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भरतपुर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन: चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप, पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया

भरतपुर में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट तक मार्च निकाला, जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।

भरतपुर में कांग्रेस का उग्र प्रदर्शन: चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप, पुलिस ने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया
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भरतपुर, 29 सितंबर। भरतपुर में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और एनएसयूआई के सदस्यों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया। बिजलीघर चौराहे से शुरू हुआ यह पैदल मार्च कलेक्ट्रेट तक पहुंचा, जहां कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग पर वोट चोरी और धांधली के गंभीर आरोप लगाए। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर ज्ञानेश कुमार का पुतला भी फूंका गया।

प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट में प्रवेश करने की कोशिश की, पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कुछ एनएसयूआई कार्यकर्ता बैरिकेड्स पर चढ़कर नारेबाजी करने लगे। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें बसों में भरकर वहां से हटा दिया।

महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव रिक्की हंतरा ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और भाजपा की मिलीभगत से मतदाताओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर भी इस प्रक्रिया में शामिल होने का आरोप लगाया। हंतरा ने कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उस पर किसी भी प्रकार का राजनीतिक दबाव नहीं होना चाहिए।

हंतरा ने हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों का जिक्र करते हुए यह भी दावा किया कि कांग्रेस के पार्षदों को होटल में रखकर भाजपा के पक्ष में मतदान करने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया और चुनाव प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता की मांग की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए लगातार आवाज उठाती रहेगी।

दूसरी ओर, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनाव संबंधी सभी प्रक्रियाएं कानूनी नियमों के तहत ही की जा रही हैं। हालांकि, विपक्षी दलों द्वारा उठाए जा रहे ये सवाल राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। भरतपुर में हुआ यह प्रदर्शन इसी राजनीतिक विवाद की एक कड़ी माना जा रहा है, जहां कांग्रेस ने अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर शक्ति प्रदर्शन किया।