चूरू के 50 किसान आधुनिक कृषि तकनीकों के अध्ययन के लिए गुजरात रवाना
चूरू जिले के 50 प्रगतिशील किसान सात दिवसीय अंतर-राज्यीय भ्रमण पर गुजरात गए हैं, जहाँ वे कृषि अनुसंधान केंद्रों और आधुनिक खेती के तौर-तरीकों को समझेंगे।

चूरू। चूरू जिले के पचास किसानों का एक दल 19 जुलाई को सात दिवसीय अंतर-राज्यीय भ्रमण के लिए गुजरात रवाना हुआ। इस दल को चूरू विधायक हरलाल सहारण ने हरी झंडी दिखाकर विदा किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य किसानों को गुजरात के विभिन्न कृषि अनुसंधान केंद्रों, कृषि विज्ञान केंद्रों और विश्वविद्यालयों में चल रही आधुनिक कृषि पद्धतियों से रूबरू कराना है। विधायक ने सभी किसानों को उनके सफल और ज्ञानवर्धक प्रवास के लिए शुभकामनाएं दीं।
आत्मा परियोजना के तत्वावधान में आयोजित इस भ्रमण के प्रभारी डॉ. राजकुमार कुलहरी ने बताया कि सात दिनों के दौरान किसान मृदा स्वास्थ्य के संरक्षण, उर्वरकों के संतुलित उपयोग और वैज्ञानिक खेती के गुर सीखेंगे। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे वहां से प्राप्त तकनीकी ज्ञान को न केवल अपने खेतों में लागू करें, बल्कि अपने आसपास के अन्य किसानों को भी इसके प्रति जागरूक करें ताकि पूरे क्षेत्र की कृषि उत्पादकता में सुधार हो सके।
कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक दीपक कपिला ने कहा कि इस तरह के भ्रमण से मिलने वाला अनुभव जिले की समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि आत्मा परियोजना के माध्यम से हर वित्तीय वर्ष में 500 से अधिक किसानों को राज्य के भीतर और बाहर प्रशिक्षण के लिए भेजा जाता है। इस निरंतर प्रयास का लक्ष्य जिले में कृषि के आधुनिक तरीकों को बढ़ावा देना है।
रवानगी के समय सहायक प्रभारी कर्मवीर गोदारा, दुधवाखारा के सहायक कृषि अधिकारी और फेसिलिटेटर अभय कुमार जैन, रामस्वरूप मोटसरा तथा मदनलाल सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। यह भ्रमण दल गुजरात में कृषि के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों का प्रत्यक्ष अवलोकन करेगा और वहां के विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी खेती की तकनीक को और अधिक उन्नत बनाने का प्रयास करेगा।
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