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पीडि़ता बोलीं-आसाराम को उम्रकैद से मेरी 5 साल से चल रही नजरबंदी खत्म हुई

जोधपुर। राजस्थान के अपने आश्रम में वर्ष 2013 में एक नाबालिग लडक़ी के साथ दुष्कर्म करने के मामले में स्वयंभू संत आसाराम बापू को जोधपुर की अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई। अब आसाराम अपनी स्वभाविक मृत्यु तक जेल में ही रहेगा। घटना के वक्त पीडि़ता की उम्र 16 साल थी। लेकिन, अब पीडि़ता 21 साल की होने वाली है और आसाराम पर फैसले के बाद काफी खुश भी है। फैसले के बाद पीडि़ता ने कहा, उन्होंने गवाहों को मार दिया। मेरी शिक्षा को बर्बाद कर दिया। मेरे परिवार को डराया लेकिन मैं जानती थी कि मुझे यह करना होगा। आसाराम को सजा सुनाए जाने के बाद बहादुर बेटी ने कहा, अपराध किसी और ने किया था लेकिन एक तरह से मुझे 5 सालों तक अपने घर में नजरबंद रहना पड़ा। उसने कहा, पिछले 5 सालों के दौरान जब भी वह घर से बाहर निकलती थी तो हमेशा पीछे देखती रहती थी ताकि यह पता चल सके कि कहीं कोई मेरा पीछा तो नहीं कर रहा है।

कई बार कुछ लोग मेरे पास आ जाते और गाली देते, अश्लील कॉमेंट करते या धमकी देते थे। हरेक दिन मेरे लिए एक दु:स्वप्न के समान था। सजा सुनाए जाने के बाद उसने कहा, न्याय मिला है। हमें इसकी आशा थी लेकिन दोषी ठहराए जाने को लेकर बहुत भरोसा नहीं था क्योंकि वह बहुत प्रभावशाली व्यक्ति है और उसके बड़े लोगों से संबंध हैं। मैं इस समय बीकॉम कर रही हूं लेकिन मेरे दिमाग में हमेशा यह केस चलता रहता था। मैं अब अपने भविष्य के बारे में सोच सकूंगी और हम उम्र लड़कियों की तरह जीवन जी सकूंगी। वहीं, फैसले के बाद पीडि़ता के पिता ने संतोष जताया है। उन्होंने कहा कि अब हमें इंसाफ मिला है। पीडि़ता के पिता ने कहा कि इस सजा से दुराचारियों को संदेश जाएगा कि किसी की बेटी की इज्जत पर हाथ डालोगे तो बचोगे नहीं। 

इस सजा का ऐलान होते ही पीडिता के पिता मीडिया के सामने आए और साथ देने वालों को धन्यवाद दिया। फैसले के बाद पीडि़ता के पिता ने कहा कि हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था और हमें खुशी है कि न्याय मिला। उन्होंने कहा कि परिवार लगातार दहशत में जी रहा था और इसका उनके व्यापार पर भी काफी असर पड़ा। सजा के ऐलान के बाद पीडि़ता के पिता ने कहा, मुझे जान की परवाह नहीं। मुझे न्याय मिल चुका है। मर भी गया तो संतुष्टि होगी। मेरी बेटी ने भी सभी लोगों को धन्यावाद कहा है। न्यायपालिका और वकीलों को भी धन्यवाद कहा है। सब ईश्वर की कृपा है। इस दुराचारी को उम्रकैद मिल गई है यही हमारे लिए मुआवजा है। ऐसे दो चार दुराचारियों को फांसी हो जाएगी तो आगे रेप की घटनाएं नहीं घटेंगी।
 

कांग्रेस सरकार में नहीं, बल्कि वसुंधरा सरकार के कार्यकाल में 3 किसानों ने की आत्महत्या - कटारिया

जयपुर । प्रदेश में किसानों की आत्महत्या के मामले में राजनीति थमने का नाम नहीं ले रही है। वहीं प्रदेश के गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने किसानों की आत्महत्या के मामले में बड़ा बयान दिया है। 

