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INDvsAUS मेलबोर्न टेस्ट दूसरे दिन भारत की शानदार बैटिंग

मेलबर्न:  भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज के तीसरे टेस्ट के दूसरे दिन टीम इंडिया के बल्लेबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया. ऑस्ट्रेलिया की कसी गेंदबाजी के बीच भारत ने पहले सत्र में विकेट बचाए जिसमें चेतेश्वर पुजारा ने शानदार शतक लगाया. इसके अलावा कप्तान विराट कोहली (82) ने हाफ सेंचुरी लगाई. दूसरे और तीसरे सत्र में  रोहित (63) की हाफ सेंचुरी के अलावा रहाणे (34) और ऋषभ पंत  (39)  का भी अहम योगदान रहा.

दिन का खेल खत्म होने से पहले जब टीम इंडिया के 443 रनों पर 7 विकेट गिर गए, तब कप्तान विराट कोहली ने पारी समाप्ति की घोषणा कर दी. इस स्कोर के लिहाज से दिन भारतीय बल्लेबाजों के नाम रहा. इसमें ऑस्ट्रेलिया की फिल्डिंग भी काफी चर्चा में रही जिसमें विराट सहित रहाणे, रोहित और ऋषभ पंत को जीवन दान मिले. अगर ऑस्ट्रेलिया की फिल्डिंग बेहतर होती तो कम से कम 50 रन का फर्क पड़ सकता था.
भारतीय गेंदबाजों को नहीं मिल पाया फायदा
पारी समाप्ति की घोषणा के बाद टीम इंडिया को दिन का खेल खत्म होने से पहले 6 ओवर डालने का मौका मिला, लेकिन टीम इंडिया आखिरी ओवरों में विकेट नहीं निकाल सकी. हालाकि भारतीय गेंदबाजों, खासकर जसप्रीत बुमराह ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को परेशान करने में कामयाब जरूर रहे. अब मैच में टीम इंडिया के गेंदबाजों और फिल्डर्स का इम्तिहान होगा. देखने वाली बात यही होगी की दोनों पारियों में गेंदबाजी का कितना और कैसा फर्क रहता है. 
पहले सत्र में पुजारा छाए रहे
दिन का पहला सत्र टीम इंडिया के नाम रहा, बल्कि विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा के नाम रहा. विराट कोहली ने 82 रनों की पारी खेली और वे लंच के बाद ही आउट हुए, लेकिन वे ज्यादातर भाग्यशाली ही रहे. इसके विपरीत पुजारा सही मायने में हैरान परेशान किया. उन्होंने अपनी सेंचुरी पूरी करने में 280 गेंद मिली. इसमें से पहले दिन बने 68 रन बनाने में 200 गेंदें लगी. इस लिहाज से पुजारा ने तेजी से बल्लेबाजी भी की. मजेदार बात यह रही कि सुबह गेंदबाजों को पिच से मदद भी मिल रही थी. नतीजा यह हुआ कि लंच तक भारत का स्कोर दो विकेट पर 277 रन था.

रोहित ने उठाया मौके का फायदा 
दूसरे सत्र में ऑस्ट्रेलिया को विकेट मिलने शुरू हुए तो विराट पुजारा के आउट होने के बाद रोहित और रहाणे ने मोर्चा संभाल लिया और चाय तक टीम इंडिया का स्कोर चार विकेट के नुकसान तक 346 रन कर दिया. तीसरे सत्र में मेजबान टीम की फिल्डिंग ने निराश किया. पहले रोहित फिर रहाणे को जीवन दान मिला. रहाणए जल्दी ही आउट हो गए पर रोहित ने जीवन दान का फायदा उठाया और एक फिफ्टी ठोक डाली. पंत ने भी हाथ खोल दिए लेकिन वे 39 से ज्यादा रन नहीं बना सके, जबकि उन्हें भी जीवनदान मिला था. 
विराट के अंदाज ने चौंकाया
अंत में विराट कोहली ने अचानक ही पारी घोषित कर सबको चौंका दिया क्योंकि जिसतरह से रोहित, और पंत बल्लेबाजी कर रहे थे तो लग नहीं रहा था कि विराट पारी घोषित करने के मूड में हैं, लेकिन जडेजा के आउट होते ही विराट ने रोहित को वापस बुला लिया और पारी घोषित कर दी. विशेषज्ञों का मानना है कि विराट अगर थोड़ी योजना बनाकर पारी घोषित करते तो शायद टीम इंडिया को कम से कम 20-25 रन ज्यादा मिल जाते. अब सब कुछ टीम इंडिया की गेंदबाजी पर निर्भर करेगा कि मैच किस तरफ जाता है.

