लाखों की नई सड़क पहली बारिश में ही 'फेल', कृषि मंडी गेट पर जलभराव ने खोली व्यवस्थाओं की पोल

जल निकासी की अनदेखी से सड़क बनी तालाब, मंडी आने-जाने वाले किसान, व्यापारी और राहगीर परेशान
सुमेरपुर। करोड़ों नहीं तो लाखों रुपये खर्च कर बनाई गई जवाई बांध मार्ग की नई सड़क पहली ही मामूली बारिश में अपनी उपयोगिता पर सवाल खड़े करती नजर आई। सड़क निर्माण के दौरान जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं किए जाने का खामियाजा अब आमजन को भुगतना पड़ रहा है। उमेद सिंह कृषि मंडी के दो नंबर गेट के बाहर मामूली बारिश के बाद ही सड़क पर जलभराव हो गया, जिससे मंडी आने-जाने वाले किसान, वाहन चालक, व्यापारी और आसपास के दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ माह पूर्व सड़क का निर्माण कार्य पूरा हुआ, लेकिन बरसाती पानी की निकासी के लिए न तो प्रभावी नालियां विकसित की गईं और न ही सड़क का ढलान वैज्ञानिक तरीके से बनाया गया। परिणामस्वरूप पहली ही बारिश में सड़क के कई हिस्सों में पानी जमा हो गया। कृषि मंडी के दो नंबर गेट के सामने हालात सबसे अधिक गंभीर रहे, जहां सड़क तालाब जैसी दिखाई दी।
दुकानदारों का कहना है कि जलभराव के कारण ग्राहकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। दोपहिया वाहन चालक फिसलने के डर से धीमी गति से गुजरने को मजबूर हैं, जबकि पैदल राहगीरों को पानी से होकर निकलना पड़ रहा है। किसानों ने भी मंडी पहुंचने में असुविधा की शिकायत की।
स्थानीय नागरिकों ने सवाल उठाया है कि यदि पहली ही मामूली बारिश में नई सड़क की यह स्थिति है, तो मानसून के दौरान भारी बारिश में हालात कितने गंभीर होंगे। लोगों ने संबंधित विभाग से सड़क निर्माण की गुणवत्ता और जल निकासी व्यवस्था की तकनीकी जांच कराने, जिम्मेदारी तय करने तथा तत्काल स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि भविष्य में आमजन को इस समस्या से राहत मिल सके।
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