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Happy Birthday: देश के नंबर 1 आॅलराउडर हार्दिक पांड्या जन्मदिन आज, विवादों से भी गहरा हैं नाता

नई दिल्ली।टीम इंडिया के स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या गुरुवार को 25 साल के हो गए हैं। हार्दिक ने शानदार प्रदर्शन करके बहुत ही जल्द अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग छाप बनाई है। वह मौजूदा समय में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ ऑलराउंडर्स में शामिल हैं। यही नहीं, पांड्या फिलहाल सक्रिय क्रिकेटर्स में सबसे स्टाइलिश खिलाड़ियों की लिस्ट में भी शामिल हैं। हालांकि, पांड्या का विवादों से भी गहरा नाता रहा है। चलिए आपको बताते हैं कि हार्दिक और विवाद का क्या संबंध रहा है:।

हार्दिक पांड्या ने दमदार प्रदर्शन करके जल्द ही टीम इंडिया में अपनी जगह स्थापित की। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई बेहतरीन प्रदर्शन किए और इसके बाद हार्दिक की तुलना महान भारतीय ऑलराउंडर कपिल देव से होने लगी। पूर्व क्रिकेटर्स को यह अच्छा नहीं लगा क्योंकि तभी हार्दिक के प्रदर्शन में गिरावट आने लगी। खुद कपिल देव ने हार्दिक को सलाह दी और तुलना के विवाद को बढ़ा दिया। इसके बाद हार्दिक पांड्या ने सभी से गुजारिश की थी कि कपिल देव से उनकी तुलना नहीं की जाए और उन्हें हार्दिक पांड्या ही रहने दें।

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के 11वें सीजन में हार्दिक पांड्या का ऋषभ पंत से विवाद हुआ। दिल्ली डेयरडेविल्स और मुंबई इंडियंस के बीच मैच में हार्दिक पांड्या की गेंद पर ऋषभ पंत ने एक हाथ से छक्का जमा दिया। इस पर तेज गेंदबाज ऑलराउंडर अपना आपा खो बैठे और युवा बल्लेबाज को खरीखोटी सुना दी। ऋषभ ने भी हार्दिक को उल्टा जवाब दे दिया। यह विवाद तब बढ़ गया। हालांकि, दोनों खिलाड़ियों के बीच किसी प्रकार का विवाद नहीं हुआ और यह मामला मैच खत्म होने के साथ ही समाप्त हो गया।

बीआर आंबेडकर पर एक ट्वीट करके फंस गए थे हार्दिक पांड्या। इस ट्वीट में आंबेडकर की आलोचना हुई थी जबकि उनके समुदाय के लोगों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई गई थी। पांड्या ने अपने ट्विटर टाइमलाइन पर पोस्ट किया, 'कौन आंबेडकर??? वही क्या जिसने दोगला कानून और संविधान बनाया या वो जिसने आरक्षण नाम की बीमारी देश में फैलाई।' इस पर राजस्थान कोर्ट ने हार्दिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की बात भी कही थी। हार्दिक इस पर आलोचनाओं से घिर गए थे। हालांकि, कुछ समय के बाद स्पष्ट हुआ कि हार्दिक के आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से यह ट्वीट नहीं किया गया था।

हार्दिक पांड्या इंग्लैंड दौरे पर भी जमकर ट्रोल हुए थे। टीम इंडिया का टेस्ट सीरीज में प्रदर्शन अच्छा नहीं चल रहा था। तब हार्दिक ने अभ्यास करने के बजाय घूमने के समय का एक फोटो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया। इसके बाद सुनील गावस्कर और हरभजन सिंह ने भी भारतीय खिलाड़ियों की आलोचना करते हुए कहा कि वह अभ्यास पर कम समय बिता रहे हैं। हार्दिक पांड्या को फैंस से भी खरीखोटी सुनना पड़ी।

 

