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विशेष आलेख

गुल्फ चक्र योग क्रिया लेखक : योगाचार्य ढाका राम जी।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
गुल्फ चक्र योग क्रिया  लेखक : योगाचार्य ढाका राम जी।

गुल्फ चक्र एक सरल लेकिन प्रभावशाली योगिक क्रिया है, जो टखनों की लचीलापन बढ़ाने, उन्हें मजबूत बनाने तथा समग्र शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार लाने के लिए उपयोगी है। यह विशेष रूप से वृद्ध व्यक्तियों, अधिक समय तक बैठे रहने वालों और संयुक्त दर्द से पीड़ित लोगों के लिए अत्यंत लाभकारी है।

क्रिया विधि:

1. पैरों को सीधा फैलाकर दंडासन की स्थिति में बैठें।

2. दोनों पैरों के बीच लगभग 1 फुट का अंतर रखें।

3. पैर के पंजों को धीरे-धीरे गोल-गोल घुमाएं: • पहले कलोकवाइज़ दिशा में 6 बार। • फिर एंटीकलोकवाइज़ दिशा में 6 बार।

4. पीठ और गर्दन को पूरी तरह सीधा रखें।

5. दोनों हाथ सहजता से पीठ के पीछे रखें। हथेलियाँ जमीन पर और कोहनियाँ सीधे रखें। शरीर का भार दोनों कूल्ले पर समान रूप से वितरित करें।

टखना एक साइनोवियल जोड़ होता है, जो शरीर के सबसे उपयोगी जोड़ में से एक है। इस क्रिया से साइनोवियल द्रव (स्नेहक द्रव) का स्राव बढ़ता है, जिससे जोड़ लचीला, चिकना और स्वस्थ बनता है।

यह व्यायाम प्रमुख मांसपेशियों पर काम करता है, जैसे – • गैस्ट्रोक्नेमियस (पिंडली की मांसपेशी)

• सोलियस

• टिबियालिस एंटीरियर

• पेरोनीयल्स

• फ्लेक्सर और एक्सटेंसर मसल्स

इसके कारण रक्त परिसंचरण में सुधार होता है और मांसपेशियों की ताकत व लचीलापन बढ़ता है।

यह क्रिया साइयाटिक तंत्रिका और पेरिफेरल नर्व्स पर हल्का दबाव डालती है, जिससे नसों का कार्य बेहतर होता है और उनका संतुलन बना रहता है।

समग्र स्वास्थ्य लाभ:

• लिम्फेटिक ड्रेनेज में सुधार होता है।

• पैरों की जकड़न (Stiffness) और दर्द में कमी आती है।

• टखने का दर्द, टखना मोच (Ankle Sprain), गठिया (Arthritis), पेरिफेरल न्यूरोपैथी, खराब रक्त परिसंचरण, मांसपेशियों की कमजोरी, सूजन (Edema), प्लांटर फासिअइटिस और सायटिका दर्द जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।

विशेष लाभ:

• टखने की जोड़ की लचीलापन बढ़ती है।

• निचले अंगों की जकड़न कम होती है।

• रक्त संचार बेहतर होता है।

• चोट लगने की संभावना घटती है।

• शारीरिक संतुलन सुधारता है।

• न्यूरोपैथी के लक्षण कम होते हैं।

• लिम्फेटिक ड्रेनेज से सूजन कम होती है।

सावधानियाँ:

• यदि व्यायाम के दौरान अधिक दर्द महसूस हो, तो तुरंत इसे बंद करें।

• गर्भवती महिलाएं या हृदय संबंधी समस्याओं वाले व्यक्ति चिकित्सक की सलाह के बाद ही करें।

• धीरे-धीरे अभ्यास शुरू करें। जल्दी या अधिक रोटेशन से फायदे कम और हानि हो सकती है।

• नियमित रूप से 5-10 मिनट का अभ्यास लाभदायक रहेगा।

गुल्फ चक्र योग क्रिया शरीर के टखनों को लचीला, मजबूत और स्वस्थ बनाकर चलने-फिरने में आसानी प्रदान करती है। यह विशेष रूप से वृद्ध लोगों, अधिक समय तक बैठने वाले व्यक्ति तथा गठिया, सायटिका, न्यूरोपैथी जैसी समस्याओं से पीड़ित लोगों के लिए अति उपयोगी है। यदि इसे दैनिक रूप से नियमित किया जाए तो लंबे समय में स्थायी स्वास्थ्य लाभ प्राप्त होते हैं।

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