मेलबर्न टेस्ट में टीम इंडिया के लिए इन क्रिकेटर ने खेला बेहतरीन

मेलबर्न:  भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चार टेस्ट मैचों की सीरीज के तीसरे टेस्ट का पहला दिन टीम इंडिया के बल्लेबाजों के नाम रहा. हनुमा विहारी और मयंक अग्रवाल के रूप में सलामी बल्लेबाजी की नई जोड़ी ने टीम इंडिया के लिए बिलकुल वैसी ही शुरुआत दी जैसी की उनसे उम्मीद की जा रही थी. मयंक अग्रवाल ने  शानदार बल्लेबाजी की. इसके बाद विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा ने शानदार बल्लेबाजी कर तीसरा सत्र भी भारत के नाम कर लिया.

तीसरे सत्र में पुजारा विराट ने संभाली पारी
बॉक्सिंग डे पर मयंक अग्रवाल ने टीम इंडिया के लिए सबसे ज्यादा 76 रन बनाए उसके बाद चेतेश्वर पुजारा ने भी अपनी लय वापस हासिल करते हुए 200 गेंदों पर अपने 68 रन बनाए. चाय के बाद विराट ने आते ही तेजी से रन बनाने शुरू कर दिए जिसके बाद चेतेश्वर पुजारा ने  अपने करियर की 21वीं और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 8वीं टेस्ट हाफ सेंचुरी पूरी की.  पारी के 71वें ओवर में पुजारा ने मिचेल स्टार्क की गेंद पर एक रन लेकर अपनी हाफ सेंचुरी पूरी की. पुजारा की इस सीरीज की यह दूसरी फिफ्टी है. वहीं वे एडिलेड की पहली पारी में शानदार शतक लगाया था जिसकी वजह से टीम इंडिया एडिलेड टेस्ट में ऐतिहासिक जीत हासिल कर सकी थी. इसके बाद पुजारा पर्थ टेस्ट में केवल 24 और 4 रनों की पारी खेल पाए थे
मयंक और विहारी का भी रहा योगदान
 मयंक ने बेहतरीन 76 रन बनाए और चाय तक अपना विकेट बचा लिया, वे चाय से ठीक पहले ही आउट हुए. हनुमा विहारी खुलकर रन बनाने में कमयाब नहीं रहे, लेकिन 18 ओवर तक अपना विकेट बचाए रखना उनके लिए उपलब्धि ही माना जाना चाहिए. चाय के समय भारत ने दो विकेट पर 123 रन बना लिये थे. के एल राहुल और मुरली विजय के नाकाम रहने के कारण अग्रवाल को मौका दिया गया जिन्होंने आत्मविश्वास के साथ खेलते हुए ढीली गेंदों को नसीहत दी. बल्लेबाजों की मददगार पिच पर आस्ट्रेलियाई तेज गेंदबाजों को खास मदद नहीं मिली. 

