धौलपुर: हाई टेंशन लाइन की चपेट में आने से किशोर की मौत, विभाग पर लापरवाही का आरोप
राजाखेड़ा के गड़ी जोनावद गांव में बिजली विभाग की लापरवाही के चलते 17 वर्षीय किशोर की जान चली गई। ग्रामीणों ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

राजाखेड़ा, धौलपुर। धौलपुर जिले के राजाखेड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गड़ी जोनावद गांव में शनिवार सुबह एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां घर के ऊपर से गुजर रही ढीली हाई टेंशन बिजली लाइन की चपेट में आने से 17 वर्षीय किशोर कृष्णा की मौके पर ही मौत हो गई। सुबह करीब आठ बजे हुई इस घटना ने पूरे इलाके में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ा दी है। घटना के तुरंत बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए और शव को लेकर शहीद राघवेंद्र सिंह उप जिला चिकित्सालय पहुंचे।
अस्पताल में चिकित्सकों ने किशोर को मृत घोषित कर दिया, जिसके बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया। मृतक के पिता विजय सिंह ने स्थानीय नेताओं के साथ थाने पहुंचकर बिजली विभाग के अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। पिता का आरोप है कि उन्होंने पिछले एक महीने से विभाग के एईएन आनंद कुमार और जेईएन विशाल जायसवाल को घर के ऊपर से गुजर रही खतरनाक हाई वोल्टेज लाइन के बारे में कई बार सूचित किया था, लेकिन अधिकारियों ने कोई कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि जब उन्होंने अधिकारियों से लाइन ठीक करने का आग्रह किया, तो उनसे अनुचित मांग की गई और काम को लेकर टालमटोल की गई। थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते समय पिता का दर्द छलक पड़ा और वे बार-बार बेसुध होते रहे। ग्रामीणों का कहना है कि यह केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि विभाग की घोर लापरवाही के कारण हुई हत्या है। सबसे अधिक रोष इस बात को लेकर है कि घटना के घंटों बाद भी विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अस्पताल नहीं पहुंचा।
क्षेत्र में बिजली लाइनों की जर्जर स्थिति को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कुछ समय पहले भी इसी तरह की एक घटना में एक युवक की जान गई थी, और कुछ महीने पूर्व समोना इलाके में झूलती तारों के संपर्क में आने से एक बस में आग लग गई थी, जिसमें एक महिला की मौत हो गई थी। बार-बार हो रही ऐसी घटनाओं के बावजूद विभाग द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न करना स्थानीय लोगों के गुस्से का मुख्य कारण बना हुआ है।
फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीण अब मांग कर रहे हैं कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पूरे क्षेत्र में बिजली लाइनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। प्रशासन की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे लोगों का आक्रोश और बढ़ता जा रहा है।
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