जुड़ी सावधानियों के बारे में दी गई जानकारी से किसान काफी उत्साहित दिखे। उन्होंने माना कि सही समय पर सही बीज का चुनाव ही फसल की गुणवत्ता सुनिश्चित करता है।

इस अवसर पर प्रगतिशील किसानों को सम्मानित भी किया गया, जिसका नेतृत्व ताराचंद सैनी ने किया। किसानों ने कृषि फार्म का दौरा कर बाजरा की खड़ी फसल का निरीक्षण किया और स्वयं अपनी आंखों से वैरायटी के परिणामों को देखा। इस व्यावहारिक अनुभव ने किसानों को नई किस्मों के प्रति अधिक आश्वस्त किया।

कार्यक्रम के अंत में कंपनी प्रतिनिधियों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि वे भविष्य में भी इसी तरह की तकनीकी सहायता और मार्गदर्शन प्रदान करते रहेंगे। इस तरह के आयोजनों से न केवल किसानों का ज्ञान बढ़ता है, बल्कि वे बाजार की मांग के अनुरूप अपनी फसल तैयार करने में भी सक्षम होते हैं। क्षेत्र के किसानों ने इस पहल की सराहना की और इसे कृषि विकास की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया।

प्रतिक्रियाएं

0 कुल

टिप्पणियां

0 स्वीकृत

अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं है।