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जानें किस्मत चमकाने को कब पहनें कौनसे रंग

रंग मन की भावनाएं भी दर्शाते हैं तो क्या रंग हमारे भाग्य को तय करने में भी कोई भूमिका निभाते हैं? कुछ रंगों से हमारा अच्छा तालमेल होता है, जो हमें पॉजीटिव एनर्जी देते हैं। इसलिए कुछ खास रंग हमें ज्यादा आकर्षित करते हैं। लेकिन ज्योतिष पर यकीन करने वाले भी दिन के लिहाज से रंगों का चयन करने लगे हैं। दिनों के अनुसार रंगों का चयन कर पहना जाए तो किस्मत भी साथ देने लगती है। आइए जानें जरा कैसे? 

रविवार को पहनें खिले-खिले रंग के कपडे
इस दिन गुलाबी, सुनहरे और संतरी रंग का विशेष महत्व है। लेकिन खिले-खिले रंगों के पुराने परिधानों को रविवार के दिन पहनने से सप्ताह भर की थकान दूर हो जाती है। इस दिन नए कपड़े नहीं पहनने की सलाह दी जाती है। 
 

जानिए लक्ष्मीजी कब होंगी आप पर मेहरबान

धनागमन होने से पूर्व धनागमन का संकेत कई माध्यमों हमें मिलने लगता है। उन्हीं माध्यमों में से एक माध्यम है स्वप्न। स्वप्न फलों का अपना एक उत्तम इतिहास है। बडी-बडी होनी और अनहोनी होने से पहले बहुतों को संकेत मिला है। अत: हम यहां पर धन आगमन की पूर्व सूचना देने वाले स्वप्नों की चर्चा करने जा रहे हैं। 
1. यदि आप स्वप्न में किसी देवी-देवता के दर्शन करते हैं तो समझिए कि आपको सफलता के साथ-साथ धन लाभ भी होने वाला है। 
2. स्वप्न में नृत्य करती किसी स्त्री या कन्या को देखना भी धन प्राप्ति का संकेत माना गया है। 
3. यदि आप स्वप्न में नीलकण्ठ या सारस पक्षी को देखते हैं तो आपको धन लाभ एवं सम्मान कि प्राप्ति हो सकती है।
4. यदि आप स्वप्न में कदम्ब का वृक्ष देखते हैं तो यह धन प्राप्ति, स्वास्थ्य लाभ और सम्मान प्राप्ति का संकेत होता है।

बदल जाएगी किस्मत, आजमाएं ये वास्तु टिप्स

शास्त्र से जुड़े उन तथ्यों के बारे में बताने जा रहे है, जिन्हे जानकर आप चौंक जाएंगे। ये जानकर आप चौंक जाएंगे कि आधी से ज्यादा जनता इन गलतियों को रोजाना दोहराती है, जिससे उनके घर में आए दिन दिक्कतें आती रहती है।वास्तु क्या है, क्यों है, लोग क्यों इसे इतना महत्व देते है, ये बाते तो आप सभी जानते होंगे। लेकिन आज हम आपको वास्तु  के बाद कभी भी दूध, दही और प्याज नहीं देना चाहिए, ऐसा करने से आपका भाग्य रूठ जाता है , फिर चाहे वो बाहर का कुत्ता ही क्यों न हो। आम तौर पर लोग ख़ुशी के मौके पर मिठाइयां बांटते है, लेकिन ज्योतिष शास्त्र कहता है कि हर 2 महीने में दफ्तर में अपने साथियों के संग मिठाई बांटकर खानी चाहिए, इससे तरक्की के रास्ते खुलते है।

