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जयपुर की चेतना बस्ती में रक्षाबंधन का अनूठा संगम: घुमंतू समुदाय के साथ बंधी सामाजिक समरसता की डोर

जयपुर की चेतना बस्ती में घुमंतू जाति उत्थान न्यास और चिरायु हॉस्पिटल के सहयोग से रक्षाबंधन समारोह का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ना है।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
जयपुर की चेतना बस्ती में रक्षाबंधन का अनूठा संगम: घुमंतू समुदाय के साथ बंधी सामाजिक समरसता की डोर

जयपुर। जयपुर के दिल्ली रोड स्थित जयसिंहपुरा खोर की चेतना बस्ती में रक्षाबंधन का पर्व एक विशेष सामाजिक संदेश के साथ मनाया गया। घुमंतू जाति उत्थान न्यास और कालवाड़ रोड स्थित चिरायु हॉस्पिटल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में समाज के प्रबुद्ध नागरिकों ने बस्ती पहुंचकर घुमंतू समुदाय की बहनों से राखी बंधवाई। यह आयोजन सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कार्यक्रम के संयोजक सर्वेश्वर शर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक नहीं, बल्कि यह सामाजिक रिश्तों को प्रगाढ़ बनाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए इस तरह के आत्मीय कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन किया जाना चाहिए ताकि समाज में आत्मीयता की भावना बनी रहे।

घुमंतू कार्य के जयपुर महानगर संयोजक राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि पिछले एक दशक से घुमंतू समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभिन्न त्योहारों को इन परिवारों के साथ मिल-जुलकर मनाने से आपसी विश्वास और भाईचारे के संबंध मजबूत होते हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम इसी श्रृंखला का एक हिस्सा है।

समारोह के मुख्य अतिथि चिरायु हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. मनोज चौधरी और मोहित चौधरी बहनों से राखी बंधवाकर भावुक नजर आए। उन्होंने इसे अपना सौभाग्य बताते हुए कहा कि समाज के सभी वर्गों को एक-दूसरे के सुख-दुःख में सहभागी बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक दूरी को कम करने और आपसी अपनत्व को बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं।

इस अवसर पर डॉ. तरुण तिवाड़ी, डॉ. अल्का गौड, शरद खंडेलवाल, तरुण माथुर, महेंद्र ज्योतिषी, गोविंद शर्मा, ओम जी श्रीमाल, विजय रावत, हीरालाल गाड़िया लुहार, डब्लू नायक, कृष्ण सीगीवाल और देवीलाल गोंडा सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान घुमंतू समुदाय की बहनों ने अतिथियों को राखी बांधी, जिससे पूरी बस्ती में भाईचारे और समरसता का वातावरण बना रहा। यह आयोजन लंबे समय तक स्थानीय चर्चा का विषय बना रहा।

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