जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में अतिरिक्त निदेशक और संयुक्त शासन सचिव के रूप में कार्यरत वरिष्ठ आरएएस अधिकारी पंकज ओझा को एक विशेष उपलब्धि हासिल हुई है। उन्हें साहित्य, कला, संस्कृति और आध्यात्मिक चिंतन के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय अद्वैतम साहित्य, अध्यात्म एवं कला शिखर सम्मान से अलंकृत किया गया है। यह सम्मान संस्था द्वारा आयोजित एक भव्य समारोह में प्रदान किया गया।
अपने प्रशासनिक दायित्वों के निर्वहन के साथ-साथ पंकज ओझा ने जिस प्रकार साहित्य और सामाजिक सरोकारों के प्रति अपनी निष्ठा बनाए रखी है, वह चर्चा का विषय बनी हुई है। समारोह में अद्वैतम संस्था की संस्थापक किरण बाला किरण ने कहा कि प्रशासनिक व्यस्तताओं के बावजूद सांस्कृतिक चेतना के क्षेत्र में उनका कार्य अनुकरणीय है। संस्था ने उनके बहुआयामी व्यक्तित्व और भारतीय मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सम्मानित करना अपने लिए गर्व का विषय बताया।
संस्था के अध्यक्ष चेतन राज चुंडावत ने अपने संबोधन में कहा कि पंकज ओझा जैसे व्यक्तित्व को सम्मानित कर यह पुरस्कार स्वयं गौरवान्वित हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक सेवा में रहते हुए समाज, कला और अध्यात्म के व्यापक सरोकारों से निरंतर जुड़े रहना उनकी एक विशिष्ट पहचान है, जो आज के दौर में अत्यंत दुर्लभ है।
पंकज ओझा वैदिक साहित्य, भारतीय दर्शन, श्रीमद्भगवद्गीता और शिवपुराण के गहरे अध्येता माने जाते हैं। वे विभिन्न मंचों पर एक प्रभावी वक्ता के रूप में सनातन परंपरा और जीवन-मूल्यों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। उनकी यह सक्रियता उन्हें केवल एक अधिकारी के रूप में ही नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान-परंपरा के एक संवाहक के रूप में भी स्थापित करती है।
इस अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धि पर प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ साहित्य और कला जगत से जुड़े अनेक गणमान्य लोगों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। उनके शुभचिंतकों और सहयोगियों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत प्रयासों की सराहना है, बल्कि उन सभी के लिए प्रेरणा है जो अपने पेशेवर जीवन के साथ-साथ समाज और संस्कृति के प्रति भी समर्पित हैं।
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