सुमेरपुर में तहसीलदार हिमांशु कछवाहा को भावभीनी विदाई
सुमेरपुर के बाण माता मंदिर परिसर में आयोजित एक गरिमामय समारोह में स्थानीय निवासियों और अधिकारियों ने तहसीलदार हिमांशु कछवाहा को उनके जनहितैषी कार्यों के लिए सम्मानित किया।

सुमेरपुर। सुमेरपुर के बाण माता मंदिर परिसर में शनिवार की शाम एक भावुक और गरिमामय दृश्य देखने को मिला, जब स्थानीय निवासियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने तहसीलदार हिमांशु कछवाहा को विदाई दी। अपनी कार्यकुशलता और सहज व्यवहार के लिए पहचाने जाने वाले कछवाहा के स्थानांतरण पर आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए, जो उनके प्रति सम्मान और आत्मीयता का प्रतीक था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता उपखंड अधिकारी कालूराम कुम्हार ने की और शिवराम महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि कछवाहा ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासन को मानवीय संवेदनाओं से जोड़ा। अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष तरुण त्रिवेदी ने उनके सरल स्वभाव और आध्यात्मिक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने राजस्व मामलों के त्वरित निपटारे और पारदर्शी प्रशासन के माध्यम से आमजन का भरोसा जीता है।
समारोह के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों और व्यापारियों ने तहसीलदार को साफा पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान से अभिभूत होकर हिमांशु कछवाहा ने कहा कि सुमेरपुर के लोगों ने उन्हें एक अधिकारी से बढ़कर परिवार का सदस्य माना है। उन्होंने कहा कि यहां मिला स्नेह और सहयोग उनके जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है, जिसे वे हमेशा याद रखेंगे।
इस अवसर पर शिवराज सिंह बिठिया, हिम्मत गहलोत, महेंद्र गहलोत और महेश परिहार सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। उपस्थित लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और नगर के प्रबुद्धजन भी बड़ी संख्या में मौजूद थे।
यह विदाई समारोह इस बात का प्रमाण है कि एक अधिकारी की असली पहचान उसके पद से नहीं, बल्कि उसके द्वारा किए गए जनसेवा के कार्यों और मानवीय व्यवहार से होती है। कछवाहा ने अपनी कार्यशैली से जो सकारात्मक छवि स्थापित की है, वह सुमेरपुर के लोगों के दिलों में लंबे समय तक बनी रहेगी। यह आयोजन प्रशासनिक सेवा के मूल्यों को रेखांकित करने वाला एक यादगार पल बन गया।
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