दूसरा सत्र भी रहा खास
अग्रवाल चाय से ठीक पहले पैट कमिंस की गेंद पर अपना विकेट गंवा बैठे. इससे पहले कमिंस ने हनुमा विहारी को लंच से पहले आठ के स्कोर पर पवेलियन भेजा था. चाय के समय चेतेश्वर पुजारा 33 रन बनाकर खेल रहे थे. उन्होंने अग्रवाल के साथ दूसरे विकेट के लिये 83 रन जोड़े. लंच के बाद भारत ने दूसरे सत्र में 66 रन बनाये और एक विकेट गंवाया. अग्रवाल ने अपना अर्धशतक 95 गेंदों में पूरा किया. वह टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण के साथ अर्धशतक जमाने वाले भारत के सातवें बल्लेबाज बन गए.
ये खास बातें भी रहीं
विदेश में पिछले 11 टेस्ट में यह दूसरा मौका है जब सौ रन बनने के बाद विराट कोहली क्रीज पर उतरे. इससे पहले इंग्लैंड के खिलाफ नाटिंघम में दूसरी पारी के दौरान ऐसा हुआ था. मिशेल मार्श की गेंद पर 52वें ओवर में उस्मान ख्वाजा ने पुजारा को जीवनदान दिया. तीन ओवर बाद हालांकि कमिंस ने तीसरी स्लिप में अग्रवाल को लपकवाया. इससे पहले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने टास जीतकर बल्लेबाजी का फैसला लिया और इस साल छठी नयी सलामी जोड़ी उतारी. विदेश में इस साल 11 टेस्ट में यह पांचवीं नयी शुरूआती जोड़ी थी. यह इस जोड़ी के लिए एक खास उपलब्धि है. 

यह रिकॉर्ड बनाया मयंक विहारी ने
विहारी और अग्रवाल ने 18.5 ओवर में 40 रन बना लिये जो गेंदों का सामना करने के मामले में टेस्ट क्रिकेट में आस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में दिसंबर 2010 के बाद से भारत की सबसे बड़ी सलामी साझेदारी थी. उस समय गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग ने सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 29. 3 ओवर खेले थे. नाथन लियोन को आठवें ही ओवर में गेंद सौंप दी गई. विहारी को पैट कमिंस ने 19वें ओवर में स्लिप में आरोन फिंच के हाथों लपकवाया. 

राजस्थान ने छात्र-छात्रा दोनों वर्ग के गोल्ड मेडल पर जमाया कब्जा

जयपुर । स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित 64वीं टारगेट बॉल राष्ट्रीय खेलकूद प्रतियोगिता 2018-19 में राजस्थान के छात्र व छात्राओं ने दोनों वर्गों में प्रथम स्थान प्राप्त कर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया। राजस्थान के छात्रों ने यूपी को हराकर प्रथम स्थान प्राप्त किया, वहीं दूसरी ओर बालिकाओं ने आंध्र प्रदेश की टीम को फाइनल में हराकर गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। समापन समारोह में संस्था निदेशक बलबीर चौधरी ने संबोधन में कहा कि हार जीत खेल मैदान का हिस्सा है जो खिलाड़ी जीते हैं वह अपना प्रदर्शन बरकरार रखें तथा जो हारे हैं वह जीत के लिए अपने खेल कौशल एवं मानसिक सुदृढ़ता के लिए और अधिक प्रयास परिश्रम करें। इस अवसर पर पर्यवेक्षक शिवम सोनी, प्रतियोगिता सचिव सुनील फगोड़ीया, संयोजक अमरीश कुमार शर्मा, केएल कुमावत, प्राचार्य डॉ रतन लाल जाट, हनुमान सहाय माली, डॉ. मोहन चौधरी आदि ने विजेता खिलाडिय़ों को मेडल तथा ट्रॉफी प्रदान की।

ये रहे परिणाम
प्रतियोगिता के सचिव सुनील फगोडिय़ा ने बताया कि छात्रा वर्ग में राजस्थान प्रथम, आंध्र प्रदेश द्वितीय तथा गुजरात की टीम तीसरे स्थान पर रही। फाइनल मैच में आंध्र प्रदेश की टीम को राजस्थान की टीम ने 1-2 से मात दी। जबकि तीसरे स्थान के लिए खेले गए मैच में गुजरात में ने 7 अंकों के साथ बढ़त हासिल करते हुए छत्तीसगढ़ मात दे तीसरा स्थान प्राप्त किया। छात्र वर्ग के फाइनल मैच में राजस्थान ने यूपी को 5-2 से शिकस्त दी। वहीं तीसरे स्थान पर विद्या भारती मध्य प्रदेश की टीम रही।
 