घर में लगाएं तुलसी का पौधा, दूर हो जाएंगे दोष

भारतीय संस्कृति में तुलसी के पौधे का बहुत महत्व है और इस पौधे को बहुत पवित्र माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि जिस घर में यह तुलसी का पौधा नहीं होता उस घ में भगवान भी रहना पंसद नहीं करते। माना जाता है कि घर में आंगन में तुलसी का पौधा लगा कलह और दरिद्रता दूर करता है। तुलसी एक ऐसा पौधा है। जिसके लाभ अनेकानेक हैं और इसे विज्ञान भी मान चुका है। तुलसी के कई प्रकार हैं जैसे रक्त तुलसी, राम तुलसी, भू तुलसी, वन तुलसी, ज्ञान तुलसी, मुख्यरूप से विद्यमान है। तुलसी की इन सभी प्रजातियों के गुण अलग है। इन्हीं में से कुछ ऐसे उपाय हैं जिनसे आप अपने घर का वास्तु दोष भी ठीक कर सकते हैं। वास्तुदोष दूर करने के लिए इसे दक्षिण-पूर्व से लेकर उत्तर पश्चिम तक किसी भी खाली कोने में लगाया जा सकता है। तुलसी का पौधा किचन के पास रखने से घर के सदस्यों में आपसी सामंजस्य बढ़ता है। पूर्व दिशा में यदि खिडक़ी के पास तुलसी का पौधा रखा जाए तो आपकी संतान आपका कहना मानने लगेगी। अगर संतान बहुत ज्यादा जिद्दी और अपनी मर्यादा से बाहर है तो पूर्व दिशा में रखे तुलसी के पौधे के तीन पत्ते रोज उसे किसी ना किसी तरह खिला दें।

चमत्कारी है रुद्राक्ष दुखों को दूर करने की ताकत रखता है

महादेव के सभी भक्तों को रुद्राक्ष धारण करना बेहद जरूरी है। पुराणों के अनुसार रुद्राक्ष की उत्पति के सम्बन्ध में कहा गया है कि एक बार भगवान आशुतोष शंकर जी ने देवताओं एवं मनुष्यो के हित के लिए असुर त्रिपुरासुर का वध करना चाहा और एक सो वर्षो तक तपस्या की। भगवान के मनोहर नेत्रों से आंसू गिरे उन्हीं आंसुओं से रुद्राक्ष के महान वृक्षों की उत्पति हुई| कहते हैं रूद्राक्ष को धारण करने वाला जातक हर तरह के अमंगल से दूर रहता है। कहते हैं, जो पूरे नियमों का ध्यान रख श्रद्धापूर्वक रुद्राक्ष को धारण करता है, उनकी सभी कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। कहा जाता है कि जिन घरों में रुद्राक्ष की पूजा होती है, वहां मां लक्ष्मी का वास होता है। यह भगवान शंकर की प्रिय चीज मानी जाती है।

वास्तु के अनुसार बदलें सोने का तरीका, मिलेगा छुटकारा

वास्तु शास्त्र घर, प्रासाद, भवन अथवा मंदिर निर्मान करने का प्राचीन भारतीय विज्ञान है जिसे आधुनिक समय के विज्ञान आर्किटेक्चर का प्राचीन स्वरूप माना जा सकता है। व्यक्ति मानें या न मानें लेकिन उसके जीवन में वास्तुशास्त्र का अहम योगदान है। वास्तुशास्त्र के नियम अंधविश्वास ना होकर पूरी तरह वैज्ञानिक तर्कों पर आधारित हैं, जिसकी वजह से समाज चाहे कितना ही मॉडर्न क्यों ना हो जाए इन नियमों को नजरअंदाज नहीं कर सकता।

 

नियमों का पालन
वास्तुशास्त्र जीवन के हर क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज करवाता है। घर हो या ऑफिस, खाना हो या सोना सब जगह वास्तुशास्त्र के नियमों को लागू किया जा सकता है। ये नियम व्यक्ति के जीवन को सुधार भी सकते हैं और अगर इनका पालन ना किया जाए तो यह किसी भी व्यक्ति के जीवन को बिगाड़ भी कर सकते है। तो आईए बात करते हैं वास्तु के कुछ एेसे ही नियमों के बारे में जिन्हें अपनाने से जीवन बहुत हद तक सहज व सरल बना सकता है।


हमारे वातावरण में विभिन्न प्रकार की ऊर्जाएं विद्यमान होती हैं। हम किन परिस्थितियों और किन हालातों में उन ऊर्जाओं के साथ तालमेल बैठाते हैं, यह व्यक्ति के जीवन पर गहरा असर डालता है।

 