यूथ ओलंपिक में सौरभ ने जीता गोल्ड मेडल, स्वर्णिम सफर जारी

नई दिल्ली। यूथ ओलंपिक गेम्स में बुधवार को भारत के सौरभ चौधरी ने पुरुषों की दस मीटर एयर पिस्टल में स्वर्ण पदक जीता. इस पदक के साथ भारतीय निशानेबाजी टीम इस प्रतियोगिता में अब तक का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए अभियान का अंत किया। सोलह वर्षीय चौधरी ने 244.2 अंक बनाये और वह दक्षिण कोरिया के सुंग युन्हो (236.7) से आगे रहे. स्विट्जरलैंड के सोलारी जैसन ने 215.6 अंक बनाकर कांस्य पदक हासिल किया. भारतीय खिलाड़ी ने आठ निशानेबाजों के बीच चले फाइनल में दस और इससे अधिक के 18 स्कोर बनाये।

एशियाई खेल और जूनियर आईएसएसएफ विश्व चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता चौधरी क्वालीफाईंग में 580 अंक लेकर शीर्ष पर रहे थे. सोरभ चौधरी से पहले मंगलवार को 16 वर्षीय मनु भाकर ने महिलाओं की पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। शुरू में दस से कम के चार स्कोर बनाने के बावजूद चौधरी ने बढ़त कायम रखी, फिर 10.7, 10.4, 10.4 और 10.0 के स्कोर के साथ अपना दबदबा बनाया. इस बीच उन्हें जैसन और युन्हो से चुनौती भी मिली. पहले जैसन आगे थे लेकिन युन्हो ने उन्हें पीछे छोड़ दिया. भारतीय निशानेबाज ने हालांकि इस बीच अपनी बढ़त बरकरार रखी थी।

चार दिन में यह चौथी बार हुआ है जबकि भारत का कोई निशानेबाज पोडियम तक पहुंचा. चौधरी और मनु भाकर ने स्वर्ण पदक जीते जबकि शानु माने और मेहुली घोष रजत पदक जीतने में सफल रहे।सौरभ चौधरी ने पिछले महीने 52वीं आईएसएसएफ विश्व निशानेबाजी चैंपियनशिप में एयर पिस्टल जूनियर पुरूष वर्ग में नये विश्व रिकार्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता था. इसके बाद वह एशियाई खेलों के इतिहास में स्वर्ण पदक जीतने वाले पांचवें भारतीय निशानेबाज बने थे।

आईसीसी कसेगा IPL, T20 सहित कई लीग पर लगाम

दुबई। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) तमाम ट्वंटी20 और टी10 लीग पर लगाम कसने की मुहिम के तहत अगले हफ्ते होने वाली बैठक में इसके लिए भविष्य के नियम और स्वीकृति के बारे में चर्चा करेगी। लुभावनी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की शुरूआत से ही कई आईसीसी सदस्य देशों ने अपनी लीग लॉन्च कर दी जिसे पांच दिवसीय क्रिकेट और अंतरराष्टीय क्रिकेट पर खतरे के रूप में देखा जा रहा है।

हाल में ताजा फॉरमैट में आईसीसी मान्यता प्राप्त टी10 (10 ओवर प्रति टीम) लीग रही जो पिछले साल शारजाह में खेली गयी थी। आईसीसी के क्रिकेट महाप्रबंधक ज्योफ एलार्डिस ने कहा कि इस मुद्दे पर 20 अक्टूबर को सिंगापुर में होने वाली बोर्ड की बैठक में चर्चा की जाएगी।

उन्होंने कहा, 'अगले हफ्ते हमारी बैठक में टूर्नामेंट के नियमों और स्वीकृति के संबंध में चर्चा की जाएगी। इसके अलावा लीग के लिए खिलाड़ियों को रिलीज करने पर भी चर्चा होगी।' गौरतलब है कि इन तमाम टी20 लीगों की वजह से इंटरनेशनल क्रिकेट पर असर पड़ रहा है।