रणजी ट्रॉफी : दिल्ली ने मध्य प्रदेश को दी मात

 दिल्ली ने सोमवार को यहां फिरोजशाह कोटला मैदान पर खेले गए रणजी ट्रॉफी के ग्रुप-बी के चार दिवसीय मैच में तीसरे दिन ही मध्य प्रदेश को नौ विकेट से हरा दिया। दिल्ली ने विकास मिश्रा के मैच में लिए गए 12 विकेट के दम पर मध्य प्रदेश को बड़ा स्कोर नहीं बनाने दिया।

चौथी पारी में मेजबान टीम को जीत के लिए महज 29 रन चाहिए थे जिसे उसने एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। विकास ने पहली पारी में छह विकेट लेकर मध्य प्रदेश को 132 रनों पर ही ढेर कर दिया था। दिल्ली ने अपनी पहली पारी में बड़ा स्कोर तो नहीं बनाया लेकिन 261 का स्कोर कर मेहमान टीम पर 104 रनों की बढ़त ली।

विकास ने एक बार फिर छह विकेट लेकर मध्य प्रदेश को 157 रनों पर ही रोक दिया जिससे उसके सामने बेहद आसान सा लक्ष्य आया। दिल्ली ने कुणाल चंदेला (6) के रूप में एक मात्र विकेट खोया। हितेन दलाल (नाबाद 15) और ध्रूव शोरे (नाबाद 4) ने टीम को जीत दिलाई।
 

जडेजा को लेकर मुख्य चयनकर्ता प्रसाद ने दिया यह बयान

भारतीय टीम इस समय ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज खेलने में व्यस्त है। उसने पर्थ में खेला गया दूसरा टेस्ट 146 रन के बड़े अंतर से गंवा दिया। इसके बाद भारतीय टीम को चयन मामले पर कठघरे में खड़ा किया जा रहा था। भारत ने वहां रविचंद्रन अश्विन के चोटिल होने से रवींद्र जडेजा के बजाय उमेश यादव को अंतिम एकादश में शामिल किया। टीम इंडिया के पास एक भी विशेषज्ञ स्पिनर नहीं था।

रविवार को मुख्य कोच रवि शास्त्री ने साफ किया कि जडेजा को फिट नहीं होने की वजह से नहीं चुना गया। वे जब रणजी ट्रॉफी में खेल रहे थे तो भी उनके कंधे में जकडऩ थी। हालांकि अब मुख्य चयनकर्ता और पूर्व विकेटकीपर एमएसके प्रसाद ने जडेजा की फिटनेस को लेकर कुछ और ही बयान दिया है। प्रसाद ने कहा कि जब हमने ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए जडेजा का चयन किया था तो वे पूरी तरह से फिट थे।

चयन के लिए होने वाली बैठक से पहले चयन समिति को सभी खिलाडिय़ों की फिटनेस रिपोर्ट दी जाती है। इस रिपोर्ट के हिसाब से जडेजा पूरी तरह से फिट थे। इसलिए हमने उन्हें चुन लिया। इसके बाद जडेजा ने रेलवे के खिलाफ रणजी ट्रॉफी का मैच खेला और 60 से ज्यादा ओवर डाले। इसलिए यह कहना सही नहीं है कि चयन के समय वे अनफिट थे। 

