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पति को पकड़ने घर आई पुलिस, बचाने के लिए कुत्ता छोड़ा तो मिली ये सजा

होशंगाबाद.धोखाधड़ी के आरोपी पति को पकड़ने के लिए पुलिस घर आई तो पत्नी ने पुलिसकर्मियों पर कुत्ता छोड़ दिया था। कुत्ते ने दो पुलिसकर्मियों को काटा। पति को बचाने के इस अनूठे मामले में शुक्रवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी मयंक शुक्ला ने कुत्ते से पुलिसकर्मियों को कटवाने वाली महिला को एक साल की सजा सुनाई है। महिला के साथ पति को भी एक साल की सजा मिली है।

7 सितंबर 2015 को धोखाधड़ी के वारंटी दिनेश मंसोरिया को पकड़ने पुलिस आनंद नगर पहुंची तो पत्नी किरन मंसोरिया ने पुलिसकर्मियों पर अपना पालतू कुत्ता छाेड़ दिया। कुत्ते ने दो पुलिसकर्मी को काटा था। शुक्रवार को किरन और दिनेश मंसोरिया को सजा सुनाई गई।
सहायक जिला अभियोजन अधिकारी प्रमोद सिंह पटेल ने बताया 17 सितंबर 2015 को वारंटी दिनेश मंसोरिया को पकड़ने के लिए पुलिसकर्मी प्रधान आरक्षक गमलियश तिर्की, आरक्षक अंकित चंद्रशेखर चौरे,आशीष वॉरंटी दिनेश के घर आनंद नगर घर गए थे। घर का दरवाजा खटखटाया तो दिनेश बाहर निकलकर आया। पुलिस ने उसे पकड़कर थाने ले जाने का प्रयास किया। पति को बचाने दिनेश की पत्नी किरन मंसोरिया ने अपने पालतू कुत्ते को छोड़कर छू की आवाज लगाा दी और पुलिसकर्मियों पर दौड़ा दिया था। कुत्ते ने पुलिसकर्मी चंद्रशेखर व अंकित को काट लिया। दिनेश मंसोरिया ने पुलिस को धकेल दिया और घर में घुस गया। पुलिस को वापस आना पड़ा। पुलिसकर्मियों ने रिपोर्ट दर्ज कराई। महिला को तुरंत जमानत मिल गई। दिनेश को दूसरे मामले में गिरफ्तार किया था। शुक्रवार को पति-पत्नी को एक साल की सजा और 500 रुपए का अर्थदंड की सजा सुनाई।

आग लगने से एक ही परिवार के 5 लोग जिंदा जले, देरी से पहुंची फायर ब्रिगेड

जयपुर।जयपुर के विद्याधर नगर में शनिवार सुबह एक घर में आग लगने से पांच लोग जिंदा जल गए। मरने वालों में दो लड़कियां, दो लड़के और एक बुजुर्ग है। दोनों लड़कियां व बुजुर्ग की जलने से मौत हुई जबकि लड़कों की दम घुटने से मौत हुई। आग से मकान भीतर से जल गया। लोगाों का आरोप है कि फायर ब्रिगेड देरी से पहुंची। आग संजीव गर्ग के मकान नंबर 39 में लगी। 

 विद्याधरनगर के सेक्टर नौ में आरएससीबी ऑफिस के पास एक दो मंजिला मकान में आग लग गई। हादसे के समय मकान में पांच लोग थे। इनमें दो लड़के ऊपर की मंजिल पर तो दो लड़कियां और एक बुजुर्ग नीचे सो रहे थे।
- सुबह मकान में आग लग गई। मकान को जलता देख आस-पास के लोगों ने फायर ब्रिगेड व पुलिस को सूचना दी। थोड़ी देर में एक पीसीआर वैन वहां आई। पुलिस के एक जवान ने रस्सी के सहारे ऊपरी मंजिल से एक लड़के को निकाला। इसके बाद उसने चद्दर में लपेट कर दूसरे लड़के को निकाला।
- इसके बाद फायर ब्रिगेड पहुंच गई। फायर ब्रिगेड कर्मी घर में दाखिल हुए तब तक दोनों लड़कियों व बुजुर्ग की मौत हो चुकी थी।- पुलिस के जवान ने जब पहले लड़के को निकाला तब उसकी सांसें चल रही थीं। दोनों को अस्पताल ले जाने पर डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
- वहीं दोनों लड़कियों व बुजुर्ग की मौत पहले ही हो चुकी थी।

