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देहरादून में राहुल गांधी ने परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ युवाओं को किया संबोधित

विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने देहरादून में एक विशाल रैली को संबोधित करते हुए परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधारों की मांग की और पेपर लीक के कारण छात्रों के भविष्य पर मंडरा रहे संकट पर चिंता जताई।

देहरादून में राहुल गांधी ने परीक्षा पेपर लीक के खिलाफ युवाओं को किया संबोधित
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देहरादून। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 17 जुलाई को देहरादून के बन्नू स्कूल ग्राउंड में आयोजित एक विशाल युवा रैली को संबोधित करते हुए देश की वर्तमान परीक्षा प्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक ने लाखों छात्रों के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है, जिसके लिए अब पूरी व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की आवश्यकता है। यह रैली छात्रों के आक्रोश का केंद्र बन गई, जहां उन्होंने शिक्षा प्रणाली की खामियों को उजागर किया।

रैली के दौरान राहुल गांधी ने पिछले एक दशक के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि इस अवधि में 152 बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिससे लगभग 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इस बात पर गहरा दुख व्यक्त किया कि इन घटनाओं के बावजूद अब तक एक भी दोषी को सजा नहीं मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक का एक 'रेट कार्ड' बन गया है, जिसमें आईआईटी-जेईई के लिए 15 लाख रुपये और नीट यूजी 2026 के लिए 40 लाख रुपये तक की मांग की जा रही है।

कार्यक्रम का सबसे भावुक क्षण तब आया जब नीट अभ्यर्थी रिया कुमारी थापा के पिता राजेश ने अपनी बेटी की कहानी साझा की। 23 वर्षीय रिया, जो कक्षा 12 की टॉपर रही थी, ने जून में आत्महत्या कर ली थी। उनके पिता ने बताया कि परीक्षा के दौरान पेपर लीक और अनिश्चितता के कारण रिया भारी मानसिक तनाव में थी। यह घटना प्रशासनिक विफलता के कारण छात्रों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव का एक दुखद उदाहरण है।

राहुल गांधी ने इन समस्याओं के समाधान के लिए कई सुझाव दिए, जिनमें सुरक्षित प्रश्न बैंक का निर्माण, परीक्षाओं के लिए लचीली तिथियां और अनियमितता पाए जाने पर तत्काल पुन: परीक्षा आयोजित करना शामिल है। उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण है।

अंत में, उन्होंने युवाओं से एकजुट होकर अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह छात्रों के भविष्य को प्राथमिकता दे और परीक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाए। यह रैली आगामी समय में शिक्षा और रोजगार के मुद्दों को राष्ट्रीय पटल पर लाने का एक प्रयास मानी जा रही है।

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