प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता में गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि वर्तमान वसुंधरा सरकार के शासनकाल में वर्ष 2015 में सिर्फ 3 किसानों ने आत्महत्या की थी, वहीं पूर्ववर्ती गहलोत सरकार के शासन काल में एक भी किसान की आत्महत्या का मामला पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज नहीं है। 

गृहमंत्री ने यह भी कहा कि अगर कोई किसान सुसाइड नोट लिखता है, कि वह कर्जे के कारण आत्महत्या कर रहा है, तो माना जा सकता है किसी किसान ने आत्महत्या की है। नहीं, तो पुलिस जांच के आधार पर तो सिर्फ वर्ष 2015 में 3 किसानों ने ही कर्जे के कारण आत्महत्या की है।

आपको बता दे कि बीते दिनों कोटा में लहसुन का दाम नहीं मिलने पर एक किसान ने आत्महत्या कर ली थी। इसके अलावा विपक्षी दल कांग्रेस का आरोप है कि वर्तमान वसुंधरा सरकार के कार्यकाल में 80 से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके है।

सजा सुनाए जाने के बाद फूट-फूटकर रोने लगा आसाराम

जोधपुर। जोधपुर सेंट्रल जेल में बनी विशेष अदालत ने नाबालिग से बलात्कार के मामले में आसाराम को दोषी करार दिया गया। आसाराम के अलावा अदालत ने शिल्पी और शरदचंद्र को दोषी करार दिया। जबकि शिवा और प्रकाश को बरी कर दिया। जोधपुर सेंट्रल जेल के अंदर बनी विशेष कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा ने अपना अहम फैसला सुनाया। आपको बता दें कि 1660 दिन आसाराम जेल में बिता चुका हैं और इस मामले में 1470 दिनों तक ट्रायल चला। 

12 बार अदालतों से उनकी जमानत याचिका को खारिज किया जा चुका है। 6 बार ट्रायल कोर्ट, तीन बार हाई कोर्ट और 3 बार सुप्रीम कोर्ट से उनकी जमानत याचिका खारिज हो चुकी है। 30 से ज्यादा नामी वकीलों ने आसाराम के लिए पैरवी की, लेकिन कोई भी जमानत नहीं दिला सका। आसाराम पर फैसले से पहले जोधपुर सहित देश के चार राज्यों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार राजस्थान, दिल्ली, गुजरात व हरियाणा में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 

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मार्च के अंत तक खुले में शौच से मुक्त घोषित हो जाएगा प्रदेश : राठौड़

जयपुर। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री की विधानसभा में बजट घोषणा के तहत प्रदेश मार्च 2018 के अंत तक 9 हजार 891 ग्राम पंचायतों एवं 43 हजार 519 गावों सहित खुले में शौच से मुक्त घोषित कर दिया जाएगा। राठौड़ सोमवार को यहां इंदिरा गांधी पंचायती राज संस्थान में विभाग की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में गत चार वर्षों में 79 लाख 20 हजार शौचालयों का निर्माण कर 99.86 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की गई।

पंचायती राज मंत्री ने बताया कि भारत सरकार द्वारा 916.01 करोड़ रुपए की राशि केन्द्र से आवंटित की गई है एवं राज्य सरकार द्वारा 641.61 करोड़ की राशि राज्यांश के रूप में जारी किए जाकर लाभार्थी के खाते में सीधे ही ईएफएमएस के माध्यम से 1484 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। शेष निर्मित शौचालय के भुगतान भी राशि प्राप्त होने पर लाभार्थियों को अतिशीघ्र कर दिया जाएगा। बैठक में ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुर्दशन सेठी, शासन सचिव एवं आयुक्त पंचायतीराज विभाग नवीन महाजन, सचिव आयुक्त ग्रामीण विकास विभाग रोहित कुमार एवं निदेशक स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) डॉ. आरुषि मलिक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