फुटबॉल में भारत के लिए साल 2018 शानदार रहा

भारतीय फुटबॉल के लिए साल 2018 शानदार रहा, जिसकी सबसे बड़ी उपलब्धि अंडर-20 टीम की 10 खिलाड़ियों के साथ खेलते हुए अर्जेंटीना जैसी मजबूत टीम को हराकर हासिल की गई जीत रही. दुनिया को लियोनल मेसी और डिएगो माराडोना जैसे दिग्गज फुटबॉलर देने वाले दो बार के विश्व चैम्पियन अर्जेंटीना के लिए यह साल खराब रहा. विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में फ्रांस के हारकर टीम का निराशाजनक सफर खत्म हुआ. फ्रांस फाइनल में क्रोएशिया को हराकर इसका चैम्पियन बना. क्रोएशिया की टीम विश्व कप में अंतिम बाधा को पार करने से चूक गई, लेकिन उन्होंने अपने खेल से दुनियाभर के फुटबॉल प्रेमियों का दिल जीता. टीम के कप्तान लुका मोड्रिक को अपने देश और क्लब (रियल मैड्रिड) के लिए शानदार प्रदर्शन करने के लिए बेलोन डि‘ओर से नवाजा गया.

भारतीय फुटबॉल की बात करें, तो कोच फ्लायड पिंटो की अंडर-20 भारतीय टीम में ऐसा कर दिखाया, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. टीम ने अगस्त में स्पेन के वेलेंसिया में कोटिफ कप के मैच में अर्जेंटीना को 2-1 से हराया. यह जीत और भी बड़ी थी, क्योंकि विश्व कप खेल चुके पाब्लो एइमर की देखरेख में खेलने वाली अर्जेंटीना के खिलाफ भारतीय टीम मैच के 40 मिनट तक 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही थी.
अर्जेंटीना के खिलाफ भारत की जीत ने फुटबॉल की दुनिया में देश का मान बढ़ाया, तो वहीं युवा खिलाड़ियों के लिए दुनिया की बेहतरीन टीमों के साथ लगातार खेलने का मौका उपलब्ध कराया. मैच के बाद पिंटो ने कहा, ‘अर्जेंटीना (इस खेल में) हमसे मीलों आगे है.’ भारत की अंडर-16 टीम भी सफलता के मामले में अंडर-20 टीम से ज्यादा पीछे नहीं थी, जिसने अम्मान में आमंत्रण टूर्नामेंट में एशिया की बड़ी टीम ईरान को हराया. खास बात यह है कि स्पेन में अर्जेंटीना पर मिली जीत के चार घंटों के बाद ही अंडर-16 टीम ने इस सफलता को हासिल किया.

टीम हालांकि 2019 में होने वाले अंडर-17 विश्व कप के लिए क्वालिफाई करने के बेहद करीब पहुंचकर चूक गई. क्वालिफायर्स के क्वार्टर फाइनल में टीम कोरिया से 0-1 से हारकर बाहर हो गई थी. पिछले साल अंडर 17 विश्व कप की मेजबानी करने वाले भारत की युवा टीमों की सफलता ने यह साबित किया की देश में प्रतिभा की कमी नहीं और इस खेल में हम 'स्लीपिंग जायंट्स' से 'पैशनेट जायंट्स' बनने की तरफ बढ़े हैं.

सीनियर टीम ने भी कोच स्टीफन कांस्टेनटाइन की देखरेख में एएफसी 2019 एशियाई कप की तैयारियों के मद्देनजर कई मैच खेले और शानदार प्रदर्शन किया. एएफसी एशियाई कप में भारत के ग्रुप में मेजबान यूएई, थाईलैंड और बहरीन जैसी टीमें हैं. ग्रुप चरण में सफलता हासिल करने के बाद टीम को जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया, ईरान और सऊदी अरब जैसी महाद्वीप की बड़ी टीमों से भिड़ने का मौका मिलेगा.
कांस्टेनटाइन ने साफ कर दिया है कि पांच जनवरी से एक फरवरी तक चलने वाली इस महाद्वीपीय प्रतियोगिता में अपनी छाप छोड़ने के लिए खिलाड़ियों को अपना सर्वश्रेष्ठ फुटबॉल खेलना होगा. टूर्नामेंट से पहले भारत ने चीन जैसी बड़ी टीम के साथ गोल रहित ड्रॉ खेला है, जिससे उनका हौसला बढ़ेगा. चीन के कोच विश्व कप विजेता इटली के मार्सेलो लिप्पी हैं.

