कुडग़ांव। सावन के पवित्र महीने में बांस मंडावरा स्थित नर्वदेश्वर महादेव मंदिर का वातावरण पूरी तरह शिवमय हो गया है। इस प्राचीन मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए आने वाले भक्तों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। दूर-दराज से श्रद्धालु भगवान शिव को बिल्व पत्र अर्पित करने और जलाभिषेक करने के लिए यहां पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर में स्थापित बनखंडी हनुमानजी की प्रतिमा भी भक्तों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र है, जहां लोग शिव भक्ति के साथ हनुमानजी की भी श्रद्धापूर्वक पूजा करते हैं। सुबह से ही मंदिर परिसर हर-हर महादेव के जयघोष से गुंजायमान रहता है।
इस मंदिर से जुड़ी सबसे बड़ी विशेषता यहां का एक प्राचीन कुआं है। स्थानीय बुजुर्गों का मानना है कि करीब सात दशक पुराना यह कुआं कभी नहीं सूखता। आसपास के कई जलस्रोत समय के साथ सूख चुके हैं, लेकिन इस कुएं में वर्षभर पर्याप्त जल बना रहता है। श्रद्धालु इसे भगवान शिव की विशेष कृपा और चमत्कार के रूप में देखते हैं। मंदिर के चारों ओर मौजूद घने पेड़-पौधे इस स्थान को प्राकृतिक और रमणीय बनाते हैं, जो आने वाले भक्तों को मानसिक शांति प्रदान करते हैं।
मंदिर के इतिहास के बारे में बताते हुए स्थानीय लोग कहते हैं कि पहले यह स्थान एक छोटी सी पाटोर के रूप में था, लेकिन समय के साथ श्रद्धालुओं के सहयोग से इसे भव्य रूप दिया गया। सावन के पूरे महीने में यहां प्रतिदिन रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है। इन आयोजनों में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय और बाहरी भक्त पहुंच रहे हैं। यह मंदिर न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि अपनी प्राचीन परंपराओं और प्राकृतिक सौंदर्य के कारण भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।