गुमाणो माता के दर्शन करने गया था श्रद्धालु, धर्मशाला की छत से गिरने से मौत

करौली। जिले के करणपुर कस्बे में स्थित गुमानो देवी माता के दर्शन करने आए युवक की धर्मशाला की छत से गिर जाने से मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर पंचनामे की कार्रवाई कर बिना पोस्टमार्टम के शव परिजनों को सौंप दिया।

पुलिस के अनुसार करौली बरपाडा निवासी अतुल शर्मा उर्फ लाला करणपुर की गुमानो माता के दर्शन करने गया था। वहां रात में एक निजी धर्मशाला में रुका और छत पर सो गया। रात को शौच के लिए जाते समय छत पर पैर फिसलने से गिर कर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की आवाज सुन कर आसपास के लोग एकत्र हो गए। उन्होंने घायल अतुल को करणपुर चिकित्सालय में भर्ती कराया। वहां उपचार के दौरान उसने दम तोड दिया। 
 

हर वर्ग के कल्याण के लिए उठाए कदम, जनता के भरोसे पर खरा उतरेंगे : राजे

जयपुर। मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने कहा कि सरकार आम आदमी की बेहतरी के लिए काम कर रही है। हमने हर वर्ग को विकास की मुख्य धारा से जोड़ा है। जनता का विश्वास ही हमारी पूंजी है और जनता के भरोसे पर हम हर हाल में खरा उतरेंगे।

राजे एएनएम-जीएनएम की भर्ती को लेकर राज्य बजट में की गई घोषणाओं के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री निवास उनका आभार व्यक्त करने प्रदेशभर से आए वंचित एनआरएचएम अभ्यर्थियों को सम्बोधित कर रही थी। इन अभ्यर्थियों ने बताया कि एनआरएचएम के नर्सिंगकर्मियों की पिछली भर्ती में कई अभ्यर्थी वंचित रह गए थे। राज्य बजट में 4 हजार 514 नर्स ग्रेड-द्वितीय तथा 5 हजार 558 महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता की भर्ती से नर्सिंगकर्मियों में नई उम्मीद जागी है।

जैन समाज के लोगों ने विकास कार्याें के लिए व्यक्त किया आभार

दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र श्री महावीर जी प्रबंधकारिणी कमेटी के पदाधिकारियों ने राजे से मुलाकात की और उन्हें श्री महावीर जी क्षेत्र में वृहद् सामुदायिक चिकित्सा केन्द्र व क्षतिग्रस्त सड़क के निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति जारी करने पर उनका आभार व्यक्त किया। इन पदाधिकारियों ने बताया कि श्री महावीर जी देशभर के जैन धर्मावलम्बियों की आस्था का केन्द्र है। यहां हो रहे विकास कायोर्ं से लोगों को मूलभूत सुविधाएं मिल सकेंगी। इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष सुधांशु कासलीवाल, पूर्व मुख्य सचिव श्री अशोक जैन, भारत भूषण अजमेरा उपस्थित रहे।

बूंदी में पूरे परिवार ने खाया जहर, महिला सहित 3 मासूमों की मौत, पिता गंभीर

बूंदी। शहर में सोमवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। इस घटना में एक परिवार के सभी सदस्यों ने जहर खा लिया। घटना में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार घटना सब्जी मंडी इलाके के पीछे घसियारा मोहल्ला निवासी केरोसिन का काम करने वाले महेश कुमार बैरवा के घर पर हुई। आर्थिक रूप से परेशान महेश कुमार बैरवा (52), उसकी पत्नी मंजू (48), सात साल के बेटे प्रतीक और दो बेटियों सिमरन (24) और शिवानी (25) ने घर में जहर खा लिया। लोगों को इसका पता चला तब तक मंजू, प्रतीक, सिमरन और शिवानी दम तोड़ चुके थे। गंभीर अवस्था में महेश कुमार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। महेश कुमार बैरवा अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच लड़ाई लड़ रहा है। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि अभी आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चला है, लेकिन बताया जा रहा है कि रमेश आर्थिक रूप से परेशान था। आपको बता दें कि इस घटना में जहर खाने के बाद नसें भी काटने की बात सामने आई है।
 