इससे पहले भारत में हुए टूर्नामेंट में कप्तान सुनील छेत्री की प्रशंसकों से की गई अपील का काफी असर हुआ और मुंबई में मैच देखने के लिए मैदान में बड़ी संख्या में दर्शक पहुंचे. छेत्री ने सोशल मीडिया के जरिये प्रशंसकों से मैदान में आकर उनके सामने टीम के प्रदर्शन की आलोचना करने की अपील की. उनके इस ट्वीट को 60,000 से ज्यादा बार रीट्वीट किया गया था. भारत ने इस टूर्नामेंट में न्यूजीलैंड, दक्षिण अफ्रीका और केन्या जैसे देशों को हराकर खिताब जीता.

टूर्नामेंट के फाइनल में छेत्री ने देश के लिए अपना 64वां गोलकर सक्रिय फुटबॉलरों में अंतरराष्ट्रीय गोल के मामले में मेसी की बराबरी की. घरेलू फुटबॉल में रीयल कश्मीर शीर्ष लीग में खेलने वाली घाटी की पहली टीम बनी. उन्होंने आईलीग में शानदार प्रदर्शन किया है और टीम तालिका में दूसरे स्थान पर है.

अपूर्वी चंदेला ने भारतीय शूटिंग टीम में इस बार भी वही स्थान बरकरार रखा

धोनी के अमेरिकी फैन ने किया ऐसा काम, ट्विटर पर फोटो वायरल

नई दिल्ली,  भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी भारत में जितने लोकप्रिय हैं, माही के उतने ही चाहनेवाले विदेशों में भी हैं। इस बात का नज़ारा हमें एक बार फिर से देखने को मिला है
धौनी की फैन फॉलोइंग का उदाहरण एक बार फिर से तब देखने को मिला, जब अमेरिकी के शहर लॉस एंजिलिस में एक फैन की कार की नंबर प्लेट पर 'एमएस धौनी' का नाम लिखा नजर आया। चेन्नई सुपरकिंग्स की टीम इस फैन की गाड़ी पर धौनी का नाम लिखा देख हैरान रह गई और उसने ट्विटर पर इसकी तस्वीर शेयर की है।
दिग्गज़ कप्तानों में शुमार है धौनी का नाम
धौनी के फैंस दुनियाभर में मौजूद हैं और हों भी क्यों न? इस खिलाड़ी ने अपनी कप्तानी में भारत को पहले टी-20 विश्व कप का चैंपियन बनाया। इसके बाद 2011 में माही की मैजिक की बदौलत भारत 28 साल बाद एक बार फिर से विश्व विजेता बना। धौनी की ही कप्तानी में भारत ने इंग्लैंड में खेली गई चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती थी।धौनी की कप्तानी का जलवा सिर्फ वनडे और टी-20 में ही नहीं बल्कि टेस्ट क्रिकेट में भी देखने को मिला। माही की कप्तानी में ही टीम इंडिया पहली बार टेस्ट की नंबर वन टीम बनीं। धौनी का नाम आज भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ कप्तानों में शुमार किया जाता है।
आइपीएल में भी छोड़ी छाप 
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तो धौनी ने अपनी छाप छोड़ी ही, इसके साथ ही साथ आइपीएल में भी उन्होंने अपना जलवा बरकरार रखा। धौनी की करिश्माई कप्तानी की बदौलत तीन बार चेन्नई की टीम ने आइपीएल का खिताब अपने नाम किया है। धौनी फैंस के बीच कितने लोकप्रिय है इस बात का अंदाज़ा इसी बात से लग जाता है कि माही जब भी दुनिया के किसी भी मैदान पर खेलने जाते हैं तो उन्हें देखने के लिए फैंस की भीड़ जुट जाती है। भारत में तो धौनी जब भी बल्लेबाज़ी के लिए मैदान पर उतरते हैं तो धौनी-धौनी की पुकार से पूरा स्टेडियम गूंज जाता है। 
तीन बार चेन्नई को बनाया आइपीएल चैंपियन
धौनी की कप्तानी में चेन्नई ने 2010, 2011 और इसी साल 2018 में आइपीएल का खिताब जीता है। चेन्नई और मुंबई ये दो ही टीमें हैं जिन्होंने तीन-तीन पर इस ट्रॉफी पर कब्ज़ा जमाया है। वहीं माही की कप्तानी में ही चेन्नई ने 2010 और 2014 में चैंपियंस लीग टी-20 का खिताब भी अपने नाम किया था। 

