“बांध में उतरे अफसर, किसानों ने उठाई गाद… सुमेरपुर में जल बचाने की जंग बनी जनक्रांति”
गंगा आरती, जल पूजन और श्रमदान से गूंजे सिंदरू-तखतगढ़ बांध, हजारों लोगों ने लिया संकल्प— ‘हर बूंद बचाएंगे, भविष्य सजाएंगे’
सुमेरपुर।
भीषण गर्मी, गिरते जलस्तर और भविष्य के जल संकट की चेतावनी के बीच सुमेरपुर उपखंड में सोमवार को ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने हर किसी को सोचने पर मजबूर कर दिया। वंदे गंगा जल संरक्षण-जन अभियान 2026 के तहत सिंदरू बांध और तखतगढ़ बांध पर आयोजित कार्यक्रम केवल सरकारी आयोजन बनकर नहीं रहा, बल्कि देखते ही देखते जल बचाने की एक बड़ी जनक्रांति में बदल गया।
बांध किनारे गूंजती गंगा आरती, जल पूजन, “जल है तो कल है” के नारों और सामूहिक श्रमदान ने पूरे वातावरण को भावुक और ऊर्जा से भर दिया। सबसे खास बात यह रही कि यहां केवल भाषण नहीं हुए, बल्कि अधिकारी, किसान, महिलाएं और युवा खुद बांध में उतरकर गाद निकालते नजर आए। यह दृश्य लोगों के लिए प्रेरणा का केंद्र बन गया।
कार्यक्रम में किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष जयेंद्र सिंह गलथनी ने कहा कि आने वाला समय जल का है और जो समाज आज पानी नहीं बचाएगा, उसे कल संकट झेलना पड़ेगा। उन्होंने ग्रामीणों से वर्षा जल संग्रहण, तालाबों-बांधों के संरक्षण और पानी के सीमित उपयोग को जनआंदोलन बनाने का आह्वान किया।
जल संसाधन विभाग के अधिशासी अभियंता राज भवरायत ने कहा कि पानी केवल जरूरत नहीं, बल्कि जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने लोगों को जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और प्लास्टिक मुक्त जीवन शैली अपनाने की शपथ दिलाई।
गंगा दशहरे के अवसर पर आयोजित भव्य गंगा आरती और जल पूजन कार्यक्रम ने माहौल को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया। श्रद्धालुओं ने गंगा मैया को पुष्प अर्पित कर क्षेत्र में खुशहाली, अच्छी बारिश और समृद्धि की कामना की।
कार्यक्रम का सबसे प्रभावशाली क्षण तब आया जब ग्रामीण, किसान और अधिकारी सामूहिक रूप से बांध में उतरे और श्रमदान करते हुए गाद निकालने लगे। यह संदेश साफ था कि जल संरक्षण केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अब समाज खुद मैदान में उतर चुका है।
इसके बाद आयोजित जल चौपाल में ग्रामीणों और किसानों को जल संरक्षण के व्यावहारिक उपाय बताए गए। वक्ताओं ने कहा कि यदि अभी से पानी बचाने की आदत नहीं बदली गई तो भविष्य में गांवों और शहरों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ेगा।
कार्यक्रम में जवाई कमांड क्षेत्र संगम अध्यक्ष नरपत सिंह, रतन सिंह सांडेराव, भीम सिंह, जब्बर सिंह चांदराई, लादू सिंह, सांडेराव सरपंच प्रतिनिधि नरेंद्र देवासी, जसवंत सिंह गलथनी, शंकर सिंह काकु, तखतगढ़ उपतहसीलदार, मोहन मीणा नयाखेड़ा, सहायक अभियंता अक्षय कुमावत, राकेश प्रजापत सहित बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और युवा मौजूद रहे।
अंत में अधिशासी अभियंता राज भवरायत ने उपस्थित ग्रामीणों, किसानों एवं अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जल संरक्षण की यह मुहिम आने वाले समय में पूरे क्षेत्र के लिए मिसाल बनेगी।
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