PKL: दिल्ली गुजरात ने मुकाबला 32-32 से किया रोमांचक ड्रॉ

नई दिल्ली। प्रो कबड्डी लीग में दबंग दिल्ली केसी और गुजरात फॉर्च्यून जायंट्स के बीच मंगलवार को रोमांचक मुकाबला खेला गया। यह मुकाबला 32-32 के स्कोर पर टाई हो गया। इस सीजन में अब तक खेले गए मैचों में से दो मुकाबला टाई हो चुके हैं। ये दिल्ली और गुजरात की टीम का छठे सीजन में पहला मुकाबला था। एक समय लगा रहा था कि  गुजरात की टीम मुकाबला आसानी से जीत लेगी लेकिन दूसरे हाफ में दिल्ली ने शानदार प्रदर्शन कर उसकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

छठे सीजन में जोगिंदर नरवाल की कप्तानी में उतरी दिल्ली ने पहले हाफ में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया। मगर दूसरे हाफ में दिल्ली पूरी तरह से गुजरात पर हावी रही। गुजरात के लिए चंद्रन रंजीत और दिल्ली के लिए नवीन कुमार सबसे सफल खिलाड़ी साबित हुए। चंद्रन ने अपनी टीम के लिए जहां 10 वहीं, नवीन ने 5 प्वाइंट हासिल किए। गौरतलब है कि अभी तक पांचों सीजन में अपने प्रदर्शन से निराश करने वाली दिल्ली की टीम ने इस बार अपनी टीम में काफी बदलाव किए हैं।

 

यूथ ओेलंपिक: मनु ने साधा गोल्ड पर निशाना, भारत को मिला दूसरा स्वर्ण पदक

ब्यूनस आयर्स। यूथ ओलिंपिक में भारत का शानदार प्रदर्शन जारी है। मंगलवार को 15 साल के जेरेमी लालरिनुंगा के भारत को पहला गोल्ड मेडल दिलाने के बाद मनु भाकर ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में पीला तमगा हासिल किया। मनु ओलिंपिक स्तर पर स्वर्ण जीतने वाली भारत की पहली महिला शूटर हैं।

उनसे पहले सीनियर या जूनियर वर्ग में भारत ने कभी कोई स्वर्ण पदक नहीं जीता था। यूथ ओलिंपिक के इतिहास में भी शूटिंग में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक है। भारत के इस टूर्नामेंट में अब दो स्वर्ण और तीन रजत समेत पांच पदक हो गए हैं। वह पदक तालिका में तीसरे नंबर पर है।

छह महीने बाद जीता दूसरा गोल्ड
मनु भाकर ने फाइनल में 236.5 का स्कोर किया और पहले स्थान पर रहीं। वे क्वालिफाइंग राउंड में भी 576 के स्कोर के साथ शीर्ष पर रही थीं। 16 साल की यह निशानेबाज अप्रैल में ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही थी।

हालांकि, जकार्ता एशियाई खेलों में वे पदक जीतने से चूक गईं थीं। मनु इस साल आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में 10 मीटर एयर पिस्टल की निजी और टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण पदक जीत चुकी हैं। महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल में रूस की इयाना एनिना ने 235.9 अंक के साथ रजत और जॉर्जिया की नीनो खुत्सीबेरिड्ज ने 214.6 अंक के साथ कांस्य पदक जीता।

इस साल मनु भाकर के स्वर्ण पदक
1- एक से 12 मार्च तक मैक्सिको के गुआडालाजारा में हुई आईएसएसएफ वर्ल्ड चैम्पियनशिप में व्यक्तिगत और टीम इवेंट में स्वर्ण पदक जीता।
2- मार्च में ही ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में हुए आईएसएसएफ जूनियर विश्वकप में अलग-अलग कैटेगरी में दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए।
3- अप्रैल में गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में 10 मीटर एयर पिस्टल में देश को सोना दिलाया। अक्टूबर में यूथ ओलिंपिक में स्वर्ण पदक जीता।