सिलेंडर फटने से लगी आग
- आग लगने का कारण अभी पता नहीं चला है पर माना जा रहा है कि आग सिलेंडर फटने से लगी। लोगों के अनुसार उन्होंने धमाके की आवाज सुनी थी। हालांकि यह जांच में ही स्पष्ट होगी कि आग कैसे लगी।

- लोगों का आरोप है कि सूचना के एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड पहुंची। फायर ब्रिगेड का ऑफिस यहां से महज 100 मीटर की दूरी पर है।

- इसके बाद भी उनके पास संसाधन सही नहीं थे। यहां आने के बाद उनकी लैडर नहीं खुली। इसके अलावा आग बुझाने के लिए पाइप भी छोटा था।

- अगर दमकल समय से पहुंच जाती तो लोगों की जिंदगी बचाई जा सकती थी।

कांवटिया में होगा पोस्टमार्टम

- शव कांवटिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए हैं। वहीं पर शवोंका पोस्टमार्टम होगा।

इनकी गई जान

- हादसे में संजीव के पिता महेंद्र गर्ग (80), संजीव की दो बेटियों अपूर्वा और अर्पिता, संजीव के बेटे अनिमेश व संजीव के साले के बेटे शौर्य की जान चली गई।

संजीव गर्ग व उनकी पत्नी शहर से बाहर थे

- घर के मालिक संजीव गर्ग व उनकी पत्नी आगरा गए हुए थे। हादसे की जानकारी मिलने पर वे जयपुर पहुंचे।

करणी सेना: 'पद्मावत' रिलीज हुई तो कर्फ्यू जैसे होंगे हालात

देहरादून। राजपूत संगठन करणी सेना ने मंगलवार को एक बार फिर विवादास्पद फिल्म 'पद्मावत' के निर्माताओं को 25 जनवरी को फिल्म रिलीज करने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी। सीबीएफसी ने कुछ कट लगाने और 'पद्मावती' को 'पद्मावत' नाम से रिलीज करने की अनुमति दे दी है। 'पद्मावत' भारत में 25 जनवरी को रिलीज होगी। हालांकि, राजस्थान में फिल्म रिलीज नहीं होगी।  संवाददाताओं को संबोधित करते हुए करणी सेना के राष्ट्रीय संयोजक लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा कि वह फिल्म के निर्माता संजय लीला भंसाली को वित्तीय आधार पर नुकसान पहुचाएंगे और उनकी मांग अब फिल्म को प्रतिबंधित करने की है।उन्होंने प्रधानमंत्री और सेंसर बोर्ड से भी आग्रह किया कि वे उनके प्रदर्शनों के पीछे की 'भावनाओं' और 'मुद्दों की गंभीरता' को समझें। अगर फिल्म रिलीज होती है तो कर्फ्यू जैसे हालात हो जाएंगे। करणी सेना के संयोजक ने कहा कि फिल्म का निर्माण नोटबंदी के दौरान हुआ था। उन्होंने फिल्म में लगे पैसे के मामले की जांच की मांग की।  फिल्म में दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और शाहिद कपूर मुख्य भूमिका में हैं।  कालवी ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें फिल्म का विरोध करने को लेकर पाकिस्तान से धमकी भरे फोन आ रहे हैं, जिसकी लोकेशन 'लाहौर के पास की है।' उन्होंने पूछा, "पाकिस्तान क्यों इस मामले में इतनी रुचि दिखा रहा है।" प्रेस क्लब में प्रेस वार्ता से पहले कालवी ने अपने संगठन के पदाधिकारियों के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से मुलाकात की और पहाड़ी राज्य में फिल्म पर प्रतिबंध की मांग की। 
 

पंजाब के सभी शहरों में इमारती नक्शों की ऑनलाइन मंज़ूरी होगी- सिद्धू

चंडीगढ़। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा राज्य के शहरी लोगों को सुविधाजनक और पारदर्शी सेवाओं देने के लिए ई -गवर्नेंस प्रोजेक्ट शुरू करने के वायदे को व्यवाहरिक रूप देते हुये स्थानीय निकाय विभाग द्वारा पूरी तैयारी कर ली गई है और जुलाई महीने से राज्य के समूह शहरों और कस्बों में इमारतों के नक्शे अॅानलाइन मंज़ूर होंगे। यह खुलासा स्थानीय निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरूवार को यहाँ जारी प्रेस बयान के द्वारा किया।

