करौली में डीजीपी का सख्त रुख: संगठित अपराध और अवैध खनन पर लगाम कसने के दिए निर्देश
राजस्थान पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने करौली में अपराध समीक्षा बैठक कर लंबित मामलों के निस्तारण और नशा तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के आदेश दिए हैं।

करौली। राजस्थान के पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने करौली में एक उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें भरतपुर रेंज की पुलिस महानिरीक्षक प्रीति चंद्रा और जिला पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल सहित जिले के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना और पुलिसिंग को अधिक परिणामोन्मुख बनाना था।
डीजीपी ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अवैध खनन, बजरी परिवहन और भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है। उन्होंने अधिकारियों को इन गतिविधियों में लिप्त अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, मादक पदार्थों, विशेषकर स्मैक की तस्करी को रोकने के लिए एक विशेष रणनीति बनाने और फील्ड में पुलिस की सक्रिय उपस्थिति बढ़ाने पर जोर दिया गया।
लंबित अनुसंधान की समीक्षा करते हुए डीजीपी ने निर्देश दिए कि अगले तीन महीनों के भीतर एक वर्ष से अधिक पुराने सभी लंबित प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने गंभीर अपराधों के लिए केस ऑफिसर स्कीम का प्रभावी उपयोग करने और झूठे मुकदमों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैठक में नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन में तकनीक के उपयोग पर भी चर्चा हुई। ई-सम्मन, ई-वारंट और ऑनलाइन एफआईआर व्यवस्था को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए ताकि पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और गति आ सके। साइबर अपराधों के लिए 1930 हेल्पलाइन की नियमित मॉनिटरिंग के भी आदेश दिए गए।
सड़क सुरक्षा के लिए डीजीपी ने सप्ताह में दो दिन विशेष अभियान चलाने को कहा ताकि हेलमेट के अनिवार्य उपयोग को सुनिश्चित किया जा सके। अंत में, सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए सुरक्षा सखी और पुलिस मित्र जैसे समूहों के साथ बेहतर समन्वय बनाने पर जोर दिया गया। डीजीपी ने अधिकारियों से कहा कि आमजन की सुरक्षा और विश्वास को प्राथमिकता देते हुए पुलिसिंग को जनोन्मुख बनाया जाए।
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