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जयपुर में 90 विवाह स्थलों पर जेडीए की कार्रवाई, क्या रद्द होंगी शादियों की बुकिंग्स?

जयपुर विकास प्राधिकरण ने शहर के 90 मैरिज गार्डनों को नियमों के उल्लंघन के चलते नोटिस जारी किए हैं। वेडिंग सीजन से ठीक पहले आई इस खबर ने संचालकों और परिवारों की चिंता बढ़ा दी है।

संवाददाता: जयपुर टाइम्स डेस्क
जयपुर में 90 विवाह स्थलों पर जेडीए की कार्रवाई, क्या रद्द होंगी शादियों की बुकिंग्स?

जयपुर। जयपुर में आगामी विवाह सीजन की तैयारियों के बीच जेडीए के एक आदेश ने हलचल मचा दी है। जयपुर विकास प्राधिकरण ने शहर के 90 मैरिज गार्डनों को नोटिस जारी कर व्यावसायिक रूपांतरण, बिल्डिंग बायलॉज के उल्लंघन और पार्किंग की कमी जैसे गंभीर मुद्दों पर जवाब मांगा है। इस कार्रवाई ने न केवल विवाह स्थल संचालकों की नींद उड़ा दी है, बल्कि उन परिवारों के लिए भी अनिश्चितता पैदा कर दी है जिन्होंने महीनों पहले अपनी शादियों के लिए बुकिंग करा ली है और कार्ड छपवा दिए हैं।

जेडीए की ओर से जारी नोटिस में मुख्य रूप से चार बिंदुओं पर आपत्ति जताई गई है। इनमें व्यावसायिक गतिविधि के लिए भूमि का रूपांतरण न होना, बिल्डिंग बायलॉज की अनदेखी, आवासीय क्षेत्रों में संचालन और परिसर में 40 प्रतिशत पार्किंग स्थान का अभाव शामिल है। अधिकारियों का कहना है कि शहर में संचालित अधिकांश विवाह स्थल किराए की जमीन पर चल रहे हैं, जिससे नियमों का पालन सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है।

दूसरी ओर, विवाह स्थल संचालकों का तर्क है कि वे पहले से ही नगर निगम को हर साल लाखों रुपये का शुल्क चुका रहे हैं। इसमें लाइसेंस शुल्क, सफाई शुल्क, अनुमति शुल्क और फायर एनओसी जैसी मदें शामिल हैं, जो एक बड़े विवाह स्थल के लिए लगभग सात लाख रुपये तक पहुंच जाती हैं। संचालकों का कहना है कि जेडीए द्वारा मांगी जा रही व्यावसायिक रूपांतरण की प्रक्रिया में एक से दो करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है, जो उनके लिए व्यावहारिक नहीं है।

जयपुर विवाह स्थल समिति के प्रतिनिधियों ने इस मामले को लेकर जेडीए और नगरीय विकास विभाग के आला अधिकारियों से मुलाकात की है। हालांकि अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है, लेकिन जेडीए ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी स्थल को सील नहीं किया गया है। संचालकों को उम्मीद है कि सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी ताकि आने वाले विवाह सीजन में परिवारों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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