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मैसूर दशहरा देखने जा रहे हैं तो उत्‍सव की इन 5 चीजें देखना न भूलें

1- मैसूर शहर में दशहरे का उत्सव देवी की पूजा के साथ भजन गा कर मनाया जाता है। यहां पर ये त्यौहार नदहब्बा के नाम से भी प्रसिद्ध है। कहते हैं यहां पर ये त्यौहार चार सौ साल पुराने रीति-रिवाजो के साथ मनाया जाता है। मैसूर शहर में दशहरे का आयोजन, महिषासुर पर चामुंडेश्वरी देवी की जीत के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर लगभग 100,000 बल्बों से मैसूर पैलेस यानि अम्बा विलास महल को सजाया जाता है। इसे जरूर देखें ये एक अदभुद नजारा होता है। 

2- मैसूर में दशहरे उत्‍सव का आयोजन दस दिनों तक होता है। इस समय खूब रौनक लगती है। पूरे 10 दिनों तक बहुत से सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं। साथ ही फूड मेला, वुमेन दशहरा जैसे खास कार्यक्रम भी होते हैं। दसवें और आखिरी दिन मनाए जाने वाले उत्सव को जम्बू सवारी के नाम से जाना जाता है। दशहरे के दसों दिन का उत्‍सव देखने लायक होता है। 

3- अंतिम दिन यानि विजयदशमी को मैसूर की सड़कों पर जुलूस निकलता है। इस जुलूस की खासियत यह होती है कि इसमें सजे-धजे हाथी के ऊपर एक हौदे में चामुंडेश्वरी माता की मूर्ति रख कर यात्रा निकाली जाती है। यह विशेष परंपरा साल 1880 से शुरू हुई। इसमें पूजी गई देवी की मूर्तियां भव्य जुलूस के साथ सजे हुए हाथियों पर ले जाई जाती हैं। यह हाथी जुलूस, मैसूर पैलेस से होकर दशहरा मैदान तक जाता है। सबसे पहले मूर्ति की पूजा मैसूर के शाही दंपत्‍ति करते हैं उसके बाद जुलूस निकाला जाता है। यह मूर्ति सोने की बनी होती है साथ ही हौदा भी सोने का ही होता है। यह खूबसूरत सुनहरी हौदा मैसूर के वैभवशाली अतीत की सुंदर कहानी कहता है। यह हौदा कब और कैसे बना और इसे किसने बनवाया, इस बारे में सही जानकारी नहीं मिलती है, लेकिन 750 किलो वजन के इस हौदे में एक अनुमान के अनुसार 80 किलो सोना लगा है। हौदे पर की गई नक्काशी मैसूर के कारीगरों की कुशलता का प्रमाण है। इस हौदे के बाहर की ओर फूल-पत्तियों की सुंदर नक्काशी है। पहले इस हौदे का उपयोग मैसूर के राजा अपनी शाही हाथी की सवारी के लिए किया करते थे। अब इसे साल में केवल एक बार विजयादशमी के जुलूस में माता की सवारी के लिए लाया जाता है।

4- मैसूर महल से शुरू होकर बनीमन्टप तक जाने वाला ये जुलूस म्यूजिक बैंड, डांस ग्रुप, मैसूर की शाही सेना, हाथी, घोड़े और ऊंट के साथ चलता है। यहां पहुंच कर लोग बनी के एक पेड़ की पूजा करते हैं। ऐसी मान्‍यता है कि पांडवों ने अपने एक साल के गुप्तवास के दौरान अपने हथियार इसी पेड़ के पीछे ही छुपाये थे। साथ ही वे कोई भी युद्ध करने जाने से पहले इस पेड़ की पूजा करते थे।

5- इस अवसर पर अम्बा विलास महल के सामने एक प्रदर्शनी भी लगती है। जो दशहरे के दिन शुरू होकर दिसंबर तक चलती रहती है। इस प्रदर्शनी में कपड़े, श्रंगार सामग्री, रसोई का सामान, घरेलू इस्‍तेमाल की चीजे, हैंडीक्राफ्ट का सामान और खाने-पीने की चीजें मिलती हैं। यहां पर तरह-तरह के खेल खेलने के लिए एक खास क्षेत्र होता है।

