किशोरी के राजकीय विद्यालय में नई उम्मीद, जर्जर भवन के जीर्णोद्धार के लिए जुटाया गया भारी फंड
किशोरी के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में जर्जर भवन की मरम्मत के लिए स्टाफ और भामाशाहों ने 4.06 लाख रुपये की राशि जुटाई है, जिसे तरुण भारत संघ ने दोगुना करने का वादा किया है।

किशोरी। किशोरी स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में स्वतंत्रता दिवस का आयोजन एक नई उम्मीद लेकर आया। प्रधानाचार्य भागचंद यादव की प्रेरणा से विद्यालय के जर्जर भवन के निर्माण के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें विद्यालय स्टाफ और स्थानीय भामाशाहों ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया। इस सामूहिक प्रयास से कुल 4.06 लाख रुपये की राशि एकत्रित की गई है, जो विद्यालय के कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इस नेक कार्य में विद्यालय के स्टाफ सदस्यों ने भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाते हुए 97,800 रुपये का योगदान दिया। इस पहल को और अधिक मजबूती प्रदान करते हुए तरुण भारत संघ ने प्राप्त कुल राशि के बराबर ही दोगुनी सहायता राशि देने की घोषणा की है। यह आर्थिक सहयोग विद्यालय के बुनियादी ढांचे को सुधारने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मैग्सेसे पुरस्कार विजेता और तरुण भारत संघ के अध्यक्ष राजेंद्र सिंह उपस्थित रहे। उनके साथ जलवायु परिवर्तन विशेषज्ञ और आईआईटी बॉम्बे के पूर्व प्रोफेसर चेतन सोलंकी, राष्ट्रीय जल बिरादरी के अध्यक्ष सत्यनारायण, भाजपा नेत्री रुबिया उपाध्याय और पंचायत समिति सदस्य मदनलाल मीणा ने भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अतिथियों ने जल संरक्षण, जलवायु परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण में शिक्षा की भूमिका पर अपने विचार साझा किए।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने विद्यार्थियों को देश के प्रति उनके कर्तव्यों के बारे में जागरूक किया और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक सुरक्षित और आधुनिक विद्यालय भवन बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अनिवार्य है। इस अवसर पर सत्र 2025-26 की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों और अपनी कक्षाओं में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले मेधावियों को सम्मानित किया गया।
यह आयोजन न केवल विद्यालय के विकास के लिए आर्थिक संसाधन जुटाने में सफल रहा, बल्कि इसने स्थानीय समुदाय को शिक्षा के प्रति एकजुट होने का संदेश भी दिया। विद्यालय प्रबंधन ने सभी भामाशाहों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है, जिन्होंने इस चुनौतीपूर्ण कार्य में अपना बहुमूल्य योगदान दिया है।
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