जैन समाज ने मौन जुलूस निकालकर किया प्रदर्शन
रामगढ
जैन तीर्थ श्री सम्मेद शिखरजी को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने को लेकर जैन समाज के लोगों में आक्रोश है । रामगढ़ क्षेत्र के जैन समाज के लोगों ने भारी संख्या में महिलाएं सहित भारी संख्या में एकत्रित होकर रामगढ़ संस्कार वैली स्कूल से मुख्य बाजार होते हुए मौन जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर समाज के लोगों में रामगढ़ एसडीएम अमित कुमार वर्मा को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। जैन समाज के प्रवक्ता अजीत जैन ने बताया कि तत्कालीन झारखंड सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय वन पर्यावरण मंत्रालय द्वारा गिरिडीह जिले में मधुबन में स्थित सर्वोच्च जैन शाश्वत श्री सम्मेद शिखर पारसनाथ पर्वतराज वन्य जीव अभ्यारण का एक भाग घोषित कर इको सेंसेटिव जोन के अंतर्गत पर्यावरण पर्यटक और अन्य गैर धार्मिक गतिविधियों की अनुमति देने वाले अधिसूचना क्रमांक 2795 बिना जैन समाज से आपत्ति या सुझाव लिए जारी कर दी गई है। अधिसूचना को निरस्त कर श्री सम्मेद शिखरजी की धार्मिकता पावनता और पवित्रता को बरकरार रखने के लिए बुधवार को रामगढ़ तहसील के सकल दिगंबर जैन समाज ने मोहन जुलूस निकालकर विरोध प्रदर्शन करते हुए एक ज्ञापन राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, केंद्रीय पर्यावरण मंत्री, झारखंड मुख्यमंत्री के नाम रामगढ़ एसडीएम अमित कुमार बैरवा को ज्ञापन सौंपा। सामग्र जैन समाज का एक शाश्वत तीर्थ होकर आस्था का मुख्य केंद्र है। इसकी पवित्रता को जैन समाज खोना नहीं चाहता इस मौके पर अधिसूचना को वापस लेने की मांग की है। यदि मांग पूरी नहीं हुई तो जैन समाज द्वारा केंद्र सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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