Me Too कैंपेन से जुड ज्वाला गुट्टा ने लगाया ये गंभीर आरोप

दिल्ली।भारतीय बैडमिंटन स्टार ज्वाला गुट्‍टा ने सोशल मीडिया में एक बड़ा खुलासा करते हुए यह कहकर सबको चौंका दिया कि वे भी उत्पीड़न का शिकार हुई हैं। #MeToo कैम्पेन के जरिए कई महिलाएं अपने ऊपर हुए अत्याचारों और यौन शोषण के बारे में खुलकर सामने आ रही हैं और इसी क्रम में ज्वाला गुट्‍टा भी शामिल हो गई हैं, लेकिन उनके उत्पीड़न का तरीका दूसरा था।

ज्वाला ने अपने आधिकारिक ट्‍विटर अकाउंट के जरिए कहा कि एक अधिकारी ने मुझे मानसिक रूप से इतना अधिक परेशान किया कि मैंने खेलना तक छोड़ दिया था। मेरा शारीरिक उत्पीड़न नहीं हुआ, लेकिन मानसिकउत्पीड़न इतना बढ़ गया कि मैं परेशान हो गई और मैंने खेल से तौबा कर ली थी।आज से 12 साल पहले की घटना का उल्लेख करते हुए ज्वाला ने लिखा, 2006 में ये अधिकारी भारतीयबैडमिंटन का चीफ बना था। तब मैं नेशनल चैंपियन थी, लेकिन इसके बाद भी मुझे उसने टीम में शामिल नहीं किया। जब मैं रियो से वापस लौटी तो उसने मुझे नेशनल टीम से बाहर कर दिया।

'अर्जुन पुरस्कार' विजेता और 2012 और 2016 की ओलंपियन ज्वाला ने कहा कि जब वह शख्स कामयाब नहीं हो सका तो उसने मेरे साथियों को धमकियां देकर परेशान किया। उसने मुझे हर तरह से अलग-थलग करने की कोशिश की। रियो ओलंपिक के बाद जिस खिलाड़ी के साथ मुझे मिक्स्ड डबल्स खेलना था, उसे भी धमकी दी गई। मुझे टीम से बाहर कर दिया गया। मैं मानसिक उत्पीड़न से इतनी परेशान हो गई कि मैंने खेलना छोड़ दिया।

हैदराबाद में रहने वाली इस खिलाड़ी के लंबे समय से मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद के साथ मतभेद रहे हैं। इस दौरान ज्वाला ने यह आरोप भी लगाए कि वह पूरी तरह से एकल खिलाड़ियों पर ध्यान देते हैं और युगल खिलाड़ियों की अनदेखी करते हैं।ज्वाला ने दावा किया था कि गोपीचंद की आलोचना के कारण राष्ट्रीय टीम में उनकी अनदेखी हुई और यहां तक कि उन्होंने युगल जोड़ीदार भी गंवा दिया। इस खिलाड़ी ने हालांकि मंगलवार को किए ट्वीट में गोपीचंद का नाम नहीं लिया।उन्होंने कहा, ‘2006 से...2016 तक...बार बार मुझे टीम से बाहर किया जाता रहा... मेरे प्रदर्शन के बावजूद... 2009 में मैंने टीम में वापसी की जब मैं दुनिया की नौवें नंबर की खिलाड़ी थी।’ गोपीचंद हालांकि अतीत में इन आरोपों का जवाब देने से बचते रहे हैं।

 

हफीज ने लगाया अपने टेस्ट करियर का पहला शतक

नई दिल्ली। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के धुरंधर मोहम्मद हफीज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यूएई में चल रहे पहले टेस्ट मैच की पहली पारी में शानदार शतक जड़कर सबका दिल जीत लिया। उन्होंने दो साल बाद मैदान पर वापसी की और आते ही शानदार पारी खेलकर खुद को साबित कर दिया। हफीज को एशिया कप टीम में भी जगह नहीं दी गई थी जिससे वो बेहद निराश हो गए थे। एक समय ऐसा भी आया था जब वो संन्यास लेने के बारे में सोच रहे थे लेकिन दो लोगों ने उन्हें हिम्मत दी और वो वापसी करने में सफल रहे।