टॉप के मेहमान नवाज! 2017 में इन 10 शहरों में सबसे ज्‍यादा आए पर्यटक

बैंकाक

बैंकाक दक्षिण पूर्वी एशियाई देश थाईलैंड की राजधानी है। बैंकाक थाइलैंड की राजधानी है। यहां ऐसी अनेक चीजें जो पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। इनमें से सबसे प्रसिद्ध हैं मरीन पार्क और सफारी। एक सर्वेक्षण में बताया गया है कि 2017 में एक अनुमान के अनुसार यहां एक रात में करीब 20.19 मिलियन पर्यटकों की उपस्‍थिती दर्ज की गई। 

लंदन

2017 के सर्वेक्षण के अनुसार एक रात में करीब 20.01 मिलियन अनुमानित पर्यटकों का स्‍वागत करने वाला शहर लंदन संयुक्त राजशाही और इंग्लैंड की राजधानी है। साथ ही ये यूनाइटेड किंगडम का सबसे अधिक आबादी वाला शहर भी है। ग्रेट ब्रिटेन द्वीप के दक्षिण पूर्व में थेम्स नदी के किनारे स्थित, लंदन पिछली दो सदियों से राजनीति, शिक्षा, मनोरंजन, मीडिया, फ़ैशन और शिल्पी के क्षेत्र में वैश्विक शहर की स्थिति रखता है और इनका एक बड़ा केंद्र रहा है। इसे रोमनों ने लोंड़िनियम के नाम से बसाया था।

पेरिस

पेरिस, फ़्रांस का सबसे बड़ा नगर और राजधानी है। यह 105 वर्ग किलोमीटर यानि 41 वर्ग मील में फैला हुआ है। 17वीं शताब्दी में पेरिस, यूरोप में वित्त, वाणिज्य, फैशन, विज्ञान और कला के प्रमुख केंद्रों में से एक बना, और यह स्थिति आज भी कायम है। यहां पर 2017 में अतिथितियों की अनुमातित संख्‍या 16.13 मिलियन दर्ज की गई है। 

दुबई

दुबई, संयुक्त अरब अमीरात की सात अमीरातों में से एक है। यह फारस की खाड़ी के दक्षिण में अरब प्रायद्वीप पर स्थित है। दुबई नगर पालिका को अमीरात से अलग बताने के लिए कभी कभी दुबई राज्य भी कहा जाता है। दुबई, मध्य पूर्व की एक ग्‍लोबल सिटी और व्यापार केन्द्र के रूप में उभर कर सामने आया है। कुछ लिखित दस्तावेजों में इस शहर को संयुक्त अरब अमीरात के गठन से 150 साल पहले से मौजूद होने की बात कही गयी है। 2017 के एक सर्वेक्षण में बताया गया है कि यहां इस वर्ष एक रात में अनुमानित 16.01 मिलियन पर्यटक आये हैं। 

सिंगापुर

सिंगापुर विश्व के प्रमुख बंदरगाहों और व्यापारिक केंद्रों में से एक है। यह दक्षिण एशिया में मलेशिया और इंडोनेशिया के बीच में स्थित है। सिंगापुर यानी सिंहों का पुर, इसीलिए इसे सिंहों का शहर कहा जाता है। यहां पर कई धर्मों में विश्वास रखने वाले, विभिन्न देशों की संस्कृति, इतिहास और भाषा के लोग रहते हैं। यहां 2017 में एक रात में अनुमानित 13.45 मिलियन पर्यटक आये हैं। 

टोक्‍यो

टोक्यो जापान की राजधानी और सबसे बड़ा शहर है। यह जापान के होन्शू द्वीप पर बसा हुआ है और इसकी जनसंख्या लगभग 86 लाख है। ये दुनिया का सबसे अधिक जनसंख्या वाला महानगरीय क्षेत्र भी कहलाता है। टोक्यो लगभग 80 किमी के क्षेत्र में फैला हुआ है इसीलिए यह क्षेत्रफल की दृष्टि से भी विश्व का सबसे बड़ा नगरीय क्षेत्र है। एक अनुमान के अनुसार इस साल यहां करीब 12.51 मिलियन पर्यटक एक रात में आये हैं। 

