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टोंक के राधाकिशनपुरा में स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों की प्रसादी में हेराफेरी, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

पीपलू तहसील के एक सरकारी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर बच्चों के लिए आई प्रसादी में भारी कटौती का मामला सामने आया है, जिसके बाद ग्रामीणों ने सख्त कार्रवाई की मांग की है।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
टोंक के राधाकिशनपुरा में स्वतंत्रता दिवस पर बच्चों की प्रसादी में हेराफेरी, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

पीपलू, टोंक। स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर टोंक जिले की पीपलू तहसील के राधाकिशनपुरा गांव से एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई है। ग्राम पंचायत बगड़वा के अंतर्गत आने वाले राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के लिए भेजी गई प्रसादी में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगा है। 15 अगस्त 2026 को पंचायत प्रशासन द्वारा स्कूली विद्यार्थियों के लिए 10 किलोग्राम बूंदी आवंटित की गई थी, जिसे वितरण के लिए एक वार्ड सदस्य को सौंपा गया था।

कार्यक्रम के दौरान जब प्रसादी का डिब्बा खोला गया, तो वहां मौजूद ग्रामीण और शिक्षक दंग रह गए। 10 किलो के स्थान पर डिब्बे में मात्र 2 किलो बूंदी ही मौजूद थी। बच्चों के हक की प्रसादी में इतनी बड़ी कटौती देखकर ग्रामीणों का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। जब ग्रामीणों ने इस संबंध में पंचायत प्रशासक से सवाल किया, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

विवाद के दौरान ग्रामीणों ने आधी-अधूरी प्रसादी वापस पंचायत भेज दी, लेकिन बाद में जब उसे दोबारा स्कूल भेजा गया, तो आरोपी वार्ड सदस्य ने ग्रामीणों के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि उनके प्रति अपशब्दों का भी प्रयोग किया। अंततः वह प्रसादी को अपने घर ले गया, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और अधिक बढ़ गया। इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

विद्यालय के प्रधानाध्यापक पूर्ण बैरवा और गांव के अजय गुर्जर, नन्दराम, छोटू, पन्ना लाल, मदन लाल व भैंरु गुर्जर सहित कई ग्रामीणों ने इस मामले में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। ग्रामीणों ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि राष्ट्रीय पर्व की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले और बच्चों के साथ भद्दा मजाक करने वाले जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। ग्रामीणों का कहना है कि जनप्रतिनिधियों का यह व्यवहार न केवल निंदनीय है, बल्कि बच्चों के प्रति उनकी संवेदनहीनता को भी दर्शाता है।

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