डीग। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और जिले की छवि को बेहतर बनाने के उद्देश्य से डीग पुलिस ने एक अनूठी पहल शुरू की है। जिला पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. के नेतृत्व में 'साइबर चौपाल' अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत पुलिस अधिकारी स्वयं संवेदनशील गांवों में पहुंचकर ग्रामीणों और युवाओं से सीधा संवाद कर रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं को गलत रास्ते से हटाकर उन्हें शिक्षा और रोजगार की मुख्यधारा से जोड़ना है।
इसी कड़ी में 7 अक्टूबर 2026 को गोपालगढ़ थाना क्षेत्र के हैबतका गांव में एक विशाल साइबर चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय युवाओं और प्रबुद्ध नागरिकों ने भाग लिया। एसपी ने युवाओं को सचेत करते हुए कहा कि क्षणिक आर्थिक लाभ के चक्कर में साइबर ठगी के दलदल में फंसना न केवल उनके करियर को बर्बाद कर सकता है, बल्कि इससे उनके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा को भी गहरा धक्का लगता है।
चौपाल के दौरान ग्रामीणों को यह स्पष्ट रूप से समझाया गया कि किसी को फर्जी सिम उपलब्ध कराना या अपने बैंक खातों का उपयोग ठगों को करने देना भी एक गंभीर अपराध है। पुलिस ने चेतावनी दी कि ऐसे मामलों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन ने युवाओं से अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने का आह्वान किया है ताकि वे समाज में सम्मान के साथ जी सकें।
अभियान के तहत लोगों को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है। आमजन को सलाह दी गई है कि वे अनजान कॉल, संदिग्ध लिंक और ओटीपी साझा करने से बचें। किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने या नजदीकी पुलिस थाने में सूचना देने के निर्देश दिए गए हैं।
डीग पुलिस अब रोकथाम, जागरूकता और सख्त प्रवर्तन की त्रिस्तरीय रणनीति पर काम कर रही है। हैबतका से पहले यह अभियान भंडारा, भीलमका, हिंगोटा, खल्लूका, अलघानी और गाधानेर जैसे गांवों में भी सफलतापूर्वक आयोजित किया जा चुका है। पुलिस का मानना है कि इस तरह के सीधे संवाद से न केवल अपराधों में कमी आएगी, बल्कि युवाओं को सही राह दिखाने में भी मदद मिलेगी।