सियोल

सियोल दक्षिण कोरिया की राजधानी है। यह शहर हान नदी के किनारे बसा है। सियोल दक्षिण कोरिया का सबसे बड़ा शहर है। यहां एक रात में 12.44 मिलियन  पर्यटको के आने का अनुमान 2017 के सर्वेक्षण में लगाया गया। 

गुलाबी शहर तो घूमा होगा अब गुलाबी नदी में नहाइए

1- छोटे पर आप ने पिंक कलर का बबल गम तो जरूर खाया होगा और टोमेटो सॉस भी खाया होगा पर हम आपको एक नदी के बारे में बताने जा रहे हैं जो सच में लाल रंग की है। इस नदी का रंग भारी बरसात में बदल जाता है। जब नदी बरसात में रंग बदलती है तो ऐसा लगता है जैसे कोई जादूई घटना घटित हो रही है। कनाडा के कैमेरोन जल प्रपात से निकलने वाली धारा के कई रंग हैं। बाकी दिनों में नदी बिलकुल साफ होती है। जब बरसात शुरु होती है तो ये अपना रंग बदलती है। 

 

2- हल्‍की बरसात में ये पिंक कलर की हो जाती है। बरसात अगर बहुत तेज हो रही है तो इस नदी का रंग टमाटर की तरह लाल भी हो सकता है। ये कोई जादूई चीज नहीं है। ना ही यह कोई फोटोशॉप ट्रिक है। जब पानी तेजी के साथ बरसता है तो इसमें एग्रोलाइट नाम का पदार्थ मिलता है जो इसके रंग में परिवर्तन लाता है। नदी के रंग में आने वाला ये परिवर्तन कुछ मिनटों के लिए ही होता है। कुछ देर बाद नदी फिर से अपने पहले रूप में आ जाती है। किसी परी कथा की तरह नदी धीरे-धीरे अपना रंग बदलना शुरु करती है। 

 

3- रौशेल ने बताया कि जब यहां बारिश होना आम बात है पर नदी बारिश के हिसाब से ही अपना रंग बदलती है। कैमेरोन फाल कनाडा में अल्‍बर्टा वेस्‍टर्न लेक नेशनल पार्क में है। अपनी रंग बदलने की खासियत के चलते ये सैलानियों और फोटोग्राफर्स की पहली पसंद होता है। फोटोग्रार्फस की माने में स्प्रिंग सीजन और समर सीजन में नदी का रंग बदलना सबसे सुखद अनुभव देता है। इस दौरान यहां भारी बारिश भी होती है। अगर आप साइंस और नेचर लवर हैं तो कैमेरोन फाल आप की घूमने की लिस्‍ट में जरूर होना चाहिए।

क्‍या आप भी ट्रैवलिंग के दौरान ऐसी 10 तस्‍वीरें खींचते हैं? बदल डालिए ये आदत

1. किसी मीनार या इमारत को झुकाते हुए फोटो खिंचाना अब पुराना हो चुका है। आपने भले ही पहली बार किया हो ऐसा लेकिन देखने वाले इरीटेट हो चुके हैं। कभी ताजमहल की चोटी पकड़े हुए फोटो, तो कभी कुतुबमीनार को धक्‍का लगाने वाली तस्‍वीरों का जमाना चला गया। इसीलिए आप कहीं ऐसी जगह जाते हैं तो इन तस्‍वीरों को खिंचवाने से बचें।

2. समुद्र किनारे मस्‍ती करने का अपना ही मजा है। ऐसे में बीच पर लेटे हुए सिर्फ पैरों की तस्‍वीर डालना आपको भले ही कूल लगता हो, लेकिन देखने वालों को मजा नहीं आता। किसी को कोई इंट्रेस्‍ट नहीं है कि वह आपके पैरों की चप्‍पलों को देखे।

3. आज मैं ऊपर, आसमां नीचे इस लाइन को कैप्‍शन में लिखकर उड़ते हुए फोटो खिंचवाना बहुत पुराना ट्रेंड है। डूबते सूरज के सामने या इमारत के आगे हवा में उड़कर फोटो खिंचवाते हैं तो इस आदत को बदल लीजिए कुछ नया ट्राई करें तो ज्‍यादा वाहवाही मिलेगी।

