17 अगस्त को श्रमिक हुंकार: भारतीय मजदूर संघ ने वेतन वृद्धि और सामाजिक सुरक्षा के लिए भरी हुंकार
भारतीय मजदूर संघ ने 17 अगस्त को देशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। जयपुर सहित प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर श्रमिक अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करेंगे।

जयपुर। भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने आगामी 17 अगस्त को एक बड़े राष्ट्रव्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है। जयपुर में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में जिला अध्यक्ष रणजीत सिंह गुर्जर की अध्यक्षता में इस प्रदर्शन की रूपरेखा तैयार की गई। इस बैठक में वरिष्ठ राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्यों और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया, जहां यह निर्णय लिया गया कि जयपुर सहित राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर श्रमिक अपनी लंबित मांगों के समर्थन में सड़कों पर उतरेंगे।
आंदोलन के बाद जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा जाएगा, जिसमें श्रमिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की जाएगी। पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जयपुर जिले से अधिक से अधिक श्रमिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए एक सघन जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। वक्ताओं ने कहा कि देश के करोड़ों कर्मचारी और असंगठित क्षेत्र के कामगार आज भी अपने मूलभूत अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से वंचित हैं, जिसके लिए यह संघर्ष अनिवार्य हो गया है।
प्रदर्शन के दौरान प्रमुख मांगों में न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 30,000 रुपये प्रतिमाह करने का मुद्दा सबसे ऊपर रहेगा। इसके अलावा, ईएसआईसी वेतन सीमा को 42,000 रुपये और ईपीएफ वेतन सीमा को 30,000 रुपये तक करने की मांग की जाएगी। पेंशन के मोर्चे पर, संगठन ने न्यूनतम ईपीएस पेंशन 7,500 रुपये प्रतिमाह करने के साथ-साथ महंगाई भत्ता और चिकित्सा सुविधाओं की बहाली पर जोर दिया है।
श्रमिक संगठनों ने बोनस पात्रता सीमा को 42,000 रुपये और गणना सीमा को 18,000 रुपये करने की मांग भी रखी है। साथ ही, समान कार्य के लिए समान वेतन, श्रम कानूनों से श्रमिक विरोधी प्रावधानों को हटाने और ग्रेच्युटी की सीमा को 40 लाख रुपये तक बढ़ाने की मांग प्रमुखता से उठाई जाएगी। बैठक में सभी संबद्ध यूनियनों से आह्वान किया गया कि वे इस ऐतिहासिक आंदोलन में अपनी एकता का परिचय दें और राष्ट्र प्रथम के मूल मंत्र के साथ श्रमिक हितों की रक्षा के लिए एकजुट हों।
प्रतिक्रियाएं
टिप्पणियां
अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं है।
