भरतपुर/सूमी। यूक्रेन के सूमी शहर में भरतपुर के निवासी और उद्यमी राजीव गुप्ता की दवा निर्माण इकाई पर हुए रूसी ड्रोन हमले ने भारी तबाही मचाई है। चार अक्टूबर की सुबह हुए इस हमले में कुसुम हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की मुख्य उत्पादन इमारत का एक बड़ा हिस्सा पूरी तरह नष्ट हो गया। इस दुखद घटना में एक इंजीनियर की मौत की पुष्टि हुई है और कई कर्मचारी घायल हुए हैं। राहत की बात यह है कि 57 वर्षीय कारोबारी राजीव गुप्ता सुरक्षित हैं और फिलहाल कीव में मौजूद हैं।
कंपनी के शुरुआती आकलन के अनुसार, इस हमले से करीब 400 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान होने का अनुमान है। यह फैक्ट्री रूस की सीमा से महज 23 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। रविवार का दिन होने के कारण फैक्ट्री में कर्मचारियों की उपस्थिति सामान्य दिनों की तुलना में कम थी, अन्यथा जनहानि का आंकड़ा और अधिक हो सकता था। हमले के बाद फैक्ट्री परिसर से उठता धुएं का गुबार दूर से ही देखा जा सकता था।
राजीव गुप्ता ने वर्ष 2009 में यूक्रेन में दवाओं के आयात और वितरण के साथ अपने कारोबार की शुरुआत की थी, जिसे बाद में उन्होंने स्थानीय उत्पादन इकाई में बदल दिया। आज कुसुम हेल्थकेयर 50 से अधिक जेनेरिक दवाओं के ब्रांड का निर्माण करती है, जो उज्बेकिस्तान, कजाकिस्तान और फिलीपींस सहित नौ से अधिक देशों में निर्यात किए जाते हैं। कंपनी की उत्पादन इकाइयां भारत के भिवाड़ी और पीथमपुर में भी सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं।
युद्ध की विभीषिका के बीच भी यह फैक्ट्री लगातार काम कर रही थी, लेकिन इस ड्रोन हमले ने उत्पादन गतिविधियों को पूरी तरह ठप कर दिया है। कंपनी के सामने अब संचालन को लेकर एक बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। भरतपुर में इस खबर के फैलते ही परिजनों और परिचितों में चिंता का माहौल है, हालांकि राजीव गुप्ता के सुरक्षित होने की सूचना ने सभी को बड़ी राहत दी है।
यह घटना युद्धग्रस्त क्षेत्रों में काम कर रहे भारतीय उद्यमियों के लिए बढ़ते जोखिमों को दर्शाती है। फिलहाल कंपनी प्रबंधन नुकसान की भरपाई और भविष्य की कार्ययोजना पर विचार कर रहा है। सूमी स्थित इस इकाई का भविष्य अब पूरी तरह से युद्ध की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
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