4. सेल्‍फी स्‍टिक हाथ में लेकर 'कूल' स्‍टाईल में फोटो खिंचवाना थोड़ा पुराना हो चुका। इसकी जगह आप किसी दूसरे व्‍यक्‍ित से कह कर बेहतर एंगल से तस्‍वीर खिंचा लीजिए, तो ज्‍यादा बेहतर होगा।

5. एक समय था जब हाथ से हार्ट का शेप बनाकर उसके बीच में डूबते सूरज को रखकर फोटो खिंचवाते थे। प्रोफेशनल फोटोग्राफर्स के लिए यह चलन से बाहर हो चुका है। 

6. खाने से पहले उसकी फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर डालना, हमेशा समझ से परे रहा। क्‍यों भाई लोगों को दिखा-दिखाकर क्‍या खाना।

7. हाथ में आइसक्रीम कोन लिए कई तस्‍वीरें सोशल मीडिया पर मिल जाएंगी। ऐसी फोटोज को शायद ही कोई पसंद करता हो। इसलिए आपको सलाह दी जाती है आइसक्रीम जल्‍दी खा लें, नहीं तो फोटो खिंचाने के चक्‍कर में कहीं पिघल न जाए।

8. खाली पड़े खंडहर और इमारतों को फोटो खींचना, तब बेहतर होता है जब कोई इतिहास में रूचि रखता हो। आमतौर पर लोगों को ऐसी तस्‍वीरों से कुछ खास लगाव नहीं होता। इसकी जगह आप हरियाली की तस्‍वीर खींच लें, तो लोग आकर्षित जरूर होंगे।

9. रेल की पटरी, खाली सड़क इनकी तस्‍वीरें लेना आपको अच्‍छा लगता होगा लेकिन यह भी पुराना ट्रेंड है।

10. कुछ तस्‍वीरें फिजूल की होती है, इनका कोई मतलब नहीं होता। एक साधारण तस्‍वीर को बेहतर बनाती है टाइमिंग..यानी कि परफेक्‍ट एंगल और परफेक्‍ट टाइमिंग पर खींची गई तस्‍वीर हमेशा नंबर वन रहती है।

5 चर्च जिनमें छिपा है देश का इतिहास, रोमांच और स्‍थापत्‍य

1- संत केथेड्रल चर्च

यह भारत के सबसे बड़े चर्चो में से एक है। ये गोवा में स्थित है। ये केथेड्रल चर्च कैथरीन आफ अलेक्जेंड्रिया को समर्पित है। ये चर्च पुर्तगाली सेना द्वारा मुस्लिम सेना के ऊपर विजय के सम्‍मान में बनवाया गया था। इस चर्च का निर्माण 1562 में शुरु हुआ था और 1619 में ये बनकर तैयार हुआ। 

 

2- परुमाला चर्च

केरल में स्थित परुमाला चर्च महान संत ग्रिगोरिएस जीर्वाघीस की स्‍मृति में बनाया गया था। इसे परुमाला चर्च के नाम से भी जाना जाता है। ये चर्च केरल के मनार में स्थित है। यह मल्लंकरा रूढ़िवादी सीरियन चर्च का एक पारिश चर्च है। 1947 में ग्रिगोरियस को कैथोलिकोस आफ द चर्च ने संत की उपाधि दी थी। 

 

3- बेसिलिका आफ बोम जीसस

बेसिलिका आफ बोम जीसस भारत के सबसे पुराने चर्चो में से एक है। ये बीव सिटी गोवा में स्थित है। इसे वर्ल्‍ड हैरिटेज साइट घोषित किया जा चुका है। यह चर्च 300 साल से भी अधिक पुराना है। बोम जीसस का अर्थ होता है गॉड जीसस। इस चर्च में संत फ्रांसिस जेवियर का शरीर साल में एक बार चर्च के अनुयायियों के लिए रखा जाता है। इस दौरान देश विदेश से हजारों की संख्‍या में फॉलोअर्स आते हैं। 

 

4- मलयतूर चर्च

ईसाई धर्म की आस्‍था का ये तीर्थ केरल में स्थित है। माना जाता है कि यह सेंट थॉमस दक्षिण भारत में ईसाई धर्म की शिक्षाओं का प्रचार प्रसार करते थे। ये भारत के सबसे पुराने चर्चो में से एक है। इस चर्च को संत थॉमसे ने बनवाया था। यह एक पहाड़ की चोटी पर स्थित है। इस चर्च को वेटिकन से जोड़ा जाता है। पहाड़ चढ़ कर चर्च तक पहुंचना फॉलोअर्स के लिए एक रोमांचकारी अनुभव होता है।

