गोपालपुरा में जय दुर्गा नवयुवक मंडल की अनूठी पहल, मंदिर परिसर में किया गया वृक्षारोपण
गोपालपुरा के साड्यास भोमिया मंदिर परिसर में जय दुर्गा नवयुवक मंडल द्वारा वृक्षारोपण और पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

गोपालपुरा, जयपुर। जयपुर जिले के गोपालपुरा गांव में स्थित साड्यास भोमिया मंदिर परिसर में हाल ही में एक सराहनीय पहल देखने को मिली। जय दुर्गा नवयुवक मंडल के उत्साही सदस्यों ने सामाजिक सरोकार और आपसी भाईचारे का संदेश देते हुए मंदिर प्रांगण और आसपास के सार्वजनिक स्थानों पर बड़ी संख्या में पौधे लगाए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न केवल हरियाली को बढ़ावा देना था, बल्कि इन पौधों की निरंतर देखभाल सुनिश्चित करने का संकल्प लेना भी था।
वृक्षारोपण के उपरांत एक विशेष पर्यावरण संगोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें प्रकृति संरक्षण के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में प्रधानाचार्य लालचंद मीणा और बाल आश्रम के प्रबंधक आदेश कुमार ने अपने विचार रखते हुए वन संपदा को पृथ्वी का वास्तविक आभूषण बताया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है और इस दिशा में किए गए छोटे प्रयास बड़े बदलाव ला सकते हैं।
योग शिक्षक मातादीन शर्मा ने पारिस्थितिकी संतुलन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए जल, जंगल और जीव-जंतुओं के संरक्षण को अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि यदि हमें आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण देना है, तो हमें प्राकृतिक संसाधनों के प्रति संवेदनशील होना होगा। संगोष्ठी में उपस्थित लोगों ने इन बातों को गंभीरता से लिया और पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का वादा किया।
इस आयोजन में गांव के अनेक गणमान्य नागरिकों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। कार्यक्रम में बीएम शर्मा, धनपाल मीणा, शशीभूषण वशिष्ठ और पत्रकार राकेश शर्मा सहित गजानंद पटेल, राधेश्याम शर्मा, पप्पू पटेल, राजेन्द्र गुर्जर, द्वारका प्रसाद शर्मा, कृष्णअवतार शर्मा, सीएम सैनी, जयराम प्रजापत, धोलाराम पौषवाल, मुरारी गुर्जर, संजू स्वामी, लक्ष्मण वर्मा, राजेश शर्मा, शिम्भु दयाल, विष्णु शर्मा, कमलेश योगी, रतन सैन, सियाराम बागड़ा, गोलू शर्मा और सचिन शर्मा जैसे कई लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के अंत में सभी स्वयंसेवकों ने पौधों के संरक्षण का संकल्प दोहराया। जय दुर्गा नवयुवक मंडल की इस पहल ने न केवल स्थानीय स्तर पर पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाई है, बल्कि अन्य युवाओं के लिए भी एक प्रेरणा का कार्य किया है। इस प्रकार के सामुदायिक प्रयासों से ही हम अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ और हरा-भरा बनाए रखने में सफल हो सकते हैं।
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