94 वर्षीय साहित्यकार उदयवीर शर्मा को मिलेगा कन्हैयालाल रतनलाल पारख राजस्थानी साहित्य पुरस्कार
बिसाऊ के वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. उदयवीर शर्मा को राजस्थानी भाषा और साहित्य में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।

चूरू। साहित्य, संस्कृति और सामाजिक सरोकारों के क्षेत्र में सक्रिय स्थानीय प्रयास संस्थान ने वर्ष 2026 के लिए कन्हैयालाल रतनलाल पारख राजस्थानी साहित्य पुरस्कार की घोषणा कर दी है। यह प्रतिष्ठित सम्मान बिसाऊ, झुंझुनूं के निवासी और राजस्थानी भाषा के वरिष्ठ साहित्यकार व संपादक डॉ. उदयवीर शर्मा को प्रदान किया जाएगा। 94 वर्षीय डॉ. शर्मा को यह पुरस्कार राजस्थानी साहित्य की सेवा में उनके समग्र और दीर्घकालिक योगदान के लिए दिया जा रहा है।
प्रयास संस्थान के सचिव कमल शर्मा ने जानकारी दी कि इस पुरस्कार का चयन सुंदरदेवी लक्ष्मीदेवी पारख ट्रस्ट, कोलकाता के मुख्य ट्रस्टी और चूरू मूल के उद्योगपति बसंत कुमार पारख के सहयोग से किया गया है। बसंत कुमार पारख, जो ऑरबिट ग्रुप के संयोजक भी हैं, के सौजन्य से यह सम्मान प्रतिवर्ष उन साहित्यकारों को दिया जाता है जिन्होंने राजस्थानी भाषा को समृद्ध करने में अपना जीवन समर्पित किया है।
पुरस्कार वितरण समारोह इसी माह चूरू में आयोजित किया जाएगा। इस गरिमामयी कार्यक्रम में डॉ. उदयवीर शर्मा को इक्कावन हजार रुपये की नकद राशि, शॉल, श्रीफल और मानपत्र भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। संस्थान के पदाधिकारियों ने बताया कि डॉ. शर्मा का चयन उनके द्वारा राजस्थानी साहित्य के क्षेत्र में किए गए अमूल्य कार्यों को देखते हुए किया गया है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
यह पुरस्कार राजस्थानी साहित्य जगत में एक विशेष स्थान रखता है। इससे पूर्व भी कई दिग्गज साहित्यकारों को इस सम्मान से नवाजा जा चुका है। पूर्व सम्मानित हस्तियों में नागौर के तेजसिंह जोधा, अजमेर के डॉ. चंद्रप्रकाश देवल, उदयपुर के डॉ. देव कोठारी, श्रीगंगानगर के मोहन आलोक, जोधपुर के प्रो. जहूर खां मेहर और पिलानी के नागराज शर्मा शामिल हैं। इन वरिष्ठ साहित्यकारों की सूची में अब डॉ. उदयवीर शर्मा का नाम भी जुड़ गया है।
इस आयोजन में क्षेत्र के साहित्य प्रेमी, लेखक और प्रबुद्ध नागरिक शामिल होंगे। प्रयास संस्थान का मानना है कि ऐसे सम्मानों के माध्यम से न केवल वरिष्ठ साहित्यकारों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि राजस्थानी भाषा के संरक्षण और संवर्धन को भी नई ऊर्जा मिलती है। डॉ. शर्मा का सम्मान समारोह स्थानीय सांस्कृतिक गौरव को रेखांकित करने वाला एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम होगा।
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