अयोध्या राम मंदिर और बद्रीनाथ धाम में चोरी के आरोपों से मचा हड़कंप, जांच तेज

अयोध्या/बद्रीनाथ। अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर और बद्रीनाथ धाम में दान व चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर विवाद गहरा गया है। अयोध्या में दान पेटियों से नकदी निकालने के आरोप में विशेष जांच दल यानी SIT ने जून 2026 की शुरुआत में मंदिर से जुड़े आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि जांच टीम अब तक करीब 80 लाख रुपये की रिकवरी कर चुकी है।
जानकारी के अनुसार, इस मामले में मुख्य संदिग्ध के रूप में रामशंकर यादव का नाम सामने आया है, जो पहले ड्राइवर बताया जा रहा है और बाद में स्वयंसेवक के रूप में मंदिर व्यवस्था से जुड़ा हुआ था। कुछ रिपोर्टों में उसके राजनीतिक संबंधों को लेकर भी दावे किए गए हैं, हालांकि इन दावों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इस विवाद के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से जुड़े वरिष्ठ पदाधिकारियों पर भी सवाल उठे। मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रस्ट के प्रमुख पदों से जुड़े नामों के इस्तीफे की खबरें भी सामने आई हैं। जांच एजेंसियां दान पेटियों, नकदी संग्रह और मंदिर के आंतरिक ऑडिट से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कर रही हैं।
इधर, बद्रीनाथ धाम में भी इसी तरह के आरोपों के बाद जांच शुरू की गई है। यहां एक कर्मचारी पर चढ़ावे से जुड़ी गड़बड़ी के आरोप लगे हैं। मंदिर प्रशासन ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि दान और चढ़ावे की सुरक्षा के लिए निगरानी व्यवस्था और मजबूत की जा रही है।
दोनों धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों ने श्रद्धालुओं में चिंता बढ़ा दी है। मंदिर प्रशासन और जांच एजेंसियों का कहना है कि दान की पारदर्शिता, ऑडिट व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली को और सख्त किया जाएगा, ताकि श्रद्धालुओं की आस्था और चढ़ावे की पवित्रता बनी रहे।
मुख्य बातें
- अयोध्या राम मंदिर में दान पेटियों से नकदी चोरी के आरोप
- SIT ने आठ कर्मचारियों को गिरफ्तार किया
- अब तक करीब 80 लाख रुपये की रिकवरी का दावा
- बद्रीनाथ धाम में भी कर्मचारी पर चढ़ावे से जुड़ी गड़बड़ी के आरोप
- दोनों मंदिरों में ऑडिट और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी
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