Jaipur Times
ई-पेपरYT
HI/EN
जयपुर टाइम्स
भरतपुर

राजस्थान पंचायत चुनाव का बिगुल: गुरुवार को 1.4 लाख पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी, महिलाओं के लिए 50% कोटा

राजस्थान में 14,403 सरपंच और 1.30 लाख वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण की प्रक्रिया गुरुवार को उपखंड स्तर पर लॉटरी के माध्यम से पूरी की जाएगी।

संवाददाता: हिमांशु चौधरी
राजस्थान पंचायत चुनाव का बिगुल: गुरुवार को 1.4 लाख पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी, महिलाओं के लिए 50% कोटा

जयपुर। राजस्थान में आगामी पंचायती राज चुनावों की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में हैं। जिला और पंचायत समिति स्तर के पदों के आरक्षण के बाद, अब ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंच और वार्ड पंच के पदों की तस्वीर साफ होने वाली है। गुरुवार को प्रदेश भर में उपखंड स्तर पर लॉटरी निकाली जाएगी, जिससे 14,403 सरपंच और 1,30,584 वार्ड पंच पदों के लिए आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

आरक्षण के आंकड़ों के अनुसार, सरपंच के कुल पदों में से 3,058 पद अनुसूचित जनजाति, 2,493 पद अनुसूचित जाति और 1,961 पद अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किए जाएंगे। वार्ड पंचों के लिए भी इसी तरह का वर्गीकरण किया गया है, जिसमें 21,962 पद अनुसूचित जाति, 19,117 पद अनुसूचित जनजाति और करीब 15 हजार पद ओबीसी वर्ग के लिए तय किए गए हैं।

इस चुनाव में महिलाओं की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान लागू किया गया है। यह व्यवस्था सभी श्रेणियों में समान रूप से प्रभावी होगी, जिसका अर्थ है कि एससी, एसटी, ओबीसी और अनारक्षित श्रेणी के कुल पदों में से आधे पद महिलाओं के लिए आरक्षित होंगे। लॉटरी के जरिए यह तय होगा कि किस ग्राम पंचायत में कौन सा पद किस वर्ग की महिला या पुरुष के लिए आरक्षित रहेगा।

बांसवाड़ा, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और सलूंबर जिलों में आरक्षण की व्यवस्था अन्य जिलों से भिन्न है। ट्राइबल सब-प्लान क्षेत्र होने के कारण, इन चार जिलों में सरपंच और वार्ड पंच के सभी पद अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित रखे गए हैं। यहां अन्य वर्गों के लिए अलग से आरक्षण का प्रावधान नहीं है, जो इन जिलों की विशिष्ट प्रशासनिक स्थिति को दर्शाता है।

लॉटरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद, संबंधित डेटा राज्य निर्वाचन आयोग को सौंपा जाएगा। इसके बाद चुनाव कार्यक्रम की घोषणा की जाएगी। हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार, पूरी चुनाव प्रक्रिया को 15 नवंबर तक संपन्न करना अनिवार्य है। ऐसे में अक्टूबर के पहले सप्ताह से नामांकन प्रक्रिया शुरू होने की प्रबल संभावना है, जिससे राज्य में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं।

प्रतिक्रियाएं

1 कुल

टिप्पणियां

0 स्वीकृत

अभी कोई स्वीकृत टिप्पणी नहीं है।