Jaipur News: राजस्थान प्रदेश की राजधानी जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में पानी प्लास्टिक की बोतल की जगह कांच की बोतल में देने का फैसला लिया गया है। प्लास्टिक की बोतल में पानी बंद होने से लोगों को अब पानी की कांच की बोतल लेने के लिए 50 रुपए प्रति बोतल खर्च करने पड़ेंगे। दरअसल, जयपुर शहर में वन विभाग की ओर से फनी प्लास्टिक की बोतल की जगह कांच की बोतल में देने का फैसला लिया गया है। वन विभाग, जयपुर द्वारा शहर में स्थित नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में लगातार पानी की प्लास्टिक की बोतलों से जमा हो रही कचरे को काम करने के लिए पर्यटकों को पानी प्लास्टिक की जगह कांच की बोतल में देने के आदेश दिए गए हैं।
प्लास्टिक की बोतल मिलने पर पर्यटकों को लगेगा 1000 रुपए का जुर्माना
जयपुर शहर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में प्लास्टिक की बोतल में पानी पूरी तरह से बेन कर दिया गया। सीसीएफ रामकरण खेरवा ने बताया कि पार्क में आने वाले पर्यटकों द्वारा अगर वन विभाग के आदेशों की अवहेलना की जाती है और किसी पर्यटक के पास प्लास्टिक की बोतल मिलती है तो उस पर 1000 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांच की बोतल की कीमत ₹50 रखी गई है।
वन विभाग द्वारा दी जा रही कांच की बोतल के पानी को पर्यटक द्वारा प्रयोग करने के बाद खाली बोतल वापस करने पर ₹40 रिफंड किए जाएंगे। इस प्रकार नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में पर्यटकों को पानी की एक कांच की बोतल के लिए ₹10 खर्च करने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक की बोतलें पर्यावरण और पार्क की स्वच्छता के लिए तो चुनौती बन ही रही हैं, साथ में वन्यजीवों के लिए भी खतरा पैदा कर रहे हैं। इसलिए वन विभाग ने पानी प्लास्टिक की जगह कांच की बोतल में देने का फैसला लिया है।


