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यूपी में बारिश के साथ 30 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, कई जिलों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट

पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में ज्यादा असर की संभावना, दो अगस्त से फिर तेज हो सकता है मानसून का नया दौर

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
यूपी में बारिश के साथ 30 किलोमीटर की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, कई जिलों के लिए मौसम विभाग का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में भारी बारिश, मेघगर्जन और तेज हवाओं की संभावना जताई है। कुछ इलाकों में हवाओं की गति करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

बारिश और तेज हवाओं के कारण लोगों को उमस से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन निचले क्षेत्रों में जलभराव, पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और यातायात धीमा पड़ने की आशंका भी बनी हुई है।

लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, बस्ती, आजमगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने और रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर कम समय में तेज बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश और मेघगर्जन की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश में मानसून का प्रभाव अधिक रहने की संभावना जताई गई है।

तेज हवाओं के दौरान कमजोर पेड़, अस्थायी ढांचे, टीन की छत और बिजली के तारों को नुकसान पहुंच सकता है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर इमारतों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।

किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखने और आकाशीय बिजली के समय खुले खेत में काम नहीं करने की सलाह दी गई है। धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए बारिश लाभकारी हो सकती है, लेकिन कम समय में अधिक पानी गिरने से फसलों को नुकसान भी पहुंच सकता है।

बारिश के दौरान शहरों में सड़कों और अंडरपास में पानी भरने की आशंका है। वाहन चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने, सामने वाले वाहन से पर्याप्त दूरी रखने और जलमग्न सड़कों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।

ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों, कमजोर दीवारों और जर्जर छतों के पास सावधानी बरतने की आवश्यकता है। तेज बारिश से नदी-नालों और तालाबों का जलस्तर बढ़ सकता है। बच्चों और पशुओं को जलाशयों से दूर रखने को कहा गया है।

आकाशीय बिजली मानसून के दौरान सबसे बड़े खतरों में से एक है। मेघगर्जन सुनाई देने पर लोगों को खुले मैदान, ऊंचे पेड़ और धातु से बने ढांचों से दूर होकर किसी मजबूत भवन के भीतर चले जाना चाहिए।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 30 जुलाई के बाद कुछ समय के लिए बारिश की गतिविधियों में कमी आ सकती है। हालांकि दो अगस्त से मानसून दोबारा सक्रिय होने और प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश बढ़ने की संभावना है।

बदलते मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन को स्थानीय स्तर पर सतर्क रहने और जलभराव वाले क्षेत्रों पर निगरानी रखने के निर्देश दिए जा सकते हैं। नगर निकायों को नालों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था तैयार रखने की आवश्यकता होगी।

प्रदेश में अब तक हुई बारिश ने कई जिलों में किसानों को राहत दी है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में असमान वर्षा के कारण खेती पर अलग-अलग असर पड़ा है। आने वाले दौर की बारिश से सूखे इलाकों को लाभ मिल सकता है।

भारी बारिश वाले क्षेत्रों में स्कूलों को बंद रखने का निर्णय जिला प्रशासन स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार ले सकता है। पूरे प्रदेश में एक साथ विद्यालय बंद रखने की कोई सामान्य घोषणा नहीं की गई है। विद्यार्थियों और अभिभावकों को जिला प्रशासन तथा विद्यालय से जारी आधिकारिक सूचना पर ही भरोसा करना चाहिए।

लोगों से मोबाइल पर मिलने वाले अपुष्ट मौसम संदेशों या स्कूल की छुट्टी से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है। मौसम और स्थानीय चेतावनियों के लिए केवल अधिकृत सरकारी सूचनाओं का पालन करना चाहिए।

अगले कुछ दिनों के दौरान उत्तर प्रदेश में मौसम तेजी से बदल सकता है। लोगों को घर से निकलने से पहले स्थानीय पूर्वानुमान देखने और तेज बारिश या मेघगर्जन के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।

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