सिद्धू ने कहा कि शहरी लोगों को घर बैठे सेवाओं देने के लिए उनके विभाग द्वारा ई -गवर्नेंस प्रोजेक्ट को लागू करने की तैयारी की जा रही है जिससे एक तरफ़ भ्रष्टाचार को रोक लगेगी वहां शहर निवासी घर बैठे ही सुविधाजनक और पारदर्शी सेवाएंं हासिल कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि पहले पड़ाव में राज्य की समूह शहरी स्थानीय निकाय इकाईयों में ऑनलाइन इमारती नक्शे पास किये जाएंगे जिसका कार्य जुलाई महीने से शुरू हो जायेगा। उन्होंने बताया कि इस संबंधी विभाग द्वारा इस व्यवस्था को शुरू करने के लिए प्रस्तावों की मांग (आर.एफ.पी.) जारी कर दी गई है। इस व्यवस्था को शुरू करने के लिए कोई भी इच्छुक बोलीकार 16 जनवरी तक बोली देने से पहले अपनी कोई भी पूछताछ के लिए आवेदन दे सकता है। इस के बाद 18 जनवरी को बोली से पहले मीटिंग होगी और फिर बोली देने के लिए अंतिम तिथि 8 फरवरी को होगी। 8 फरवरी को ही बोली खोली जायेगी। फरवरी महीने ही ऑनलाइन नक्शे के पास करने की सेवाओं देने वाले सर्विस प्रोवाईडर का नाम तय हो जायेगा और सभी शहरों में ऑनलाइन इमारती नक्शे के पास करने की शुरुआत जुलाई महीने में होगी।

सिद्धू ने बताया कि ऑनलाइन इमारती नक्शे के पास करने के व्यवस्था के अंतर्गत दस्तावेज़ों जमा होने से ले कर नक्शे के पास की स्वीकृ ति ऑनलाइन ही होगी। किसी भी शहरी को इस संबंधी किसी भी सरकारी कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। फीस सहित आरकीटैक्टों की रजिस्ट्रेशन, नक्शे के पास करने की स्वीकृति, बिल्डिंग पूरी होने का सर्टिफिकेट आदि सब ऑनलाइन किये जाएंगे। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था के शुरू होने के साथ जहाँ शहरी को बिना किसी कार्यालय जाऐ हर किस्म की स्वीकृति मिलेगी वही संबंधी विभाग भी ऑनलाइन किसी समय पर भी नक्शे के पास करने के लिए जमा दस्तावेज़ों की जांच कर सकता है।

साहित्यकार एवं लेखक दूधनाथ सिंह का निधन

लखनऊ/इलाहाबाद। प्रसिद्ध कथाकार दूधनाथ सिंह का गुरुवार देर रात निधन हो गया। पिछले कई दिनों से वह इलाहाबाद के फीनिक्स अस्पताल में भर्ती थे। कैंसर से पीडि़त दूधनाथ सिंह को बुधवार रात दिल का दौरा पड़ा था। उन्हें वेंटीलेटर पर शिफ्ट कर दिया गया था जहां उन्होंने गुरुवार देर रात 12 बजे अंतिम सांस ली। उनके परिजनों के अनुसार पिछले साल अक्तूबर माह में तकलीफ  बढऩे पर दूधनाथ सिंह को नई दिल्ली अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में दिखाया गया। जांच में प्रोस्टेट कैंसर की पुष्टि होने पर उनका वहीं इलाज चला। 26 दिसंबर को उन्हें इलाहाबाद लाया गया। दो-तीन दिन बाद तबीयत बिगडऩे पर उन्हें फीनिक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तब से उनका वहीं इलाज चल रहा था। 

दो साल पहले उनकी पत्नी निर्मला ठाकुर का निधन हो गया था। दूधनाथ सिंह अपने पीछे दो बेटे-बहू, बेटी-दामाद और नाती-पोतों से भरा परिवार छोड़ गए हैं।  गौरतलब है कि मूल रूप से बलिया के रहने वाले दूधनाथ सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से एमए किया और यहीं वह हिंदी के अध्यापक नियुक्त हुए। 1994 में सेवानिवृत्ति के बाद से लेखन और संगठन में निरंतर सक्रिय रहे। निराला, पंत और महादेवी के प्रिय रहे दूधनाथ सिंह का आखिरी कलाम ‘लौट आओ घर’ था। ‘सपाट चेहरे वाला आदमी’, ‘यमगाथा’, ‘धर्मक्षेत्रे-कुरुक्षेत्रे’ उनकी प्रसिद्ध रचनाएं थीं। उन्हें उत्तर प्रदेश के सर्वोच्च साहित्यिक सम्मान भारत भारती व मध्य प्रदेश सरकार के शिखर सम्मान मैथिलीशरण गुप्त से सम्मानित किया गया था।