अब चेन्नई की टीम आइपीएल 2019 में भी धौनी की कप्तानी में खेलती नजर आएगी। चेन्नई सुपरकिंग्स ने 18 दिसंबर को जयपुर में हुई अगले सीजन की नीलामी में मोहित शर्मा और रितुराज गायकवाड़ के रूप में सिर्फ दो ही खिलाड़ी खरीदे, क्योंकि उन्हें नीलामी से ही पहले ही अपने स्टार खिलाड़ियों को रिटेन कर लिया था। चेन्नई ने मोहित शर्मा को 5 करोड़ रुपये और रितुराज गायकवाड़ को 20 लाख रुपये में खरीदा है। 

केरल के दाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने भी रचाई शादी

तिरुवनंतपुरम। केरल के दाएं हाथ के बल्लेबाज और विकेटकीपर संजू सैमसन ने शनिवार को यहां अपनी प्रेमिका चारुलता से शादी रचाई। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेलने वाले 24 वर्षीय सैमसन और चारुलता का प्रेम संबंध कालेज के दिनों से है। दोनों ने कोवालम में हुए एक छोटे से समारोह में शादी की। 

रिसेप्शन शनिवार शाम को होगा। सैमसन ने कहा कि दोनों परिवारों के कुल 30 लोग ही यहां हुए एक छोटे से समारोह में मौजूद थे। हम खुश हैं कि हमें दोनों परिवार के सदस्यों की शुभकामनाएं मिलीं। सैमसन ईसाई हैं जबकि उनकी पत्नी चारू हिंदू हैं। दोनों ने विशेष विवाह अधिनियम के तहत विवाह किया।

दोनों एक-दूसरे को यहां मार इवानिओस कॉलेज के दिनों से जानते है। फिलहाल, चारू स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रहीं हैं। सैमसन को भारत के लिए एक टी20 मैच खेलने का भी मौका मिला, जिसमें उन्होंने 19 रन बनाए। सैमसन आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स और कोलकाता नाइट राइडर्स टीमों के सदस्य भी रहे हैं।

बुमराह की गेंदबाजी देख 'हैरान' हुए डेनिस लिली,कुछ इस तरह की तारीफ

कोलकाता । ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज डेनिस लिली ने भारतीय टीम के खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह की जमकर तारीफ की है और कहा है कि भारत का यह गेंदबाज आमतौर पर की जाने वाली तेज गेंदबाजी के मायनों से हटकर है। बुमराह इस समय ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई भारतीय टीम का हिस्सा हैं। ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया है। 
लिली ने कहा, ‘मुझे लगता है कि बुमराह रोचक गेंदबाज हैं। वह काफी शॉर्ट रन अप के साथ आते हैं। वह पहले चलते हैं और फिर शॉर्ट रन अप से गेंद फेंकते हैं। उनके हाथ सीधे रहते हैं। उनकी गेंदबाजी किसी भी किताब में नहीं सिखाई जा सकती। इसलिए वह मुझे अपने समय के एक और गेंदबाज की याद दिलाते हैं, जो हम सभी से अलग था, वो हैं जैफ थॉमसन।’ 

