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उपखंड अधिकारी खुद फंसे जाम में प्रशासन आया हरकत में 

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
उपखंड अधिकारी खुद फंसे जाम में प्रशासन आया हरकत में 

लक्ष्मणगढ़। सर्दी के मौसम को देखते हुए बुधवार को उपखंड अधिकारी मोहर सिंह मीणा ने जिला चिकित्सालय और रैन बसेरों का निरीक्षण किया। अस्पताल में हीटर, दवाइयों की उपलब्धता, वार्डों की साफ-सफाई सहित जरूरी सुविधाओं की समीक्षा की गई, जिन्हें उपखंड अधिकारी ने संतोषजनक बताया।लेकिन रैन बसेरा पहुँचने के दौरान एसडीएम स्वयं उस समस्या से रूबरू हुए, जिससे शहर की आम जनता रोज़ जूझ रही है। पुराने बस स्टैंड क्षेत्र में अव्यवस्थित पार्किंग और अस्थायी अतिक्रमण के चलते उनकी सरकारी गाड़ी जाम में फंस गई। इस दौरान उनके साथ अधिशाषी अधिकारी नवनीत कुमावत भी मौजूद थे। एसडीएम मीणा ने मौके पर ही शहर चौकी प्रभारी को बुलाया और अव्यवस्थित खड़े वाहनों पर कार्रवाई के निर्देश दिए। निर्देश मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ और जाम खुलवाया गया। कार्रवाई की तत्परता की सराहना तो हुई, पर साथ ही शहरवासियों के मन में कई सवाल खड़े हो गए।

*जनता का सवाल: “क्या हमारी आवाज़ सुनने वाला कोई नहीं?”*
शहर के लोगों कहना है कि प्रशासन की सक्रियता तभी क्यों दिखती है जब किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि को परेशानी होती है? आमजन तो रोज़ इसी हालात से दो-चार होता है। चाहे चौपड़ बाजार से घंटाघर जाने वाला मार्ग हो, मुरली मनोहर मंदिर रोड हो या कबूतरिया कुआं से पक्की प्याऊ तक हर जगह जाम आम बात है।

कबूतरिया कुआं क्षेत्र तो अघोषित पार्किंग ज़ोन बन चुका है। अवैध पार्किंग के चलते स्थानीय लोग आए दिन विवादों का सामना करते हैं। वहीं शहर का गौरव घंटाघर क्षेत्र अतिक्रमण की मार झेल रहा है। अस्थायी दुकानों के कारण वहां से चौपहिया वाहन तो क्या, कई बार एम्बुलेंस तक निकलना मुश्किल हो जाता है, जो जनजीवन की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।

*सोशल मीडिया के जरिए करवाया अवगत, लेकिन अब तक नहीं हुई पक्की कार्रवाई*
शहरवासी लंबे समय से सोशल मीडिया पर अव्यवस्थाओं को लेकर वीडियो और फोटो के जरिए शिकायतें दर्ज कराते आ रहे हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई का अभाव लोगों में निराशा पैदा कर रहा था। बुधवार को हुई कार्रवाई के बाद उम्मीद जगी है कि अब प्रशासन व्यापक स्तर पर इस समस्या को सुलझाने के लिए कदम उठाएगा।शहर के लोगों का कहना है कि यदि प्रशासन नियमित और सख्त कार्रवाई शुरू कर दे, तो शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार संभव है। बुधवार की घटना ने यह साबित कर दिया कि समस्या गंभीर है, समाधान तत्काल चाहिए और अब जनता बदलाव देखना चाहती है।

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