 

5- कदमट्टम चर्च

कदमट्टम चर्च मालंकरा जेकोबेट ऑर्थोडॉक्स सीरियन चर्च का अभिन्‍न अंग है। ऐसी मान्‍यता है कि इस चर्च को 9 वीं शताब्‍दी में बनाया गया था। इस चर्च का आर्कीटेक्‍चर इंडो-पर्शियन है। चर्च में पुराने फारसी क्रास के चिह्न हैं। यह चर्च प्रीस्‍ट कदमट्टुतु कत्तानार के नाम से पूरे विश्‍व में प्रसिद्ध है। इन्‍हें सुपरनेचुरल पावर्स के लिए जाना जाता था। चैपल और पोयाडेम वेल शानदार दर्शनीय स्‍थल है।

भारत में इको टूरिज्‍म के 5 स्‍थान, जो ले जाएं आपको प्रकृति के नजदीक

केरल

इको-फ्रेंडली टूरिस्ट डेस्टिनेशंस में केरल बहुत ही खूबसूरत जगह है। यहां क‍िसी भी मौसम में घूमा जा सकता है। केरल में प्रकृति‍ का एक अनोखा रूप देखने को म‍िलता है। इको-फ्रेंडली टूर‍िस्‍ट प्‍लेस पसंद करने पयर्टकों के ल‍िए यहां खूबसूरत रेतीले समुद्र तट, ताड़ के पेड़ और बैकवॉटर जैसी चीजे हैं। ज‍िनका अच्‍छे से मजा ल‍िया जा सकता है। यहां की संस्कृति और परंपराएं भी पयर्टकों को अपनी ओर आकर्षित करती हैं। 

कुर्ग

कुर्ग भी इको-फ्रेंडली टूरिस्ट डेस्टिनेशंस में से एक है। यह भारत के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में भी ग‍िना जाता है। यहां हर साल बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। मिस्टी पहाड़ियों, घने जंगल और कोहरे वाली शाम पयर्टकों को बहुत पसंद आती हैं। इतना ही नहीं यहां बहने वाली कावेरी नदी इस स्थान को और ज्‍यादा खूबसूरत बनाती है। इसके अलावा वन्य जीव स्‍थल पुष्‍पागिरि वन्‍यजीव अभयारण्‍य भी घूमा जा सकता है। 

गोवा 

इको-फ्रेंडली टूरिस्ट डेस्टिनेशंस में गोवा का नाम न हो, ऐसा शायद ही हो। यह भी भारत के खूबसूरत पयर्टन स्‍थलों में से एक है। गोवा की प्राकृतिक सुंदरता की भी ज‍ितनी तारीफ की जाए कम है। समुद्र तट के अलावा यहां बोंडला या कोटीगाओ वन्यजीव अभयारण्य जैसे स्‍थानों पर पयर्टकों को बहुत अच्‍छा लगता है। गोवा की यात्रा में सुंदर मंदिरों, चर्चों, किले और ऐत‍िहास‍िक स्मारकों को घूमा जा सकता है। 

स‍िक्‍क‍िम 

हिमालय में एक छोटा सा पहाड़ी राज्य सिक्किम अपनी हरी-भरी वनस्पति, घने जंगलों और असख्‍ंय क‍िस्‍मों के फूलों से पयर्टकों को आकर्षित करता है। इसके अलावा यहां पयर्टकों को गहरी घाटियों, खूबसूरत झरनों और लहराती नदियों के क‍िनारे शाम के समय वक्‍त ब‍िताना अच्‍छा लगता है। एक खूबसूरत पयर्टन स्‍थल के रूप में स‍िक्‍कम के पास सबकुछ है। यहां पर व‍िदेशी पयर्टकों की भी भीड़ रहती है। 