लिली ने कहा, ‘वह हालांकि थॉमसन की तरह तेज नहीं हैं लेकिन उनसे इस तरह से मिलते जुलते हैं कि यह दोनों तेज गेंदबाजी की आम परिभाषा से हटकर खेलते हैं।’ बुमराह ने पहले दो टेस्ट मैचों में भारत के लिए सबसे ज्यादा 11 विकेट लिए हैं। दूसरे टेस्ट में भारत के चार तेज गेंदबाजों के साथ उतरने के फैसले पर लिली ने कहा कि भारत से इस समय अच्छे तेज गेंदबाज सामने आ रहे हैं। 

उन्होंने कहा, ‘यह देखना अच्छा था, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह सिर्फ तेज गेंदबाजों की बात नहीं है भारत इस समय अच्छे तेज गेंदबाज निकाल रहा है।’ लिली ने कहा, ‘वह तेज गेंदबाजी में शानदार हो गए हैं और अब उन्हें चार गेंदबाज चुनने हों तो वह चुन सकते हैं। मैंने जितना भी उन्हें देखा है उसमें पाया है कि वह काफी अच्छे टेस्ट गेंदबाज हैं। पहले दो मैचों में उन्होंने जो गेंदबाजी की वो शानदार थी।’ 

धोखाधड़ी के मामले में फंसे गौतम गंभीर, इस वजह से कोर्ट ने जारी किया वारंट

नई दिल्ली। हाल ही में क्रिकेट से संन्यास का लेने वाले गौतम गंभीर मुश्किलों में घिरते नज़र आ रहे हैं। गौतम गंभीर के खिलाफ वारंट जारी किया गया है। दिल्ली की एक अदालत ने एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में फ्लैट खरीदारों से कथित तौर पर धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में लगातार समन भेजने के बावजूद पेश नहीं होने पर पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया।

शिकायत के अनुसार, 17 फ्लैट खरीदारों ने आरोप लगाया है कि उन्होंने 2011 में गाजियाबाद के इंदिरापुरम क्षेत्र में एक आने वाले एक प्रोजेक्ट में फ्लैटों की बुकिंग के वास्ते 1.98 करोड़ रुपए दिए थे लेकिन यह प्रोजेक्ट कभी शुरू नहीं हुआ। गंभीर रूद्र बिल्डवेल रिएलिटी प्राइवेट लिमिटेड और एच आर इंफ्रासिटी प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त प्रोजेक्ट के निदेशक और ब्रांड एम्बेसेडर थे।

हाउसिंग परियोजना में अपार्टमेंट बुक करने के नाम पर जनता से 1.98 करोड़ रुपए ठगने के आरोप में 2016 में मामला दर्ज कराया गया था। मुख्य मेट्रोपॉलिटल मजिस्ट्रेट मनीष खुराना ने कहा, ‘इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि गौतम गंभीर इस मामले में लगातार पेश नहीं हो रहे हैं और यहां तक कि सुनवाई की अंतिम तारीख में छूट संबंधी अर्जी खारिज होने के बाद भी वह हाजिर नहीं हुए इसलिए आरोपी के खिलाफ 10 हजार रुपए का जमानती वारंट जारी किया जाता है।'  अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 24 जनवरी निर्धारित की है।

गौतम गंभीर ने भारत के लिए 58 टेस्ट और 147 वनडे मैच खेले। गंभीर 2007 टी-20 विश्व कप टीम का हिस्सा थे और चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ फाइनल में शीर्ष स्कोरर रहे थे। गंभीर ने 2011 विश्व कप के फाइनल में भी श्रीलंका के खिलाफ 97 रन की पारी खेली थी। भले ही इस मैच में गंभीर शतक लगाने से चूक गए थे, लेकिन उन्होंने वर्ल्ड कप भारत की झोली में डालने में अहम भूमिका निभाई थी।