करौली। करौली जिले के टोडाभीम उपखंड के झाडिसा गांव में बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक किसान की जान जाने के बाद ग्रामीणों का आक्रोश सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंच गया। बीते 21 सितंबर को खेत में काम कर रहे 44 वर्षीय ब्रह्म सिंह की मौत 33 केवी बिजली लाइन का तार टूटकर गिरने से हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद ग्रामीण लामबंद होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और जिला कलेक्टर तथा पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि यह हादसा पूरी तरह से टाला जा सकता था, यदि विभाग ने समय रहते सुध ली होती। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली लाइन का तार लंबे समय से जर्जर स्थिति में था और इस संबंध में करीब दो महीने पहले ही विभागीय अधिकारियों को सूचित कर दिया गया था। बार-बार चेतावनी देने के बावजूद विभाग ने मरम्मत कार्य में कोताही बरती, जिसका खामियाजा एक किसान को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। ग्रामीणों ने इसे विभागीय तंत्र की घोर लापरवाही करार दिया है।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि हादसे के बाद मौके से साक्ष्य मिटाने की कोशिश की गई। ग्रामीणों के पास घटना से जुड़ी वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद है, जिसे उन्होंने जांच का हिस्सा बनाने की मांग की है। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। ग्रामीणों ने मांग की है कि बिजली विभाग द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में सुधार किया जाए और सच्चाई को सामने लाया जाए।
पीड़ित परिवार के लिए ग्रामीणों ने 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, मृतक के बेटे राजकुमार को सरकारी नौकरी और परिवार को चिरंजीवी योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग रखी है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार पर दुखों का पहाड़ टूटा है और प्रशासन को मानवीय आधार पर जल्द से जल्द राहत प्रदान करनी चाहिए।
ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल से वार्ता के दौरान जिला कलेक्टर ने उन्हें उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी दी जाएगी और पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाएगा। साथ ही, बिजली विभाग की रिपोर्ट की समीक्षा और सुधार का भी वादा किया गया है। प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि पीड़ित परिवार को जल्द ही न्याय और राहत मिलेगी।
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