लक्ष्मी जी का अपमान करता है घर में पड़ा ये सामान

घर में रखी गई तुच्छ से तुच्छ वस्तु में भी सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा होती है। जिसका प्रभाव परिवार में रह रहे सभी सदस्यों पर पड़ता है। घर में पड़ा कुछ सामान ऐसा भी होता है, जिसे घर में रखने से धन की देवी लक्ष्मी जी का अपमान होता है। घर में पड़ी अनुपयोगी वस्तुएं कबाड़ होती हैं और कबाड़ से घर में नकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है इसलिए घर में कबाड़ होना शुभ नहीं होता। अलक्ष्मी को ऐसी चीजें अपनी ओर आकर्षित करती हैं तुरंत हटा दें घर से ऐसी चीजें-

तिजोरी में मां लक्ष्मी धन के रूप में वास करती हैं। इसके ऊपर घरेलु उपयोग में आने वाला कोई भी सामान न रखें। 


घर के स्टोर रूम और बाथरूम के समीप मंदिर न बनाएं।


घर में बंद या खराब पड़े बिजली के उपकरण एवं घड़ीयां नहीं रखनी चाहिए। इससे अच्छा समय भी बुरे दौर में परिवर्तित हो जाता है।


घर में सुबह-शाम मंदिर में दीपक लगाएं। दीपक का महत्त्व है कि दीपक के अन्दर जो घी या तेल होता है वो हमारी वासनाएं, हमारे अंहकार का प्रतीक है और दीपक की लौ के द्वारा हम अपनी वासनाओं और अंहकार को जला कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते हैं। 


बैड के नीचे कबाड़ इकट्ठा नहीं करना चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।


पूर्वजों की तस्वीरें पश्चिम-दक्षिण दिशा में लगाएं।


बैड रूम में रात को सोते समय जूठे बर्तन न रखें। इससे रूपए-पैसे और सेहत से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं।


मूर्तियां छोटी और कम वजनी ही बेहतर होती हैं। अगर कोई मूर्ति खंडित या क्षतिग्रस्त हो जाए तो उसे तुरंत पूजा स्थल से हटा कर कहीं बहते जल में प्रवाहित कर देना चाहिए। 

वास्तु की इन बातों को अपनाएं वर्किंग वुमन, मिलेगी सफलता

आज-कल के दौर में ज्यादातर महिलाएं वर्किंग वुमन है, जो घर के कामों के साथ ही प्रोफैशनली भी काम करती है। लेकिन कई महिलाओं की उन्नति आसाना से नहीं हो पाती। बहुत मेहनत करने के बाद कई बार उन्हें मनचाही सफलता नहीं मिल पाती। ऐसे में वास्तु शास्त्र आपकी मदद कर सकता है। आज हम आपको वास्तु की 8 ऐसी टिप्स देंगे जिन्हें खास तौर पर वर्किंग महिलाओं को फॉलो करना चाहिए। ऐसा करने से उन्हें करियर में मनचाही सफलता मिल सकती है। 


अक्सर महिलाओं को पैरों को क्रास करके बैठे पाया जाता है, लेकिन वास्तु की नजर में यह गलत होता है। इससे तरक्की में रूकाटव आती है। इस लिए महिलाओं को एेसे नहीं बैठना चाहिेए।


करियर में जल्दी और अच्छी ग्रोथ के लिए हमेशा ये ध्यान रखें कि ऑफिस में या किसी भी जगह काम करते समय चेयर हमेशा पीठ से ऊंची हो। इसे कारोबार की प्रगति के लिए अच्छा माना जाता है। 


घर या ऑफिस में आपकी वर्किंग टेबल चौकोर होना चाहिए, काम करने के दौरान गोल टेबल का प्रयोग बिल्कुल न करें।


अगर आपका ऑफिस घर में ही है या आप घर से काम करती हं तो भूलकर भी बैडरूम या उससे लगे हुए कमरे को वर्किंग रूम न बनाएं।


ऑफिस और घर की वर्किंग टेबल पर छोटे-छोटे क्रिस्टल रखें। ये आपको करियर में कई नए अवसर दिलाएंगे।


वर्किंग टेबल पर कम्प्यूटर, टैलिफोन जैसे इलेस्ट्रानिक वस्तुओं को हमेशा दक्षिण-पूर्वी कोने में रखें।