एग्रीटेक की सफलता के बाद अब मई में ग्लोबल मेडी एग्रीटेक

जयपुर। ग्लोबल राजस्थान एग्रीटेक मीट में मिली सफलता के बाद अब राज्य सरकार 'ग्लोबल मेडी एग्रीटेक' का आयोजन करने जा रही है। मई माह में आयोजित होने जा रहे इस आयोजन के जरिए राजस्थान में पैदा हो रही औषधीय फसलों के दवाओं में वाणिज्यिक उपयोग के प्रयास होंगे।

कृषि मंत्री डॉ. प्रभुलाल सैनी का कहना है कि प्रदेश में जैतून, चिकोरी, किनवा, ड्रमस्टिक, ड्रैगन फ्रूट, चियासीड और डेट पाम जैसी फसलों की पैदावार की जा रही है जो कई घातक बीमारियों को काबू करने में काफी कारगर साबित हो सकती हैं। अलग-अलग रिसर्च के जरिए इन फसलों के औषधीय गुणों की पहचान की जा चुकी है। ये मानव जीवन के लिए लाभदायक साबित हो सकती हैं.

अंतरराष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ होंगे शामिल
ग्लोबल मेडी एग्रीटेक में आईसीएआर और आयुश मिशन के विशेषज्ञों के साथ ही अलग-अलग स्पेशलिटी के राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर के आयुर्वेद, होम्योपैथी और एलोपैथी के डॉक्टर्स भी शामिल होंगे. कई वैज्ञानिक और फार्मास्यूटिकल कम्पनियों के अधिकारी भी इसमें शामिल होंगे. उनसे रिसर्च रिपोर्ट्स के आधार पर इन उपजों के दवाओं और पौष्टिक आहार के तौर पर उपयोग पर चर्चा होगी.

