बृजनगर, डीग। डीग पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन काउंटडाउन' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक शरण गोपीनाथ के. के निर्देशन में बृजनगर थाना पुलिस ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो फर्जी फौजी बनकर और दुर्लभ सिक्कों के नाम पर लोगों से लाखों की ठगी कर रहा था। इस कार्रवाई में पांच शातिर ठगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो नाबालिगों को भी निरुद्ध किया गया है।
थानाधिकारी लाखन सिंह को साइबर सेल से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने सांई मंदिर से नीमकी रोड के पास घेराबंदी की। इस दौरान पुलिस ने संदिग्धों को रंगे हाथों पकड़ लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके पास से दो लग्जरी क्रेटा कारें, एक मोटरसाइकिल, आठ एंड्रॉइड मोबाइल, दस सिम कार्ड और दो एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। ये सभी उपकरण ठगी की वारदातों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे थे।
पूछताछ में गिरोह के काम करने का चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सेना के अधिकारियों की वर्दी वाली तस्वीरें लगाकर फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। इसके जरिए वे मकान किराए पर लेने का झांसा देकर पीड़ितों से एडवांस राशि मांगते थे। इसके अलावा, वे सोशल मीडिया पर पुराने और दुर्लभ सिक्कों को महंगे दामों में खरीदने का विज्ञापन देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और फर्जी क्यूआर कोड के जरिए पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बृजनगर थाने में भारतीय न्याय संहिता और आईटी एक्ट की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पकड़े गए आरोपियों में जाहुल, इस्लाम, युनिस, नासिर और अरबाज शामिल हैं, जो सभी बृजनगर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस अब इनके बैंक खातों की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और क्या इनके तार अन्य राज्यों से भी जुड़े हैं।
इस पूरी कार्रवाई में थानाधिकारी लाखन सिंह के साथ-साथ डीएसटी इंचार्ज अमर सिंह, वीरेंद्र सिंह, सुल्तान सिंह, लालचन्द, महाराज सिंह, यतेन्द्र सिंह और साइबर सेल के सौरभ सहित पूरी टीम की भूमिका सराहनीय रही है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह के पकड़े जाने से क्षेत्र में साइबर अपराधों पर लगाम लगेगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने की दिशा में आगे की कार्रवाई जारी रहेगी।
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