मोहम्मद हफीज ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट में 208 गेंदों पर 126 रनों की लाजवाब पारी खेली। इसके साथ ही हफीज ने एक बार फिर साबित किया कि उनमें काफी क्रिकेट बाकी है। हफीज ने इस शतक के बाद अपनी वापसी का श्रेय अपनी पत्नी और पूर्व पाकिस्तानी तेज गेंदबाज शोएब अख्तर को दिया।

हफीज ने कहा, 'पिछले कुछ महीने दिक्कत वाले रहे। मैं कुछ बड़े कदम उठाने वाला था लेकिन मुझे वैसा करने से रोक लिया गया। मैं कदम उठाने ही वाला था कि मेरी पत्नी ने ऐसा करने से रोका। खासतौर पर शोएब अख्तर ने मुझे फोन किया क्योंकि उस समय मैं काफी चिंता में था। मुझे लगता है कि अल्लाह ने मेरे लिए सब अच्छा सोच रखा था। जब टीम में लौटा तो सबने मेरा स्वागत किया और मेरा मनोबल बढ़ाया। मैं वापसी करके बहुत खुश हूं।' हफीज ने ट्वीट करके भी शोएब अख्तर को शुक्रिया कहा..

हफीज और हेरिस सोहेल (110) के पहले टेस्ट शतक के दम पर पाकिस्तान ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इस टेस्ट मैच की पहली पारी में 482 रनों का पहाड़ खड़ा किया। इन दोनों के अलावा इमाम उल हक ने 76 रन और असद शफीक ने भी 80 रनों की शानदार पारियां खेलीं।

हांगकांग के तीन खिलाडयों पर भ्रष्टाचार के आरोप

हांगकांग। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद(आईसीसी) ने हांगकांग के तीन खिलाड़यिों को भ्रष्टाचार रोधी नियमों का उल्लंघन करने का आरोपी ठहराया है। आईसीसी ने हांगकांग क्रिकेट के तीन खिलाड़यिों को वर्ष 2014 से 2016 के बीच भ्रष्टाचार रोधी नियमों के उल्लंघन का दोषी माना है।

इनमें से एक खिलाड़ी पहले ही 30 महीने का बैन झेल चुका है। इरफान अहमद अप्रैल 2016 में पहले ही ढाई वर्ष के लिये निलंबित हो चुके हैं और उन्हें अब नौ अन्य मामलों में दोषी पाया गया है जबकि उनके बड़े भाई नदीम अहमद तथा हसीब अहमद को पांच पांच अन्य मामलों में दोषी ठहराया गया है।

आईसीसी ने इन सभी खिलाड़यिों को तुरंत प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। इरफान का इसी वर्ष मई में पिछला बैन समाप्त हुआ है, उन्हें इस बार जनवरी 2012 से 2014 के बीच छह मैचों में फिक्सिंग के लिये संपर्क करने की खबर की जानकारी वैश्विक संस्था को नहीं देने का दोषी माना गया है।हांगकांग एक एसोसिएट टीम है जिसे फिलहाल टेस्ट दर्जा प्राप्त नहीं है।

यूथ ओलंपिक में वेटलिफ्टर जेरेमी ने दिलाया भारत को पहला स्वर्ण

ब्यूनस आयर्स। भारोत्तोलक 15 वर्षीय जेरेमी लालसिरनुंगा ने यहां चल रहे यूथ ओलंपिक में मंगलवार को पुरूषों के 62 किग्रा भार वर्ग में भारत को पहला स्वर्ण पदक दिला दिया। पूर्वोत्तर के एकल के रहने वाले जेरेमी ने इन खेलों में देश के लिये पहला स्वर्ण पदक हासिल किया है। वह इससे पहले विश्व यूथ खेलों में भी रजत पदक जीत चुके हैं। उन्होंने अर्जेंटीना की राजधानी में पुरूषों की 62 किग्रा भारोत्तलन  स्पर्धा में कुल 274 किग्रा भार उठाया और स्वर्ण जीता।

