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चुरू

चूरू में विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस पर विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने चूरू जिले में न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
चूरू में विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस पर विधिक जागरूकता शिविरों का आयोजन

चूरू। विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस के उपलक्ष्य में शुक्रवार को चूरू जिले में एक व्यापक विधिक जागरूकता अभियान का संचालन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना और न्याय प्रणाली को अधिक सुलभ बनाना था। जिले भर में आयोजित इन शिविरों के माध्यम से मानवाधिकारों के संरक्षण और जरूरतमंदों को मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव कृष्णा राकेश कांवत ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस का मूल ध्येय वैश्विक शांति और मानवाधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि न्याय व्यवस्था का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना अनिवार्य है। कांवत ने जोर देकर कहा कि आर्थिक तंगी या कानूनी जानकारी का अभाव किसी भी व्यक्ति के लिए न्याय प्राप्ति में बाधा नहीं बनना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और किसी भी प्रकार के अन्याय के विरुद्ध विधिक सहायता का उपयोग करें।

इस अभियान को धरातल पर उतारने में पैरा लीगल वॉलिंटियर्स की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। सुमन शर्मा, विक्रम प्रजापत, रामावतार शर्मा और ममता कड़वासरा जैसे वॉलिंटियर्स ने जिले के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों और ढाणियों तक पहुंचकर लोगों को कानून की जानकारी दी। इन स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर लोगों को उनके अधिकारों के बारे में बताया और उन्हें कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया से अवगत कराया।

जागरूकता शिविरों में ग्रामीणों को लोक अदालत की कार्यप्रणाली, मध्यस्थता के लाभ और निःशुल्क विधिक सहायता योजनाओं के बारे में विस्तार से समझाया गया। इसके अतिरिक्त, पीड़ित प्रतिकर योजना, बाल विवाह निषेध कानून और महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित सुरक्षा कानूनों पर भी चर्चा की गई। शिविरों में स्थानीय निवासियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया और अपनी कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए प्राधिकरण से जुड़ने की प्रक्रिया को समझा। यह पहल न्याय को आम आदमी की पहुंच तक ले जाने की दिशा में एक प्रभावी प्रयास सिद्ध हुई है।

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