सीएम को पीड़ा सुनाई, अफसर मानते नहीं, मंत्री सुनते, जनता हमें कोस रही है

जोधपुर। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पूरी तरह चुनाव की तैयारी में जुट गई है। उन्होंने रुठे कार्यकर्ताओं को मनाना शुरू कर दिया है। इस कड़ी में सीएम राजे ने शनिवार को अपने चार साल के कार्यकाल में पहली बार जोधपुर में भाजपा पदाधिकारियों की बैठक ली। बैठक में पदाधिकारियों ने अपनी पीड़ा सुनाई। कहा कि प्रशासनिक अफसर उनकी मानते नहीं है, मंत्री उनकी कोई सुनवाई नहीं करते। जनता हमें कोसती है। बजरी खनन पर लगी रोक को लेकर जनता हमें खरी-खोटी सुनाती है। 
इस पर मुख्यमंत्री ने सभी को आश्वस्त करते हुए उचित समाधान का भरोसा दिलाया। उन्होंने चुनावी वर्ष के मद्देनजर पार्टी पदाधिकारियों को बूथ पर जाकर काम में जुटने को कहा।मुख्यमंत्री ने यहां सर्किट हाउस में करीब सवा घंटे तक भाजपा के शहर, देहात व फलोदी जिलाध्यक्षों, जिला महामंत्री व मंडल अध्यक्षों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि कोई गिला-शिकवा हो तो बताएं। इस पर पदाधिकारियों ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी उन्हें तवज्जो नहीं देते हैं। इससे जनता में गलत संदेश जा रहा है।बैठक में मौजूद अधिकतर पदाधिकारियों ने अपनों के स्थानांतरण की बात रखी। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके लिए वे किसी विधायक या मंत्री के पास नहीं जाएं। जिलाध्यक्ष के मार्फत प्रदेशाध्यक्ष तक पत्र पहुंचाएं। महामंत्री व मंडल अध्यक्षों ने कहा कि उनके क्षेत्र में कई बार बड़े मंत्री के आने तक की सूचना नहीं होती। इसके बाद पार्टी उलाहना देती है कि पदाधिकारियों ने तैयारियां नहीं की।पदाधिकारी बोले-बजरी के लिए जनता हमें कोस रही
पदाधिकारियों ने बजरी पर रोक के मुद्दे को लेकर कहा कि जनता उन्हें कोस रही है। सीएम ने कहा कि इस समस्या का जल्द समाधान किया जाएगा। उन्होंने विशेषतौर से पार्टी पदाधिकारियों को बूथ पर प्रवास करने को कहा। जनता को पार्टी के कामकाज से रूबरू करवाने की बात कही। बैठक के बाद पार्टी पदाधिकारियों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी।जलदाय मंत्री गोयल मीटिंग से बाहर भेजा 
सीएम के पास जिले के शहर, देहात व फलोदी जिलाध्यक्षों की कुर्सियां लगी थीं। कुछ देर के लिए फलोदी जिलाध्यक्ष रेवतसिंह राजपुरोहित बाहर चले गए। इस दौरान जलदाय मंत्री सुरेन्द्र गोयल उनकी कुर्सी पर आकर बैठ गए। फलोदी जिलाध्यक्ष रेवतसिंह के लौटने पर सीएम ने मंत्री गोयल को बाहर जाने को कहा। उन्होंने कहा कि यह बैठक केवल संगठन की है। इसके पर गोयल बाहर चले गए।पांच घंटे तक जोधपुर रुकी सीएम
मुख्यमंत्री शनिवार को जोधपुर में करीब पांच घंटे रुकीं। वे विशेष विमान से 11 बजकर 20 मिनट पर जोधपुर एयरपोर्ट पहुंचीं। वहां से सीधे सर्किट हाउस आईं। यहां उन्हें महिला पुलिस की टुकड़ी ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके बाद वे सीधे सर्किट हाउस के कक्ष में बैठक लेने पहुुंच गई। करीब सवा घंटे उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों से संवाद किया। इसके बाद एक निजी समारोह में भाग लेने चली गईं। मुख्यमंत्री वहां से पुन: सर्किट हाउस पहुंची। यहां मौजूद जनप्रतिनिधियों व आमजन से मिलने के बाद उन्होंने लंच लिया और करीब शाम 4 बजकर 5 मिनट पर सर्किट हाउस से एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गईं।

रामनवमी आज, घर-घर हुआ बटुक पूजन

जयपुर। चैत्र शुक्ल के नवरात्रा समापन पर रविवार को हवन और कन्या भोजन के साथ नवरात्र का समापन हुआ। घर-घर में अष्टमी और नवमी पर माता की ज्योत लेकर पूजा की। कन्या बटुकों को भोजन करवाया गया। इसके बाद मंदिरों में रामनवमी का पूजन किया गया। 
अष्टमी और नवमी एक होने पर लोगों ने व्रत भी रखा। कन्याओं को भोजन करवाया गया।

पौराणिक तीर्थ स्थल श्री गलताजी में रामनवमी पर रविवार को पांच सदियों पुरानी वैदिक परंपरा के तहत रामलला रामलला विग्रह रूप में शोभायात्रा निकाली गई। गलता पीठाधीश्वर संपत कुमार अवधेशाचार्य ने बताया कि गलता तीर्थ में नवमी पर रविवार सुबह 10 बजे सीतारामजी, रघुनाथ जी, रामनिवास जी और रामलला जी के विग्रह रूप शोभायात्रा के रूप में श्री निवास बालाजी मंदिर पहुंचें। शोभायात्रा में प्रभु श्री निवास, श्री देवी और भूदेवी का धातु विग्रह रूप भी शामिल किया गया। शहर के चांदपोल बाजार स्थित राम मंदिर में दोपहर 12 बजे मध्याह आरती के साथ रामजन्मोत्सव मनाया गया।