तुर्की के टोपास कानेर ने 263 किग्रा वजन उठाकर रजत जबकि कोलंबिया के विलार एस्तिवेन ने 260 किग्रा भार उठाकर कांस्य अपने नाम किया। मिजोरम के युवा एथलीट ने इस वर्ष एशियाई जूनियर चैंपियनशिप में रजत और कांस्य पदक भी अपने नाम किये थे जबकि दो राष्ट्रीय रिकार्ड भी तोड़े। जेरेमी के इस पहले युवा ओलंपिक स्वर्ण के साथ भारत का भी इन खेलों में यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। भारत ने इन खेलों में अब तक चार पदक जीत लिये हैं। तुषार माने और मेहुली घोष ने 10 मीटर राइफल स्पर्धा में रजत पदक और जूडो की 44 किग्रा स्पर्धा में थंगजम तबाबी देवी ने पदक जीता था। भारत ने इससे पहले यूथ ओलंपिक 2014 के संस्करण में भारत ने एक रजत और एक कांस्य के रूप में केवल दो पदक ही जीते थे।

भारत के खिलाफ वनडे,टी-20 सीरीज में नहीं खेलेंगे गेल

ब्रिजटाउन। वेस्टइंडीज के तूफानी बल्लेबाज क्रिस गेल भारत के खिलाफ 21 अक्टूबर से शुरू होने जा रही वनडे और ट्वंटी 20 क्रिकेट सीरीज में अपनी टीम का हिस्सा नहीं बनेंगे। वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड(डब्ल्यूआईसीबी) ने सोमवार को आगामी सीरीज के लिये अपनी वनडे और ट्वंटी टीमों की घोषणा कर दी। लेकिन सलामी बल्लेबाज गेल को सीमित ओवर प्रारूप में विंडीज टीम का हिस्सा नहीं बनाया गया है जिन्होंने निजी कारणों से सीरीज से बाहर रहने का फैसला किया है।

गेल ने हाल ही में लिस्ट ए क्रिकेट को भी अलविदा कह दिया है।भारत के खिलाफ सीरीज में ऑफ स्पिनर सुनील नारायण को भी 15 सदस्यीय टीम में शामिल नहीं किया गया है। चयन समिति ने टीम में चंद्रपॉल हेमराज, फाबियन एलेन और ओशाने थॉमस के रूप में तीन नये खिलाड़यिों को मौका दिया है। जेसन होल्डर को वनडे टीम की कप्तानी दी गयी है जबकि कार्लोस ब्रेथवेट ट्वंटी 20 टीम की अगुवाई करेंगे। डैरेन ब्रावो और ऑलराउंडर कीरन पोनार्ड की हालांकि सीमित प्रारूप में वापसी हुई है जबकि ऑलराउंडर आंद्रे रसेल को ट्वंटी 20 टीम में शामिल किया गया है। रसेल चोट के कारण वनडे टीम से बाहर हैं।

 

अब मुरली विजय के बयान पर भड़के मुख्य चयनकर्ता, कही ये बात

दिल्ली। राजकोट में भारत और वेस्टइंडीज के बीच मुकाबला जारी है. कमजोर कैरेबियाई अटैक के खिलाफ भारतीय बल्लेबाज शतक पर शकड़ जड़ रहे हैं लेकिन इससे ज्यादा दिलचस्प तो वह बयानबाजी नजर आ रही है जो इस सीरीज के लिए टीम इंडिया के सेलक्शन के बाद शुरू हुई है।

