गंगापुर सिटी। गंगापुर सिटी के उदेई मोड़ स्थित रिया हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर में सोमवार को उस समय भारी हंगामा हो गया जब इलाज के दौरान 18 वर्षीय महेंद्र जोगी की मौत हो गई। करौली जिले के पिचानौत निवासी महेंद्र को रविवार शाम अस्पताल में भर्ती कराया गया था। युवक की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर में एकत्रित होकर जमकर विरोध प्रदर्शन किया और अस्पताल प्रशासन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया।
परिजनों के अनुसार, महेंद्र को रविवार शाम करीब चार बजे आईसीयू में भर्ती किया गया था। सोमवार तड़के तीन से चार बजे के बीच उसकी स्थिति अचानक बिगड़ने लगी। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान अस्पताल में ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर और स्टाफ ने समय पर उचित उपचार नहीं दिया, जिसके कारण सुबह छह से सात बजे के बीच उसकी मृत्यु हो गई। परिजनों ने यह भी दावा किया कि अस्पताल का स्टाफ प्रशिक्षित नहीं था और आपातकालीन स्थिति को संभालने में पूरी तरह विफल रहा।
आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि युवक की मौत के बाद उन्हें सूचित किए बिना ही शव को आईसीयू से बाहर निकाल दिया गया। इस घटना के बाद अस्पताल में तनाव बढ़ गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर बदसलूकी करने और शिकायत करने पर कानूनी कार्रवाई की धमकी देने का भी आरोप लगाया है।
सूचना मिलने पर उदेई मोड़ थाना पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिजनों को शांत कराया। पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर मर्ग दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और उपचार के दौरान के रिकॉर्ड की जांच के बाद ही मौत के सही कारणों और लापरवाही के दावों की पुष्टि हो सकेगी।
गौरतलब है कि रिया हॉस्पिटल पहले भी चर्चाओं में रहा है। अगस्त 2026 में अस्पताल के संचालक डॉ. महेश मीणा को फिरौती की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई थी। अब इस नई घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और चिकित्सा व्यवस्थाओं पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजन अस्पताल को तत्काल बंद करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
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