उत्तराखंड

इको-फ्रेंडली टूरिस्ट डेस्टिनेशंस में उत्तराखंड भी है। उत्तराखंड को देवताओं का धाम भी कहा जाता है। हकीकत में देखा जाए तो यह धरती का स्वर्ग है। यह राज्‍य पूरे पहाड़ी इलाकों और खूबसूरत परिदृश्यों के लिए लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। गंगा और यमुना दो सबसे सम्मानित नदियां हैं जो उत्तराखंड में हिमालयी ग्लेशियरों से शुरू होती हैं। उत्तराखंड बहुत समृद्ध वनस्पतियों और जीवों का घर है।

यहां 20 लाख साल पहले मानव ने बनाई थी पेंटिंग, घूमें 10 ऐतिहासिक जगहें

1- क्रिमची

क्रिमची जम्‍मू कश्‍मीर के ऊधमपुर का छोटा सा गांव है। यहां भारत का सबसे पुराना मंदिर है। इसे पांडव मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहां पंचेरी में हिल रिसॉर्ट है जहां आप जा सकते हैं। 

 

2-  कांगड़ा

कांगड़ा हिमचाल प्रदेश की एक खूबसूरत घाटी है। कांगड़ा में आप हिमालयन पिरामिड, मैसूर रॉक कट टेंपल घूम सकते हैं। यहां कांगड़ा फोर्ट, तारागढ़ फोर्ट के साथ करेरी लेक भी है। 

 

3- खजुराहो

मध्‍यपद्रेश के छतरपुर जिले में स्थित खजुराहो का मंदिर अपनी मूर्तियों के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां हिन्‍दू और जैन मंदिर सैकड़ों की संख्‍या में हैं। ये मंदिर अपने अनोखे स्‍थापत्‍य कला के लिए जाने जाते हैं। 

 

4- जागेश्‍वर

अल्‍मोड़ जिले के जागेश्‍वर में सैकड़ों मंदिर बने हुए हैं। यहां कुछ 124 मंदिर हैं। छोटे-छोटे सैकड़ों की संख्‍या में मंदिर एक साथ बहुत खूबसूरत नजर आते हैं। 

 

5- अयोध्‍या

उत्‍तर प्रदेश में अयोध्‍या भगवान राम की जन्‍म भूमि हैं। अयोध्‍या सरयू नदी के क‍िनारे बसी है। ये मंदिरों का शहर है। यहां का अपना एक पौराणिक इतिहास है।

 

6-  वाराणसी

वाराणसी को काशी भी कहा जाता है। गंगा के किनारे बसा हुआ ये शहर उत्‍तर प्रदेश में है। ये विश्‍व के सबसे पुराने शहरों में से एक है। ये शहर अपने अनेकों रंगो के कारण प्रसिद्ध है। 

 

7- भीमाटेक रॉक शेल्‍टर्स

भीमबेटका रॉक शेल्‍टर्स एक आर्कीयोलॉजिकल साइट है। ये जगह मध्‍यप्रदेश के रायसेन जिले में स्थित है। इस जगह पर लाखों साल पुराने मानव इतिहास के च‍िह्न मिले हैं। यह गुफाएं पाषाण काल की है। उस समय यहां रहने वालों ने पत्‍थर की दीवारों पर जानवरों के चित्र उकेरे थे।

 

8- कुरुक्षेत्र

कुरुक्षेत्र हरियाणा जिले में स्थित है। कुरुक्षेत्र का एक अनोखा इतिहास है। यहां पर भगवान कृष्‍ण ने अर्जुन को भगवद् गीता के संदेश दिए थे। यहां पर प्रसिद्ध ब्रम्‍हा सरोवर है। श्री कृष्‍ण म्‍यूजियम के साथ भीष्‍मा कुंड है। 

 

9- पानीपत

पानीपत हरियाणा राज्‍य का हिस्‍सा है। इसकी खोज पांडवों ने महाभारत काल के दौरान की थी। पानीपत की लड़ाई भी बहुत प्रसिद्ध है। यहां पानीपत म्‍यूजियम, इब्राहीम लोधी की कब्रगाह भी है। 

 

10- ग्‍वालियर

ग्‍वालियर मध्‍यप्रदेश का एतिहासिक शहर है। भारत के इतिहास में ग्‍वालियर का खास योगदान है। ग्‍वालियर फोर्ट, राजा मान सिंह तोमर का भवन, सिंधिया म्‍यूजियम और गोपाचल पर्वत यहां की प्रसिद्ध जगहें हैं।