करुण नायर को ड्रॉप करने के बाद शुरू हुए विवाद का चीफ सेलेक्टर एमएसके प्रसाद ने जवाब दिया ही था कि एक और बल्लेबाज मुरली विजय ने सेलेक्शन कमेटी पर निशाना साध दिया. मुरली विजय का कहना था कि इंग्लैंड में उन्हें ड्रॉप करने के बाद किसी भी सेलेक्टर ने उनसे बात नहीं की।

मुरली विजय के इस आरोप का जवाब देने के लिए फिर से चीफ सेलेक्टर एमएसके प्रसाद को सामने आना पड़ा है. चीफ सेलेक्टर ने मुरली विजय के दावे का जवाब देते हुए उन्होंने कहा है कि, ‘मैं हैरान हूं कि विजय कैसे संवेदनहीनता की बात कर रहे हैं. इंग्लैंड में उन्हें ड्रॉप करने के बाद मेरी सहयोगी देवांग गांधी ने उनसे बात करके साफ किया था कि क्यों उन्हें टीम से बाहर किया गया है।

मुरली के अलावा शिखर धवन को भी टीम के बाहर किए जाने पर प्रसाद का कहना है कि उन्हें इसलिए बाहर किया गया क्योंकि वह वनडे के प्रदर्शन को टेस्ट में नहीं दोहरा पा रहे थे. हमें पृथ्वी शॉ और मयंक अग्रवाल जैसे युवा बल्लेबाजों को मौका देना था लिहाज इन दोनों को टीम से ड्रॉप किया गया है।

 

राजकोट टेस्ट: भारत ने वेस्टइंडीज को 272 रन से दी करारी मात

राजकोट। भारत और वेस्टइंडीज (India Vs West Indies) के बीच चल रहे दो टेस्ट मैचों की सीरीज के दौरान राजकोट में टीम इंडिया ने मेहमान विंडीज को पहले टेस्ट के तीसरे ही दिन पारी और 272 रनों के विशाल अंतर से मात देकर दो टेस्ट मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली. पहली पारी में मेजबानों से 468 रन से पिछड़ी विंडीज टीम फॉलोऑन मिलने के बाद विंडीज ने दूसरी पारी सिर्फ 196 रन बनाकर आउट हो गई. रनों के भारी-भरकम बोझ से दबे विंडीज बल्लेबाजों ने भारतीय स्पिनरों के आगे पूरी तरह हथियार डाल दिए।

 दूसरी पारी में उसके सभी दस विकेट स्पिनरों ने चटकाए. और इस प्रदर्शन की अगुवाई पांच विकेट लेकर कुलदीप यादव ने की. घरेलू पिच पर टीम इंडिया (IND vs WI) ने पिछले दो दिनों में अपनी शानदार बल्लेबाजी और धारदार गेंदबाजी की बदौलत मेहमान कैरिबियाई टीम को बैकफुट ला दिया. पहली पारी में टीम इंडिया ने 9 विकेट पर 649 रनों पर पारी घोषित की जबकि दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक मेहमान वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम के पहली पारी में 94 रन पर 6 विकेट गिरा दिये थे. तीसरे दिन लंच से पहले भारतीय टीम ने वेस्ट इंडीज को 181 रनों पर समेट दिया. टीम इंडिया इस वक्त तक 468 रनों से लीड कर रहा था. हालांकि कप्तान विराट कोहली ने वेस्ट इंडीज टीम को फॉलोऑन देकर वापस बुलाया ।

डेब्यू मैच खेल रहे पृथ्वी शॉ, कप्तान विराट कोहली और रवींद्र जडेजा ने ताबड़तोड़ शतकीय पारी खेली और इंडीज के सामने रनों का पहाड़ खड़ा कर दिया. टीम इंडिया ने मैच के दूसरे दिन विराट कोहली (139), रवींद्र जडेजा (नाबाद 100) और पृथ्वी शॉ द्वारा खेली गई शतकीय पारी (134) के दम पर 9 विकेट पर 639 रन बनाकर पारी घोषित की ।