बिजौलियां के वार्ड 7 में दूषित पानी की आपूर्ति से स्थानीय निवासी परेशान
बिजौलियां में जलदाय विभाग की लापरवाही के कारण वार्ड 7 के निवासी दूषित पानी पीने को मजबूर हैं, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

बिजौलियां। बिजौलियां कस्बे के वार्ड 7 में पंचायत समिति कार्यालय के सामने रहने वाले लोग इन दिनों भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से की जा रही जलापूर्ति पिछले कई दिनों से दूषित आ रही है, जिससे स्थानीय निवासियों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। गंदा पानी आने के कारण लोगों को दैनिक कार्यों में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
वार्ड निवासी जसवीर सिंह ने बताया कि इस समस्या के संबंध में जलदाय विभाग के अधिकारियों को कई बार सूचित किया जा चुका है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। बार-बार शिकायत करने के बावजूद व्यवस्था में सुधार न होने से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। विभाग की इस उदासीनता के कारण आमजन को मजबूरन दूषित पानी का उपयोग करना पड़ रहा है।
दूषित पानी की आपूर्ति से क्षेत्र में जल जनित बीमारियों के फैलने का खतरा मंडराने लगा है। निवासियों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो पीलिया, डायरिया, उल्टी-दस्त और त्वचा संबंधी गंभीर बीमारियां फैल सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर विशेष चिंता जताई जा रही है, क्योंकि दूषित पानी का सेवन सीधे तौर पर उनके स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकता है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जलदाय विभाग से मांग की है कि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को तत्काल प्रभाव से सुधारा जाए। निवासियों का कहना है कि उन्हें स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है, जिसमें वे पूरी तरह विफल रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही जलापूर्ति को शुद्ध नहीं किया गया, तो उन्हें मजबूरन विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
फिलहाल, वार्ड 7 के लोग एक अनिश्चित स्थिति में हैं और उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही कोई उचित कार्रवाई करेगा। स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करना अब स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई है, जिसे हल करना जनहित में अत्यंत आवश्यक है।
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